Ranjeet Bhartiya 07/04/2020

भारत में कोरोना संक्रमण अब रफ्तार पकड़ने लगा है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है और कि तबलीगी जमात के कारण कोरोना संक्रमण के मामले 4.1 दिन में दोगुने होने लगे हैं, जबकि पहले ऐसा 7.4 दिन में होता था.

हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी बहुत तेजी से फैल रहा है. राज्य में अब तक 18 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. जिनमें से 11 मामले ऐसे हैं जो जमातियों से जुड़े हुए हैं. कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण राज्य प्रशासन भी सकते में है. इस महामारी के रोकथाम के लिए कानून को सख्त और करते हुए राज्य प्रशासन ने निर्णय लिया है कि कोई कोरोना संदिग्ध अगर जानकारी छुपाता है तो उस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाएगा. विशेषकर ऐसे लोग जिनकी विदेश यात्रा की हिस्ट्री है या निजामुद्दीन से लौटे हैं। तबलीगी जमात के लोग अगर सूचना छुपाते हैं तो उन पर हत्या के प्रयास का अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा.

सोमवार को हिमाचल प्रदेश के DGP सीताराम मरडी ने चेतावनी देते हुए संदेश दिया है कि निजामुद्दीन से लौटने वाले तबलीगी जमात के लोग तथा अन्य लोग जो विदेश या बाहर से आए हैं, शाम 5:00 बजे तक खुद प्रशासन को जानकारी दें. अभी भी वक्त है निजामुद्दीन से लौटे तबलीगी जमात के लोग म तुरंत जानकारी दें, उन्हें क्वॉरेंटाइन किया जाएगा. अगर जानकारी छुपाने की वजह से कोरोनावायरस का कम्युनिटी ट्रांसफर हुआ तो इसकी जिम्मेदारी तबलीगी जमात के लोगों तथा हर जिले में लगे तबलीगी जमात के अमीर पर होगी. अगर हमें पता चला कि जानकारी छुपाने के कारण कोरोनावायरस का कम्युनिटी ट्रांसफर हुआ है तो डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट तथा आईपीसी की धाराओं का प्रयोग करके अटेम्प्ट टो मडर (307) केस लगाया जाएगा. अगर कोरोनावायरस के कारण किसी की मृत्यु होती है तो जानकारी छुपाने वाले पर धारा 302 के तहत मर्डर का मुकदमा चलाया जाएगा . हम जो चेतावनी देते हैं उसको लागू भी करते हैं. यह हमारी आखरी चेतावनी है. इसलिए जानकारी छुपाने पर तबलीगी जमात के अमीर के ऊपर भी केस चलाया जाएगा.

प्रशासन के चेतावनी का असर भी दिखने लगा है सोमवार शाम 5:00 बजे से पहले 52 कोरोना संदिग्धों ने अपनी पहचान बताई है. जिन लोगों ने अपनी पहचान बताई है उनमें से ज्यादातर लोग दूसरे राज्यों से हिमाचल में आए हैं. DGP के चेतावनी के बाद 12 जमातियों ने भी खुद सामने आकर प्रशासन को जानकारी दिया है.

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