Pinki Bharti 28/05/2018

शादीशुदा जोड़ों के लिए फैमिली प्‍लानिंग करना बेहद महत्वपूर्ण कदम होता है. भारत में आज हर 6 में से एक जोड़ा जनन क्षमता से जुड़ी किसी न किसी समस्या से पीड़ित है. कई जोड़ों के लिए बच्चा पैदा करना मुश्किलों और तनाव भरा अनुभव बन जाता है. प्रजनन सम्बंधित कुछ समस्याओं का इलाज संभव नहीं है फिर भी कुछ तरीकों को अपना कर नई जिंदगी की शुरुआत की जा सकती है. अगर आपके करीबी लोगों में से कोई लंबे समय से प्रेग्‍नेंट होना चाह रहा है लेकिन सफलता नहीं मिल रही है तो विशेषज्ञों की ये महत्वपूर्ण सुझाव अपना कर गर्भधारण को आसान बनाया जा सकता है. आइये जानते हैं प्रेग्नेंट होने के लिए क्या खाना चाहिए और जल्दी प्रेग्नेंट कैसे होंं?

आहार में शामिल करें हेल्‍दी खाना

आहार प्रजनन क्षमता को काफी प्रभावित करता है. प्रजनन क्षमता बनाये रखने के लिए ज़रूरी है संतुलित आहार लेना. खाने में विटामिन और आयरन से भरपूर सब्जियां जैसे पालक और ब्रोकली शामिल करना चाहिए. साथ ही साबुत अनाज जैसे  गेहूं, ब्राउन राइस और बाजरे को भी आहार में शामिल करें. इसके अलावे पनीर, अंडा, मछली, सोयाबीन जैसे प्रोटीन वाले खाने को भी शामिल करें. प्रोसेस्ड फूड, मैदा और शक्कर से दूरी बनाकर रखें.

सीफूड को अपनी डाइट में शामिल करें

समुद्री भोजन से गर्भवती होने तथा ‘सैक्सुअल’ रूप से सक्रिय होने के अलावा प्रजनन संबंधी कई लाभ हैं. प्रेग्नेंसी में हो रही है देरी तो सीफूड को अपनी डाइट में शामिल करें. जानकारी के मुताबिक रोज़ाना खाने में समुद्री फूड को शामिल करने से लोग सेक्सुअली रूप से अधिक सक्रिय होते हैं और महिलाएं जल्द गर्भधारण करती हैं.

जंक फ़ूड से बचें

कम मात्रा में फल और फास्ट फूड अधिक खाने वाली महिलाओं में एक साल के अंदर गर्भधारण की संभावना काफी कम रहती है. फल कम खाने और जंक फूड से पेट भरने वाली महिलाये बाँझ हो सकती है.

कैफीन और अल्कोहल के सेवन से बचें

कम कैफीन लेना और अल्कोहल से दूरी बनाना भी प्रेग्‍नेंसी के अवसरों को बढ़ा सकता है. ज्‍यादा मात्रा में कैफीन और अल्कोहल से इर्रेगुलर पीरियड्स और ओवेल्यूशन में कमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

जल्दी प्रेग्नेंट कैसे हों?

फिट और सक्रिय रहें

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और खुद को एक्टिव रखें. एक्सरसाइज करने से और खुद को एक्टिव रखने से हार्मोनल बैलेंस, ब्‍लड फ्लो ठीक रहता है जिससे प्रेग्‍नेंट होने की संभावना बढ़ जाती
है. कार्डियो एक्सरसाइज जैसे ब्रिस्क वॉक,लाइट जॉगिंग, रनिंग, साइकिलिंग और स्वीमिंग ज़रूर करें.

फर्टिलिटी मॉनिटर का इस्‍तेमाल करें

महिलाओं के हर पीरियड्स सर्किल के दौरान केवल कुछ ही दिन ऐसे होते हैं, जब प्रेग्‍नेंट की संभावना होती है.हर महिला का सर्किल अलग होता है जो कि उनमें हार्मोन्स के लेवल के हिसाब से कंट्रोल होता है इसलिए फर्टिलिटी मॉनिटर का इस्‍तेमाल करने से बहुत बड़ी मदद मिल सकती है. कपल्‍स के लिए यह जरूरी है कि वे अपने प्रेग्‍नेंट होने के सबसे ज्‍यादा संभावना वाले दिनों को लेकर सजग रहें.
इनिटो, डेजी जैसे ब्रांड्स के फर्टिलिटी मॉनिटर आजकल बहुत लोकप्रिय हैं.

तनाव-चिंता से बचें

तनाव-चिंता फर्टिलिटी हार्मोन्स की रिलीज को घटाते हैं और ओवेल्यूशन के प्रॉसेस में रुकावट डाल सकते हैं. टेंशन से बचने के लिए मेडिटेशन या योग करें. अपनी भावनाओं और समस्याओं को अपने जीवनसाथी, दोस्तों या परिवार संग साझा करें, इससे मन हल्का होता है.

 

 

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