Sarvan Kumar 23/03/2020

करोना के प्रकोप को देखते हुए दुनिया भर के धार्मिक स्थलों को बंद किया जा रहा है ताकि भारी संख्या में लोग एक साथ इकट्ठा ना हो सकें. लोगों को लगातार सलाह दी जा रही कि वह अपने घर में ही धार्मिक कार्य करें जिससे वह करोना जैसे संक्रमण से बचे रहें. लेकिन कई जगहों से यह भी खबरें आ रही हैं कि कई धर्मगुरु इसके विरोध में आ गए हैं और लोगों की जान खतरे में डालने से भी नहीं परहेज कर रहे.

कोरोना वायरस के चलते भारत के 97 से ज्यादा जिलों से को लॉक डाउन कर दिया गया है. भारत में लगभग 480 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. जहाँ सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना वायरस से बचने का एक मात्र उपाय है  वहीं कुछ लोग इसे पूरी तरह धज्जी उड़ा रहे हैं.

ताजा मामला पाकिस्तान का है. कोराना संक्रमण के चलते पाकिस्तान सरकार ने एडवाइजरी जारी करके लोगों से कहा है कि वह नमाज घर में ही पढ़ें. ऐसे में एक मौलाना साहब ने इसका विरोध किया और इसका खामियाजा उन्हें खुद भुगतना पड़ रहा है. मौलाना कोरोना से संक्रमित हो गए हैं.

पाकिस्तान के इस मौलाना का नाम मुफ्ती नईम है. मुफ्ती नईममस्जिदों में नमाज रोके जाने के खिलाफ थे. उन्होंने लोगों से मस्जिद में नमाज ना पढ़ने की सलाह को इग्नोर करने को कहा था. लेकिन वह अब खुद ही कोरोना के चपेट में आ गए हैं.

नईम, जो मस्जिदों में नमाज रोकने के खिलाफ थे.
उन्होंने लोगों से कहा था कि वह है स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा घर में नवाज पढ़ने की सलाह को नजरअंदाज कर दें. लेकिन अब जब वे खुद को रोना संक्रमण से के शिकार हो गए हैं तो स्वास्थ्यकर्मियों की हर सलाह को मानने लगे हैं.

 

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