Sarvan Kumar 06/07/2020

भारत और चीन बॉर्डर पर जारी विवाद में भारत को एक बड़ी जीत हासिल हुई है. जानकारी के मुताबिक, भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास गलवान वैली में जहां भारतीय जवानों की चीनी सैनिकों के साथ झड़प हुई थी उस स्थान से चीनी सेना 1-2 किलोमीटर पीछे हट गई है. इतना ही नहीं, चीनी सैनिक अपने टेंट भी पीछे हटा रहे हैं. साथ ही चीनी सैनिक अपने  बख्तरबंद गाड़ियां भी वापस ले जा रहे है.

भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद के बीच एक और अच्छी खबर आई है. 5 जुलाई को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दो घंटे तक बात हुई है. इस बातचीत में सीमा पर तनाव कम करने, स्थिरता कायम करने, क्षेत्र में शांति और स्टेबिलिटी बनाए रखने तथा भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो इस बारे में विस्तार से चर्चा की गई है. इस बातचीत के बाद ही चीनी सैनिक पीछे हटी है.

विदेश मंत्रालय इस बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि दोनों पक्षों ने सहमति जताई है कि एक्चुअल लाइन ऑफ कंट्रोल पर जारी गतिरोध को जल्द से जल्द समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. दोनों पक्ष इस बात पर भी राजी हुए हैं कि भारत-चीन सीमा पर चरणबद्ध तरीके से टकराव की स्थिति को कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए तथा एक्चुअल लाइन ऑफ कंट्रोल का सख्ती से सम्मान किया जाना चाहिए. साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच शांति भंग ना हो तथा कोई अप्रिय घटना से बचने के लिए मिलकर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है.

बता दें कि 3 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक लद्दाख का दौरा कर करके चीन को कड़ा संदेश दिया था. इस दौरान प्रधानमंत्री ने वहां की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के साथ-साथ सेना के सीनियर अधिकारियों से मुलाकात भी किया था. प्रधानमंत्री इस दौरान चीन के साथ हुए झड़प में घायल सेना के जवानों से भी मिले थे और उनकी हौसला अफजाई किया किया था. प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि भारत कमजोर नहीं. चीन अपने विस्तारवादी नीतियों को विराम दें क्योंकि विस्तारवाद का युग खत्म हो गया है. वर्तमान युग विकास का युग है. इतिहास साक्षी है कि विस्तारवादी ताकतों को अंत में हारना पड़ा है या फिर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है. प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद चीन बौखलाया हुआ है.

बता दें कि पिछले 7-8 हफ्तों से भारत और चीन के बीच एक्चुअल लाइन ऑफ कंट्रोल पर, पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी के पास तनाव की स्थिति बनी हुई है. 15 जून को चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें भारत के 20 सैनिकों ने अपना बलिदान दिया था. वहीं, इस दौरान चीन के 40 सैनिक मारे गए थे.

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