Sarvan Kumar 27/04/2018

करेला औषधीय लाभ से भरा एक सब्जी है. हरा करेला पके हुए सफेद पीले रंग के करेले की तुलना में ज्यादा लाभदायक है. अत: हमेशा हरे रंग के करेले का ही प्रयोग करना चाहिए. करेले का एक और खास बात यह है की सुखाकर रखने पर भी इसके औषधिय गुण नष्ट नहीं होते हैं. कच्चा, हरा ,छोटे साइज़ का करेला अधिक लाभकारी होता है इसलिए करेले के जूस सब्जी बनाने में इसी का उपयोग करना चाहिए. करेला भूख और पाचनशक्ति को भी बढ़ाता है.

यदि आप करेले के सभी गुणों का लाभ उठाना चाहते हैं तो इसे इसके प्राकर्तिक रूप में ही खाय़ें. इसमें किसी प्रकार की अन्य चीज नही मिलायें. देखा गया है की बहुत लोग करेले का कड़वापन दूर करने के लिए इसे छीलकर, काटकर, नमक लगाकर धोकर खाने का प्रयास करते हैं. इस प्रकार से खाए जाने वाले करेले के सभी गुण नष्ट हो जाते हैं और आपको पूरा लाभ नही मिलता है.

करेले का कड़वापन ही रोगों को दूर भगाता है.  कड़वेपन के कारण ही मधुमेह (Diabetes) रोगियों को लाभ मिलता है. करेले में फास्फोरस काफी मात्रा में पाया जाता है इसीलिए यह दाँत, मस्तिष्क, हड्डी, ब्लड और अन्य शारीरिक अंगो के लिए जरुरी फास्फोरस की पूर्ति करता है.
करेला का जूस कफ, पीलिया, मधुमेह, और बुखार आदि रोगों में लाभदायक है. यह रक्त साफ़ करता है, इसका जूस संक्रमण दूर करने और शरीर में गर्मी बढ़ाने वाला होता है.

करेले के जूस बनाने की विधि/ (Bitter Gourd Juice Recipe )

सबसे पहले हरे ताजें करेले लें, उसके बीज निकाल दें फिर उसे जूसर में डालकर जूस बना लें. जूस छानने के लिए बड़े छेदों वालें छलनी का प्रयोग करें जिससे ज्यादा से ज्यादा करेले के रेशे (Fibre) जूस में मिले रहें. 200 मि.ली. की मात्रा में दिन में तीन बार जूस पियें. प्रत्येक बार ताजा जूस ही निकाल कर पीना ज्यादा फायदेमंद है. आप चाहें तो इसमें स्वादानुसार नींबू , सेंधा नमक ,और काली मिर्च मिला सकते हैं.

करेले के जूस के 10 फायदे

1. दर्द दूर करके शरीर में शक्ति पैदा करता है

करेला का रस दर्द दूर करता है, शरीर में शक्ति पैदा करता है. करेले के जूस को खाली पेट पीना अधिक लाभदायक है.

2. खाँसी, कफ, गले में खराश दूर करता है करेला

यदि आपको खाँसी, कफ, गले में खराश की बीमारी हो तो बिना घी या तेल से बनी करेले की सब्जी खाएं. आप स्वाद के अनुसार इसमें सेंधा नमक और पिसी काली मिर्च भी डाल सकते है.

3. जोड़ों में दर्द

करेले के पत्तों के जूस या करेले के जूस से जोड़ों पर मालिश करने से दर्द से आराम मिलता है. करेले की चटनी पीसकर गठिया के सूजन पर लेप करें आराम मिलेगा.

4. चर्म रोग-त्वचा के रोगों में

त्वचा में खुजली होने पर करेले के जूस एक चौथाई कप और इतना ही पानी मिलाकर रोजाना दो बार पियें . करेले के जूस में 10 बूंद लहसुन का जूस तथा चार चम्मच सरसों का तेल मिलाकर मालिश करें. करेले के जूस इस प्रकार पीने से घमौरियाँ, फुंसियाँ ठीक हो जाती हैं.

5. रक्तशोधक

करेले के जूस में थोड़ा पानी मिलाकर रोजाना कुछ दिनों तक सेवन करने से शरीर का दूषित रक्त साफ हो जाता है. इससे पाचनशक्ति, यकृत की शक्ति बढ़ती है. करेले के 15 पत्ते धोकर छोटे-छोटे टुकड़े करके एक गिलास पानी में उबालें. आधा पानी रहने पर इसे छान कर पीने से रक्त साफ होता है.

6. एसिडिटी

आधा कप करेले के जूस को चौथाई कप पानी में एक चम्मच पिसा हुआ आंवला पाउडर मिलाकर रोजाना तीन बार पीने से एसिडिटी में लाभ होता है.

7. मुंह के छाले

एक गिलास पानी में आधा कप करेले के जूस को लेकर जरा-सी फिटकरी मिलाकर रोजाना दो बार कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं. एक चम्मच जूस में थोड़ी सी चीनी मिलाकर चार बार पियें.

8. मोटापा

आधा कप करेले का रस और आधा कप पानी मिलाकर और उसमें एक नींबू निचोड़कर प्रात: खाली पेट पीते रहने से मोटापा कम होता है.

9. कब्ज़ 

करेला कब्ज़ दूर करता है. करेले के जूस के 10 बूंद , चार चम्मच पानी में मिलाकर प्रतिदिन चार बार देने से कब्ज़ दूर हो जाते हैं.

10 बवासीर में करेले के जूस फायदे

करेले के जूस को 5-8 ग्राम की मात्रा में लेकर उसमे थोड़ी सी चीनी मिलाकर लेने से बवासीर में होने वाले रक्तस्त्राव रूक जाता है . करेले की जड़ को घिस कर मस्सो पर लगाने से Piles से राहत मिलती है.

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