Ranjeet Bhartiya 03/11/2021
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Last Updated on 01/01/2023 by Sarvan Kumar

मेव (MEO) मुस्लिम बिरादरी का एक जातीय समुदाय है. इन्हें मेवाती भी कहा जाता है. यह हरियाणा के मेवात जिले तथा राजस्थान के अलवर और भरतपुर जिलों में निवास करते हैं. हरियाणा के नूह, पलवल और फरीदाबाद जिलों में इनकी अच्छी आबादी है. यहां यह लगभग 1000 वर्षों से रहते आ रहे हैं. यह मूल रूप से उत्तर-पश्चिमी भारत , विशेष रुप से मेवात के आसपास, और पाकिस्तान में रहते थे. राजस्थान और हरियाणा के अलावा यह कसूर, लाहौर, सियालकोट, शेखपुरा, नरोवाल, ननकाना साहिब, मुल्तान, कराची आदि पाकिस्तानी शहरों में भी पाए जाते हैं. यह मेवाती भाषा बोलते हैं. आइए जानते हैं मेेव समाज का इतिहास, मेव शब्द की उत्पति कैसे हुई?

मेव शब्द की उत्पति कैसे हुई ?

प्रकृति की पूजा करने वाले आर्यों के कई दलों में से एक मेद कबीले के लोग भी तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान, अजर बैजान और ईरान जैसे मध्य एशिया के इलाकों से अफगानिस्तान और सिंध के रास्ते भारत भूमि में आये. वैदिक युग में मेद कहलाने वाले ये लोग जब प्राकृत भाषा के युग तक पहुंचे तो मेद का ‘द’ अक्षर ‘व’ में बदल गया और मेद से मेव हो गया. कहते हैं कि कभी मेवाड़ का नाम भी मेदपाट था. तो ऐसे में मेवाड़, मारवाड़ और मेवात सभी सहोदर ही प्रतीत होते हैं. मेव समाज का इतिहास हसन खां मेवाती (मृत्यु: 17 मार्च, 1527) मेवात के मुस्लिम राजपूत शासक थे। इनके खानदान ने मेवात पर 200 साल राज किया। राजा हसन खान मेवाती (17 मार्च 1527 को मृत्यु हो गई), पिछले शासक खानजादा अलावल खान के पुत्र , मेवात राज्य के एक मुस्लिम राजपूत शासक थे । उनके वंश ने लगभग 200 वर्षों तक मेवात राज्य पर शासन किया था । वह राजा नाहर खान मेवाती के वंशज थे , जो 14वीं शताब्दी में मेवात के वली थे। उसने 15वीं शताब्दी में अलवर किले का पुनर्निर्माण कराया । वह खानवा की लड़ाई में 12,000 सहयोगियों के साथ राजपूत परिसंघ में शामिल हो गया , जहां वह बाबर के नेतृत्व वाली मुगल सेना की लड़ाई में मारा गया था।उससे पहले से ही मेव थे।

मेव  समाज किस धर्म को मानते हैं?

यह इस्लाम को मानते हैं. और पहले से ही इस्लाम धर्म को मानते आ रहें हैं। मेवाती मुस्लिम सभी धर्मो की इज्जत करते है। और अपने धर्म के अनुसार अपने त्योहारों को मनाते हैं । मेव लोग अपने धर्म के ईद उल फितर और ईद उल अजहा के अलावा किसी भी धर्म के त्योहारों को नहीं मनाते मेवात में सभी मुस्लिम्स सुन्नी हैं।


References: 

नोट:-  यह लेख राकिब रहनिया के द्वारा एडिट किया गया है जो मेव समाज से आते हैं और हरियाणा राज्य के मेवात जिले से हैं।

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