Sarvan Kumar 09/06/2022
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Last Updated on 09/06/2022 by Sarvan Kumar

जयपुर के शासकों का संबंध महान कछवाहा राजपूत वंश से है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, यह भगवान विष्णु के अवतार और अयोध्या के राजा श्री राम और माता सीता के जुड़वा पुत्रों में से एक कुश के वंशज हैं. जयपुर राज्य को पहले ढूंढाड़ (दौसा) या आमेर के नाम से जाना जाता था. ढूंढाड़ राज्य की स्थापना 1093 में दूल्हे राय (दुल्हा राव) ने की थी, जो अयोध्या के राजा नल के वंशज थे. 1300 से 1727 तक राज्य को आमेर के रूप में जाना जाता था. जब जयपुरा नामक एक नई राजधानी बनाई गई थी, तब राज्य का नाम बदलकर जयपुर कर दिया गया था. जय सिंह II (3 नवंबर 1681 – 21 सितंबर 1743) आमेर साम्राज्य के 29वें कछवाहा राजपूत शासक थे. इनका जन्म कछवाहा राजपूतों की राजधानी आमेर में हुआ था. यह 31 दिसंबर 1699 को अपने पिता राजा बिशन सिंह की मृत्यु के बाद 11 साल की उम्र में आमेर के शासक बने. महाराजा सवाई जय सिंह के नाम से लोकप्रिय जय सिंह II ने हीं बाद में जयपुर के किलेबंद शहर की स्थापना की और इसे अपनी राजधानी बनाया था. इन्हें जयपुर का पहला राजा भी कहा जाता है. आइए जानते हैं जयपुर के राजा की वंशावली के बारे में.

जयपुर के राजा की वंशावली

•19 दिसंबर 1999 – 21 सितंबर 1743: सवाई जयसिंह II (जन्म. 1688 – मृत्यु.1743)

•21 सितंबर 1743 – 25 दिसंबर 1750: सवाई

ईश्वरी सिंह (जन्म. 1721 – मृत्यु.1750)

•1 जनवरी 1750 – 4 मार्च 1768: सवाई माधो सिंह I (जन्म. 1728 – मृत्यु.1768)

•4 मार्च 1768 – 16 अप्रैल 1778: पृथ्वी सिंह II

(जन्म. 1762 – मृत्यु.1768)

•16 अप्रैल 1778 – 1 अगस्त 1803: सवाई प्रताप सिंह (जन्म. 1764 – मृत्यु.1803)

•1 अगस्त 1803 – 21 दिसंबर 1818: सवाई जगत सिंह II (जन्म. 1784 – मृत्यु.1818)

•22 दिसंबर 1818 – 30 अप्रैल 1819: सवाई मानसिंह II [=नरवर के राजकुमार मोहन सिंह] (जन्म. 1809- मृत्यु.18..)

•25 अप्रैल 1819 – 6 फरवरी 1835: सवाई जयसिंह III (जन्म. 1819- मृत्यु.1835)

•6 फरवरी 1835 – 19 सितंबर 1880: सवाई राम सिंह II (जन्म. 1833- मृत्यु.1880)

•19 सितंबर 1880 – 7 सितंबर 1922: सवाई माधो सिंह II (जन्म. 1861- मृत्यु.1922)

•7 सितंबर 1922 – 15 अगस्त 1947: सवाई मानसिंह II ((जन्म. 1911- मृत्यु.1970)

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