Sarvan Kumar 08/04/2020

शाहजहांपुर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. रोहिलखंड क्षेत्र के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित यह जिला बरेली मंडल के अंतर्गत आता है. शाहजहांपुर शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है.यह जिला अपने गौरवशाली इतिहास, कालीन उद्योग और सर्राफा बाजार के लिए प्रसिद्ध है. यह ऐतिहासिक शहर “शहीदों के नगरी” और “शहीद गढ़” के नाम से प्रसिद्ध है. 1925 को काकोरी रेलवे स्टेशन के नजदीक ब्रिटिश खजाना लूट लिया गया था. 26 दिसंबर 1925 को पूरे भारत से काकोरी षड्यंत्र के मामले में 25 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. जिसमें से राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, बनारसी लाल, लाला हरगोविंद, प्रेम कृष्ण खन्ना, इंदु भूषण मित्रा, राम दत्ता, मदन लाल और रामकरण शुक्ला शाहजहांपुर जिले के थे.

नामकरण और संक्षिप्त इतिहास

शाहजहांपुर की स्थापना 1647 में दिलेर खान और बहादुर खान के द्वारा किया गया था जो मुगल सेना में सैनिक रहे दरिया खान के पुत्र थे. जिले का नाम मुगल बादशाह शाहजहां के नाम पर शाहजहांपुर रखा गया.

शाहजहांपुर जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले शाहजहांपुर बरेली जिले का हिस्सा हुआ करता था। 1813 में इसे बरेली जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

शाहजहांपुर जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
यह जिला कुल 6 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-पीलीभीत जिला
दक्षिण में-फर्रुखाबाद जिला और हरदोई जिला
पूरब में-लखीमपुर खीरी जिला
पश्चिम में-बरेली जिला और बदायूं जिला
समुद्र तल से ऊंचाई
शाहजहांपुर शहर समुद्र तल से लगभग 194 मीटर (600 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 4388 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां:
शाहजहांपुर शहर गर्रा और खन्नौत नदी के संगम पर स्थित है.
जिले के प्रमुख नदियां हैं: रामगंगा, गंगा, देवहा, गोमती, गर्रा और खन्नौत.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

जिले की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण स्थान है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, बार्ली, दलहन (मटर, चना, अरहर, मसूर और मटर), तिलहन (सरसों, तिल और मूंगफली), आलू, गन्ना और सब्जियां.

पशुपालन

जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण स्थान है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भेड़, बकरी, सूअर, भैंस और पोल्ट्री.

मछली पालन

जिले के नदियों और जलाशयों से मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: शीशम, अर्जुन, सागौन, यूकेलिप्टस, आम, जामुन, बबूल और नीम.

खनिज

यह जिला खनिज संपदा से संपन्न नहीं है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: बालू, कंकर और क्ले.

उद्योग , व्यापार और वाणिज्य

जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: कालीन उद्योग, कृषि आधारित उद्योग, कपड़ा उद्योग, रेडीमेड गारमेंट उद्योग और फर्नीचर उद्योग.
यह जिला कृषि उत्पादों का व्यापार केंद्र है. जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: कृषि उत्पाद, चावल, आलू, अनाज और सब्जियां. जिले में आयात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: पेट्रोलियम, कृषि उपकरण, दवाई, नमक, उर्वरक और रोजमर्रा के सामान.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: बरेली
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 15 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
इस जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है:
पुवायां, शाहजहांपुर सदर, तिलहर, कलान और जलालाबाद.
विकासखंड (प्रखंड):
जिले को कुल 15 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है: खुटार, बंडा, पुवायां, सिंधौली, भावल खेड़ा, ददरौल, निगोही, कटरा खुदागंज, जैतीपुर, तिलहर, मदनापुर, कांठ, जलालाबाद, मिर्जापुर और कलान.
पुलिस थानों की संख्या: 23
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 4
नगर पंचायतों की संख्या: 6
ग्राम पंचायतों की संख्या: 1077
गांवों की संख्या: 2328
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, शाहजहांपुर
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 6
शाहजहांपुर जिले के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: कटरा, जलालाबाद, तिलहर, पुवायां, शाहजहांपुर और ददरौल

शाहजहांपुर जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 30.07 लाख
पुरुष: 16.06 लाख
महिला: 14.00 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 18.00%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 685
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.50%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 872
औसत साक्षरता: 59.54%
पुरुष साक्षरता: 68.18%
महिला साक्षरता: 49.57%
शहरी जनसंख्या: 19.76%
ग्रामीण जनसंख्या: 80.24%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 80.24% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 17.55% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.15%, सिख 1.70%, बौद्ध 0.08% और जैन 0.01% हैं.
भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी और पंजाबी.

शाहजहांपुर जिले में आकर्षक स्थल

शाहजहांपुर जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

हनुमंत धाम

खन्नौत नदी के बीचों-बीच टापू पर स्थित यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जिले का प्रमुख आकर्षण है. यहां का मुख्य आकर्षण भगवान हनुमान की 104 फीट ऊंची प्रतिमा है.

बाबा विश्वनाथ मंदिर

भगवान शिव को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर टाउन हॉल शाहजहांपुर में स्थित है.

कालीबाड़ी मंदिर,

माता काली को समर्पित यह लगभग डेढ़ सौ साल पुराना यह ऐतिहासिक मंदिर खिरनीबाग मुहल्ले में स्थित है.

शाहजहांपुर कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

शाहजहांपुर जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: पंतनगर एयरपोर्ट (Code: PGH). यह हवाई अड्डा शाहजहांपुर से लगभग 175 किलोमीटर की दूरी पर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में जिले में स्थित है. दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ (Code: LKO). यह हवाई अड्डा शाहजहांपुर से लगभग 178 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित है.

रेल मार्ग

शाहजहांपुर रेलवे के नेटवर्क के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, देश की राजधानी दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन
(Code: SPN) और रोजा जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: ROZA).

सड़क मार्ग

शाहजहांपुर सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
नेशनल हाईवे 24 (NH 24) और स्टेट हाईवे 29 ( SH 29) जिले से होकर गुजरती है.

शाहजहांपुर जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 33वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 57वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 62वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: पुवायां (671).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: जलालाबाद (374)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 240.

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