Ranjeet Bhartiya 14/10/2018

फिल्म निर्देशक और प्रड्यूसर निष्ठा जैन ने विनोद दुआ पर गंभीर आरोप लगाये हैं। फेसबुक पर पोस्ट लिखकर ‘द वायर’ के विनोद दुआ पर लगाया है यौन उत्पीड़न का आरोप।

निष्ठा जैन ने फेसबुक पर लिखा:

यह बात जून 1989 की है. यह दिन मुझे इसीलिए याद है क्योंकि उस दिन मेरा जन्मदिन था. मेरे घर पर मेरे दोस्त और संबंधी आए हुए थे। मेरी मां छोटे से सेलिब्रेशन के लिए तैयारियां कर रहीं थीं. मैंने हाल ही में जामिया मिलिया इस्लामिया के मास कम्युनिकेशन सेंटर से ग्रैजुएट किया था। मैंने अपना पसंदीदा साड़ी पहना और पूरे आत्मविश्वास के साथ एक जॉब इंटरव्यू के लिए घर से निकल गयी।

मेरा इंटरव्यू एक फेमस टीवी पर्सनैलिटी के साथ होना था। उस समय वो एक बहुत ही पॉपुलर शो जनवाणी किया करते थे।वो राजनीतिक व्यंग्य पर एक नया शो शुरू करने वाले थे, जिसमे मेरी रुचि थी।

उन्होंने अपनी एक विशेष नकली मुस्कान से मेरा स्वागत किया। इससे पहले कि मैं सहज हो पाती उन्होंने धीमी आवाज में एक सेक्सुअल जोक सुनाना शुरू कर दिया। मुझे वो जोक तो याद नहीं लेकिन इतना याद है कि वह ऐसा नहीं था जिसपर हंसी आये पर काफी गंदा था। मेरे चेहरे पर गुस्सा साफ देखा जा सकता था। मैं वहां अपने चेहरे पर गुस्सा लिए बैठी। इसके बाद उन्होंने मुझे जॉब के बारे में समझाया। उन्होंने मुझसे सैलेरी एक्सपेक्टेशन के बारे में पूछा। उन दिनों ज्यादातर ग्रैजुएट्स की सैलरी 5000 हुआ करती थी सो मैंने 5000 कह दिया। उन्होंने मेरी तरफ देखा और कहा, “तुम्हारी औकात क्या है”।

मैंने सोचा ऐसा क्या हुआ और यह बात किस बारे में पूछा जा रहा है? इससे पहले भी मैंने यौन उत्पीड़न का सामना किया था लेकिन इस तरह का अपमान मेरे लिए एक नया अनुभव था। मैं अवाक् और चकित थी।

जब मैं घर पहुंची तब मेरे आंखों में आंसू थे। मेरा जन्मदिन बर्बाद हो चुका था। मैंने अपने भाई और दोस्तों को इसके बारे में बताया। इस घटना के कुछ दिनों बाद बतौर वीडियो एडिटर मेरी नौकरी Newstrack में लग गई।

मुझे नहीं पता इस बारे में उस इंसान को कैसे पता लग गया। उसके मेरे ऑफिस में कुछ दोस्त थे जो उसे यह सूचना देते थे कि कब मैं अपने ऑफिस में देर तक काम करती हूं।

एक रात जब मैं देर तक काम करने के बाद नीचे पार्किंग में आई तो वह वहां खड़ा था। उसने मुझसे कहा वह मुझसे बात करना चाहता है। उसने मुझे एक कार में बैठने से के लिए कहा। मुझे गाड़ियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, वह एक काली सी SUV या कार थी।

मुझे लगा कि शायद वो अपने पिछले खराब व्यवहार के लिए मुझसे माफी मांगना चाहता है। मैं उस गाड़ी में बैठ गई। मैं अभी संभल भी नहीं पाई थी कि उसने मेरे चेहरे को चूमना शुरू कर दिया। मैं किसी तरह से उस गाड़ी से निकल पाई और ऑफिस के कार से वहां से निकल गई।

मैंने इसके बाद आने वाले कई रातों तक उस आदमी को पार्किंग में मौजूद देखा। जब मैं उसे पार्किंग में देखती थी तो मैं वापस चली जाती थी और तब तक इंतजार करती थी जब तक कि कोई दूसरा भी साथ में ऑफिस के कार से जाने के लिए तैयार ना हो जाए । कुछ दिनों बाद उसने मेरा पीछा करना बंद कर दिया। वह आदमी था-विनोद दुआ!

मैंने अक्षय कुमार के बारे में विनोद दुआ के बयान के बारे में पढ़ा। तब मैंने खुद से कहा कि शायद वह भूल गए हैं वह खुद भी कम SEXIST , MISOGYNIST ( औरतों को घटिया समझने वाला और औरतों से द्वेष रखने वाला), डरावने , यौन उत्पीड़न करने वाले और संभावित रेपिस्ट थे। अगर उन्होंने यह मेरे साथ किया तो मुझे यकीन है ऐसा उसने दूसरी औरतों के साथ भी किया होगा। आज वह प्रोग्राम करके दुनिया को बताते हैं कि सेक्सुअल हरासमेंट के क्या मतलब है? उन्हें यह सब बातें छोड़कर अपने काले अतीत को देखना चाहिए।

मैंने टि्वटर पर एक थ्रेड देखा। वरुण ग्रोवर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाया गया था। विनोद दुआ वरुण ग्रोवर पर लगे आरोपों को गलत बता रहे थे। मैं समझ गई कि उसके दिमाग में क्या पक रहा है।शायद वह समझ गए थे कि उनके बारे में भी यौन उत्पीड़न के मामले सामने आने वाले हैं।
मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर विनोद दुआ मेरे इन आरोपों का खंडन करते हैं। वह हमेशा से एक अवसरवादी रहे हैं। सॉरी मल्लिका दुआ, तुम्हारे पिता भी उसी हॉल ऑफ शेम से संबंध रखते हैं। #MeToo/मी टू।

कौन हैं निष्ठा जैन?

निष्ठा जैन एक फिल्म निर्देशक और प्रड्यूसर हैं। निष्ठा जैन ने दिल्ली के कार्मेल कान्वेंट से स्कूल कि शिक्षा प्राप्त किया। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से पढाई करने के बाद निष्ठा जैन ने जामिया मिलिया इस्लामिया के मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर से ग्रेजुएट किया। बाद में उन्होंने फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट इंडिया से डायरेक्शन का कोर्स किया और अभी वह फ्रीलांसर की तरह काम करती हैं।

कौन हैं विनोद दुआ?

विनोद दुआ एक जाने-माने टेलीविजन पत्रकार है. फिलहाल विनोद दुआ ‘द वायर’ पर ‘जन की बात’ नाम का प्रोग्राम करते हैं. 2008 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने उन्हें पत्रकारिता के लिए पदम श्री से सम्मानित किया था।

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