Sarvan Kumar 05/01/2019

सुपर ब्लड मून क्या है? आखिर इस दिन क्या होगा? ऐसे कई सवाल आपके मन में उठ रहे होंगे. जानिए इस घटना की पुरी जानकारी . 21 जनवरी, 2019 को एक अद्भुत खगोलीय घटना होने वाली है. इसका नाम है सुपर ब्लड मून. इसे ब्लड वुल्फ के नाम से भी जाना जाता है.

कैसा दिखेगा चांद इस दिन? सुपर ब्लड मून क्या है?

इस रात चांद तांबे जैसा लाल दिखाई देगा, इसीलिए इसे सुपर ब्लड मून कहा जाता है. इस रात चांद अपने सबसे बड़े आकार में दिखाई देगा. आम दिनों के अलावे यह 14 प्रतिशत बड़ा दिखाई देगा. इस रात चांद 30% ज्यादा चमकीला दिखाई देगा.सुपर ब्लड मून को ही सुपर मून या पूर्ण चंद्रमा कहते हैं.

कहां कहां दिखाई देगा सुपर ब्लड मून?

पूर्ण चंद्र ग्रहण के इस घटना को अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में देखा जा सकेगा. मध्य प्रशांत महासागर के ऊपर भी इस ग्रहण को देखा जा सकता है.

क्या 2019 जनवरी का सुपर ब्लड मून भारत में दिखाई देगा?
नहीं, इस घटना को भारत में नहीं देखा जा सकता है.

इस रात चंद्रमा और पृथ्वी के बीच कितनी रहेगी दूरी?
इस रात चंद्रमा पृथ्वी से सबसे ज्यादा नजदीक होगा .यह दूरी 363000 KM का होगा. जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर होता है तो यह दूरी 405000 KM होती है.

क्यों हो जाता है चंद्रमा का तांबे जैसा लाल रंग? सुपर ब्लड मून के क्या कारण है?

यह एक प्रकार का चंद्र ग्रहण होता है. जब पृथ्वी सूरज और चांद के बीच आ जाती है तो यह ग्रहण लगता है. होता यह है कि जब धरती चंद्रमा और सूरज के बीच होता है तो सूर्य का पूरा प्रकाश चंद्रमा पर नहीं पड़ता. मतलब सूर्य की रोशनी धरती से होकर चंद्रमा पर पड़ती है. इस तरह से पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है.

एक बात और ध्यान देने योग्य है, पृथ्वी और चंद्रमा के बीच एटमॉस्फेयर होता है. एटमॉस्फेयर भी सूर्य की रोशनी को स्कैटर करता है. यह स्कैटर्ड लाइट जब चंद्रमा पर पड़ता है तो चंद्रमा का रंग बदल जाता है.

कितने देर का होगा और कब दिखाई देगा?

यह ग्रहण 8 बज कर 7 मिनट और 34 सेकंड पर दिखाई देगा. यह ग्रहण अगले दिन 1 बजकर 7 मिनट और 3 सेकंड तक बना रहेगा.

चंद्र ग्रहण के 7 फेज होते हैं. सुपर ब्लड मून या पूर्ण चंद्रग्रहण  इसी में से एक फेज होता है.

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