Last Updated on 02/08/2023 by Sarvan Kumar
मोनू मानेसर, जिनका पूरा नाम मोहित यादव है, मानेसर के रहने वाले हैं और बजरंग दल के प्रमुख नेता होने के साथ-साथ गौ रक्षा टास्क फोर्स के सदस्य भी हैं। उनका नाम तब सुर्खियों में आया जब भिवानी में एक बोलेरो में दो कंकाल मिले, जिनकी पहचान जुनैद और नासिर के रूप में हुई, जो पशु व्यापारी थे। मृतकों के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि मोनू मानेसर ने उनका अपहरण किया, हत्या की और जला दिया। मोनू मानेसर गौ तस्करों के साथ मुठभेड़ के मामलों में शामिल रहे हैं और उन पर एक युवक को गोली मारने का आरोप है। मोनू मानेसर के सोशल मीडिया पर काफी फॉलोअर्स हैं, जहां वह हथियारों और कारों का प्रदर्शन करते हैं।
मोनू मानेसर से जुड़ी 10 अहम बातें:
1. नाम और उपनाम: मोनू मानेसर का असली नाम मोहित यादव है, और वह उपनाम “मोनू मानेसर” से जाना जाता है।
2. निवास: वह मानेसर के रहने वाले हैं, यही कारण है कि वह अपने नाम के साथ “मानेसर” लगाते हैं।
3. परिवार: मोनू के पिता का निधन हो चुका है और उसका एक छोटा भाई और बहन है। वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।
4. बजरंग दल से जुड़ाव: वह लगभग 10-12 वर्षों से बजरंग दल से जुड़े हुए हैं।
5. गौ तस्कर मामलों में संलिप्तता: मोनू हाल के वर्षों में गौ तस्करों के साथ मुठभेड़ के मामलों में शामिल रहे हैं।
6. गोली मारने का आरोप: उन पर एक युवक को गोली मारने का आरोप है और वह मामले के सिलसिले में पुलिस हिरासत से भाग रहा है।
7. गौ रक्षक: मोनू मानेसर गौ रक्षा गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
8. लव जिहाद अभियानों से जुड़े: उन्हें लव जिहाद के खिलाफ अभियानों में शामिल होने के लिए जाना जाता है।
9. गौ संरक्षण टास्क फोर्स में भागीदारी: 2015 में गौ संरक्षण अधिनियम लागू होने के बाद हरियाणा सरकार द्वारा मोनू को जिला गौ संरक्षण टास्क फोर्स का सदस्य बनाया गया था।
10. सोशल मीडिया उपस्थिति: मोनू की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महत्वपूर्ण उपस्थिति है, जहां वह हथियारों और कारों को दिखाते हुए तस्वीरें साझा करते हैं।
हरियाणा में हाल ही में भड़की हिंसा मेवात और नूंह इलाकों में मोनू मानेसर की मौजूदगी की खबर से भड़की थी। इससे दो समुदायों के बीच झड़पें हुईं, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग हताहत हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और मोनू मानेसर को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे अशांति का केंद्र माना जाता है।
