Ranjeet Bhartiya 29/12/2021
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Last Updated on 29/12/2021 by Sarvan Kumar

उसूलों पे जहाँ आँच आये टकराना ज़रूरी है,जो ज़िन्दा हों तो फिर ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है! वसीम बरेलवी का यह शेर राजभर जाति से आने वाले नेता और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के संस्थापक ओमप्रकाश राजभर पर पूरी तरह से फिट बैठता है. बेबाक बयान, आक्रमक अंदाज और बगावती तेवर के लिए जाने जाने वाले ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना माना नाम है. लगभग 40 साल के राजनीतिक सफर में ओम प्रकाश राजभर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. लेकिन जब बात अधिकारों और सिद्धांतों की आती है तो इन्होंने कभी कोई समझौता नहीं किया, ना कभी किसी के आगे घुटने टेके. यहां तक कि यह मायावती, योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टकराने से भी नहीं घबराए. आइए जानते हैं कभी टेंपो चला कर के जीवन यापन करने वाले नौजवान से उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर तय करने वाले ओम प्रकाश राजभर की दिलचस्प, संघर्षपूर्ण और अविश्वसनीय कहानी.

ओमप्रकाश राजभर की जीवनी

ओमप्रकाश राजभर के अनुसार, पूरे देश में राजभर की आबादी 4% है. उत्तर प्रदेश में इनकी आबादी 12% प्रतिशत है. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में राजभर जाति की आबादी 12-22% है. एक आकलन के मुताबिक, पूर्वांचल के दो दर्जन लोकसभा सीटों पर राजभर वोट 50 हजार से ढाई लाख तक हैं. घोसी, बलिया, चंदौली, सलेमपुर, गाजीपुर, देवरिया, आजमगढ़, लालगंज, अंबेडकरनगर, मछलीशहर, जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही राजभर बहुल माने जाते हैं. इन सीटों पर राजभर समुदाय के लोग हार और जीत का फैसला करते हैं. ओमप्रकाश राजभर के राजनीतिक करियर का टर्निंग प्वाइंट तब आया जब पिछड़ी जातियों पर पकड़ को देखते हुए 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन हुआ. समझौते के तहत भारतीय जनता पार्टी ने राजभर को 8 सीटें दी थी. इसमें से 4 सीटों पर जीत दर्ज करके ओमप्रकाश राजभर की पार्टी ने ना केवल अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत की, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया. इस तरह से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कुल 4 विधायक बने, जिसका विवरण इस प्रकार है. ओम प्रकाश राजभर जौहराबाद सीट से पहली बार विधायक बने. त्रिवेणी राम-जखनिया कैलाश नाथ सोनकर-अजगरा  रामानंद बौद्ध-रामकोला . ओम प्रकाश राजभर को योगी आदित्यनाथ की सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री बनाया गया. लेकिन गठबंधन विरोधी गतिविधियों के कारण इन्हें 2019 में बर्खास्त कर दिया गया.

ओमप्रकाश राजभर कहां के रहने वाले हैं?

ओम प्रकाश राजभर का जन्म 15 अक्टूबर 1962 को हुआ था. यह मूल रूप से वाराणसी जिले के फत्तेपुर खौंदा सिंधौरा के रहने वाले हैं. इनके पिता का नाम सन्नू राजभर है, जो कोयला खदान में काम करते थे और अब घर पर ही रहते हैं.‌ पेशे से किसान राजभर ने 1983 में बलदेव डिग्री कॉलेज, बड़ागांव, वाराणसी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी. बाद में उन्होंने राजनीति शास्त्र से परास्नातक की डिग्री भी हासिल की. छात्र जीवन के दौरान खर्चा निकालने के लिए यह टेंपो चलाते थे. बाद में उन्होंने एक जीप खरीदा था जिस पर यह सवारी ढोते थे. यह गांव में सब्जी की खेती भी किया करते थे. इनके परिवार में पत्नी राजमति राजभर के अलावा 2 पुत्र हैं, जिनका नाम अरुण राजभर और अरविंद राजभर है. दोनों बेटे राजनीति में सक्रिय हैं. अरुण राजभर वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं.

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