Sarvan Kumar 22/04/2020

कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ रहे कोरोना योद्धाओं पर लगातार हो रहे  हमले को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए मोदी सरकार ने कठोर निर्णय लिया है. अब डॉक्टरों पर हमला करने वालों को 3 महीने से 7 साल तक की सजा मिल सकती है. संपत्ति नुकसान करने पर नुकसान से दुगनी रकम वसूली जाएगी.

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई. इस बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण अध्यादेश पास किया गया है. इस अध्यादेश में स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सजा का प्रावधान है. इस अध्यादेश के पास होने के बाद अगर कोई अराजक तत्व अब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करता है तथा जान-माल का नुकसान पहुंचाता है तो उस पर कठोर कार्यवाही की जाएगी.

कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कई जगह डॉक्टरों पर जानलेवा हमले की खबर आ रही है. सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी. सरकार इसके लिए एक अध्यादेश अध्यादेश लाई है जिसके अंतर्गत कड़ी सजा का प्रावधान है.

अध्यादेश के मुख्य बिंदु:

▪ स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों को जमानत नहीं मिलेगी अर्थात स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला गैर-जमानती अपराध के श्रेणी में आएगा.
▪ पूरे मामले की जांच प्रक्रिया 30 दिनों के अंदर पूरी की जाएगी. 1 साल के अंदर फैसला आएगा.
▪ स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों के लिए 3 महीने से लेकर 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है.
▪ गंभीर मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा हो सकती है.
▪ हमला करने वालों को पर 50 हजार से 2 लाख तक जुर्माना लग सकता है. वहीं गंभीर मामलों में जुर्माने की रकम 1 लाख से 7 लाख तक हो सकती है.
▪अगर किसी स्वास्थ्यकर्मी के वाहन, संपत्ति या डॉक्टरों के क्लीनिक को नुकसान पहुंचाया जाता है तो नुकसान के मार्केट वैल्यू से दुगनी रकम वसूल की जाएगी.

कोरोना संकट के दौरान डॉक्टरों  लगातार हो रहे जानलेवा हमले को लेकर डॉक्टरों का एक प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से बात किया था. इस बातचीत के दौरान गृह मंत्री ने डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि उनके खिलाफ हो रहे हिंसक घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके बाद सरकार ने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए इस कठोर अध्यादेश को लाने का फैसला किया.

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