Ranjeet Bhartiya 25/03/2020

एक तरफ जहां सारा विश्व करोना महामारी से लड़ने में जुटा हुआ है वही कट्टरपंथी ऐसे हालात में भी आतंकी वारदात को अंजाम देने से पीछे हट नहीं रहे. खबर आ रही है कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक गुरुद्वारे पर आतंकी हमला किया गया है. अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री ने भी इस आतंकी हमले की पुष्टि की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुमनाम बंदूकधारियों और सुसाइड बॉम्बर द्वारा किए गए इस आतंकी हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई है. पुलिस घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और दोनों तरफ से फायरिंग जा रही है. सुरक्षाबलों ने गुरुद्वारे को चारों तरफ से घेर लिया है और पहली मंजिल को खाली करवा दिया गया है.

इस आतंकी हमले के प्रत्यक्षदर्शी अल्पसंख्यक सिख समुदाय के सांसद नरेंद्र सिंह खालसा ने जानकारी देते हुए बताया कि कि हमले के वक्त वह गुरुद्वारे के पास ही थे. वह किसी तरह से जान बचाकर भागने में कामयाब रहे. खालसा ने बताया कि गुरुद्वारा जब पूरी तरह से भर गया तब आतंकियों ने इस वारदात को अंजाम दिया. 150 से 300 श्रद्धालु गुरुद्वारा में फंसे हो सकते हैं. फंसे हुए लोगों का फोन ऑफ बताया जा रहा है जिससे उनके परिवार वालों में और चिंता बढ़ गई है.

जानकारी के मुताबिक, गुरुद्वारे में प्रार्थना के लिए लोग इकट्ठा हुए थे और अभी भी वहां काफी लोग फंसे हुए हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि कुछ श्रद्धालुओं को सुरक्षित वापस निकाल लिया गया है.

अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक आरियन ने पत्रकारों को सूचना दी है कि यह हमला सुबह 7:45 पर पर शुरू हुआ. इस हमले के पीछे किस आतंकवादी संगठन का हाथ है यह भी पता नहीं चला है. हालांकि आशंका जताई जा रही इस आतंकी हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट का हाथ हो सकता है.

आपको बता दें कि अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हमला कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी अल्पसंख्यकों पर हमले होते आए हैं. अफगानिस्तान में केवल दो ही गुरुद्वारे हैं एक काबुल में और दूसरा जलालाबाद में. लगभग 300 सिख परिवार अफगानिस्तान में रहता है जिन्हें लगातार धार्मिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है. धार्मिक प्रताड़ना से बचने के लिए सिखो और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोग देश छोड़ रहे और भारत और अन्य जैसे देशों में शरण ले रहे हैं.

Leave a Reply