Sarvan Kumar 27/06/2020

श्रीनगर/पुलवामा: पुलवामा जिले के त्राल सेक्टर में रात भर चले आतंकवादियों तथा सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों के मारे जाने के बाद शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि पुलवामा जिले के त्राल सेक्टर में अब कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का कोई भी आतंकवादी नहीं बचा है. यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि 1989 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब दक्षिणी कश्मीर के त्राल सेक्टर में हिज्बुल मुजाहिदीन के किसी आतंकवादी की मौजूदगी नहीं हो.

इस खबर की पुष्टि करते हुए कश्मीर के पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने कश्मीर क्षेत्र पुलिस के अधिकारी टि्वटर हैंडल पर ट्वीट करके कहा है कि आज के सफल ऑपरेशन के बाद त्राल सेक्टर में अब हिज्बुल मुजाहिदीन के किसी आतंकवादी की मौजूदगी नहीं है. ऐसा 1989 के बाद पहली बार हुआ है. हालांकि त्राल सेक्टर में अभी भी आधा दर्जन से अधिक स्थानीय आतंकवादी एक्टिव हैं, लेकिन इनमें से कोई आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का नहीं है. सक्रिय आतंकवादियों में से तीन आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के, एक लश्कर-ए-तैयबा तथा एक अंसार गजवतुल हिंद के हैं.

बता दें कि घाटी में आतंकवाद फैलाने में हिज्बुल मुजाहिदीन का अहम योगदान है. कभी घाटी में इस कट्टरपंथी संगठन के कई हजार कैडर हुआ करते थे.
दक्षिणी कश्मीर के त्राल सेक्टर को आतंकवादियों का हॉट बेड माना जाता है. हिज्बुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर जाकिर मूसा और बुरहान बानी त्राल सेक्टर का ही था. हिज्बुल मुजाहिदीन के पोस्टर बॉय बुरहान वानी के प्रभाव में आकर भारी संख्या में स्थानीय युवा इस आतंकी संगठन में शामिल हो गए थे. लेकिन बाद में सुरक्षाबलों ने बुरहान वानी को जुलाई 2016 में मार गिराया था. बुरहान वानी के मौत के बाद कई सौ युवा हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गए थे .
आतंकवादियों का सफाया करने के लिए सुरक्षाबलों ने कश्मीर में ऑपरेशन ऑल आउट शुरू किया था. सुरक्षाबलों ने आक्रमक तेवर अपनाते हुए अब तक 111 आतंकवादियों को मार गिराया है. यह अभियान मुख्य रूप से आतंकवादियों के हॉट बेड दक्षिण कश्मीर में हुए हैं, जिसमें हिज्बुल मुजाहिदीन के 60 से अधिक आतंकवादी मार गिराए गए हैं.

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