Sarvan Kumar 29/03/2020

कोरोना के खौफ के बीच एक दूसरी समस्या देश में नजर आ रही है। यह समस्या है गरीब लोगों के सामने भोजन-पानी की समस्या। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आश्वासन दिया था कि चार लाख लोगों को प्रतिदिन भोजन दिया जाएगा, फिर भी दिल्ली के  मजदूर  उत्तर प्रदेश और बिहार जानें के लिए आनंद विहार पहुंच जातें हैं। आश्वासन देने के बावजूद भी अगर लोग दिल्ली छोड़ने के लिए मजबूर होते हैं तो गलती किसकी है? लाॅक डाउन में जहां लोगों को घर में रहने की सलाह दि गई थी वहीं वे भीड़ बनाकर सडकों पर पहुंच जाते हैं।

क्या अफवाह बनीं इसकी वजह?

सोशल मीडिया पर कुछ विडियो वायरल हो रही है जिसमें लोगों को आनंद विहार पहुंचने के लिए कहा जा रहा है। वहां उन्हें बिहार और उत्तर प्रदेश जा रही ट्रेन मिलने की बात कही गई है।
ऐसे  विडियो की जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी  चाहिए। आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ट्वीट करते हैं , “सूत्रों के मुताबिक योगी जी दिल्ली से उत्तर प्रदेश जाने वाले लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पिटवा रहे हैं। योगी जी बोल रहे हैं कि तुम क्यों दिल्ली गए थे अब तुम लोगों को कभी दिल्ली ही जाने नहीं दिया जाएगा। मेरी यूपी सरकार से अपील है कि ऐसा ना करें इस मुश्किल की घड़ी में लोगों को समस्याओं को मत बढ़ाइए।” लेकिन विवाद बढ़ने के बाद राघव चड्ढा यह ट्वीट डिलीट कर लेते हैं ।ऐसे वक्त में जब देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है राघव चड्ढा को बताना चाहिए कि उनके सूत्र कौन थे?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली से वापस जा रहे लोगों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली और पानी कनेक्शन काट दिया था। लॉक डाउन के दौरान लोगों को भोजन दूध इत्यादि नहीं मिल पा रहे थे जिसके कारण लोगों को मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ा.
बार -बार मीडिया में आ रहे केजरीवाल लोगों को आशसवत कर देते तो आज यह नौबत नही आती।

भारत में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 979 पहुंच गई है और 25 मौतें ही चुकी है। दुबई में शॉपिंग ट्रॉली पर थूक देने के बाद मौत की सजा तक की नौबत आ जाती है वही इंडिया में लॉक डाउन कानून का सही से पालन नहीं हो रहा है। मजदूरों को चाहिए कि वे  कोरोना हेल्पलाइन नंबर पर अपनी समस्या सरकार को बताएं और  और दिल्ली छोड़ कहीं बाहर जानेे की ना सोचें।

 

Leave a Reply