Sarvan Kumar 19/12/2018

आसमान का रंग नीला क्यों है। हम जब आंख उठाकर ऊपर आसमान देखते हैं तो यह नीला दिखाई देता है।  नीला आसमान  हमारा मन मोह लेता है। बस एक वजह है जिससे आसमान हमें नीला दिखाई देता है।  अगर इस एक फैक्टर को हटा दें तो हमारा खूबसूरत आसमान काला दिखाई देगा।

चांद पर से आसमान कैसा दिखाई देता है?

चंद्रमा के सतह से आसमान गहरा काला दिखाई देता है। दिन हो या रात चांद का आसमान हमेशा काला दिखाई देता है।

आसमान का रंग नीला क्यों है?

नीले आसमान के पीछे फिजिक्स का एक सिद्धांत काम करता है। इस सिद्धांत को जानने से पहले हम धरती के चारों ओर फैले वातावरण को समझने का प्रयास करते हैं।

धरती का एटमॉस्फेयर यानी कि वातावरण किस चीज से बना है?

एटमॉस्फेयर एयर से बना हुआ है। एयर बहुत तरह की गैस से बना होता है। मुख्य रूप से एयर में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन होता है।इसके अलावे थोड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड, हीलियम, आर्गन, मिथेन, हाइड्रोजन,क्रिप्टन इत्यादि होता है कुछ मात्रा में एटमॉस्फेयर में पानी गैस के रूप में भी रहता है।

धरती के वातावरण की ऊंचाई कितनी है?

धरती और आउटर स्पेस के बीच कोई क्लियर बाउंड्री नहीं है। वायुमंडल को धरती की सतह से 100 किलोमीटर हाइट तक फैला हुआ मानते हैं।

लाइट के स्कैटरिंग की वजह से आसमान नीला दिखाई देता है?

आसमान का रंग नीला क्यों है इसका जवाब हमें फिजिक्स के स्कैटरिंग सिद्धांत से मिलता है। सूर्य की किरणें जब धरती पर पहुंचती है तो इसे रास्ते में एटमॉस्फेयर मिलता है। एटमॉस्फेयर के वजह से केवल 75% रोशनी ही धरती पर पहुंचती है, जबकि बाकी 25 % एटमॉस्फेयर में ही रह जाता है। हवा में मौजूद गैस के कण मुख्यतः नाइट्रोजन और ऑक्सीजन लाइट के को एब्जॉर्ब कर लेते हैं और ब्लू लाइट स्कैटर कर देते हैं। इसकी वजह से आसमान हमें ब्लू दिखाई देता है।

Leave a Reply