Ranjeet Bhartiya 14/02/2023
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Last Updated on 13/03/2023 by Sarvan Kumar

विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिलती है कि दक्षिण पूर्व एशिया की वर्तमान मुस्लिम आबादी के मूल पूर्वज हिंदू थे. भारत में पाई जाने वाली अनेक मुस्लिम जातियों के लोग भी मूल रूप से हिन्दू थे. उदाहरण के तौर पर इदरीसी, बोहरा, रंगरेज, सिंधी मुस्लिम, पिंजारा, मुस्लिम पटेल आदि. विद्वानों और इतिहासकारों का मानना ​​है कि मध्यकाल में भारत की कई हिंदू जातियां हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म में चली गईं. आइए इसी क्रम में जानते हैं मुस्लिम कायस्थ के बारे में.

मुस्लिम कायस्थ का इतिहास

फ्रांसीसी पत्रकार और इतिहासकार फ्रेंकोइस गौटियर (François Gautier) ने अपनी पुस्तक में माना हेै कि 96% से अधिक भारतीय मुस्लिम मूल रूप से हिंदू थे जो धर्मांतरण करके मुस्लिम बन गए. मुस्लिम कायस्थ की बात करें तो यह उत्तरी भारत के हिंदू कायस्थ से संबंधित मुसलमानों का एक समुदाय है, जो भारत में इस्लामिक साम्राज्यों के शासनकाल के दौरान इस्लाम में परिवर्तित हो गया. मुस्लिम कायस्थ, हिंदू कायस्थ जाति की तरह, पारंपरिक रूप से जमींदारों, पटवारियों और कानूनगोहों (भू अभिलेखों के रखवाले) का एक साक्षर समुदाय रहा है. हालांकि, सदियों से मुस्लिम पहचान के साथ रहने वाली यह कौम अपनी मूल पहचान को भूल चुकी है और वर्तमान में खुद को उर्दू भाषी मुसलमान मानती है.

मुस्लिम कायस्थ उत्पत्ति (History and Origin)

हिंदू कायस्थ जाति की तरह, मुस्लिम कायस्थों को भी ऐतिहासिक रूप से भूमि रिकॉर्ड रखने, प्रशासनिक कार्य और व्यवसाय के लेखा-जोखा में निपुण माना जाता है. मुस्लिम शासकों के शासन काल में योग्यता के आधार पर विभिन्न हिन्दू जातियों के व्यक्तियों को प्रशासनिक सेवा में विभिन्न पदों पर नियुक्त किया जाता था. कायस्थ जाति के लोगों ने इस्लामिक शासन और ब्रिटिश शासन के दौरान खुद को कुशल क्लर्कों और अधिकारियों के रूप में सफलतापूर्वक विकसित किया. मुगलों के शासन काल में, कुशाग्र बुद्धि वाले उच्च जाति के हिन्दुओं ने फारसी भाषा में महारत हासिल करके और खुद को इस्लामी संस्कृति के अनुकूल ढालकर उच्च प्रशासनिक पदों को प्राप्त किया. मुस्लिम शासकों के साथ उनके घनिष्ठ संबंध के कारण इनमें से अधिकांश इस्लाम में परिवर्तित हो गए और मुसलमान बन गए. ऐसा कहा जाता है कि इन प्रभावशाली उच्च जाति के हिंदुओं ने मुस्लिम कायस्थ जाति का गठन किया.

धर्म (Religion)

इस समुदाय के लोग खुद को शेख समुदाय का हिस्सा मानते हैं और सुन्नी इस्लाम को मानते हैं.

भाषा (Language)

इस समुदाय के लोग उर्दू बोलते हैं. हालांकि भारत में रहने वाले लोग हिंदी में भी बात करते हैं. पाकिस्तान में इस समुदाय के लोग सिंधी और पंजाबी भी बोलते हैं.

वितरण (Distribution)

मुस्लिम कायस्थ भारत और पाकिस्तान में पाए जाते हैं.

भारत मे मुस्लिम कायस्थ

भारत में यह समुदाय मुख्य रूप से उत्तर भारतीय राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में पाया जाता है. इन राज्यों के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी इनकी मौजूदगी है. उत्तर प्रदेश के शहरी और अर्ध-शहरी केंद्रों में इस समुदाय की आबादी है. इस समुदाय की एक बड़ी आबादी देश की राजधानी दिल्ली में भी निवास करती है.

पाकिस्तान में मुस्लिम कायस्थ

1947 में स्वतंत्रता के बाद, कई मुस्लिम कायस्थ पाकिस्तान चले गए और सिंध और पंजाब प्रांतों में बस गए. सिंध प्रांत में, यह मुख्य रूप से कराची, हैदराबाद और सुक्कुर के शहरी केंद्रों में बसे हुए हैं. पंजाब प्रांत में यह मुख्य रूप से लाहौर, रावलपिंडी, मुल्तान और फैसलाबाद में पाये जाते हैं. इस समुदाय की एक बड़ी आबादी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी रहती है.

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