Ranjeet Bhartiya 03/04/2020
जाट गायक सिद्धू मूसेवाला आज हमारे बीच नहीं है पर उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा बनी रहेगी। अपने गानों के माध्यम से वह अमर हो गए हैं । सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या किसने और किस वजह से की यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन हमने जाट समाज का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके फैंस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। jankaritoday.com की टीम के तरफ से उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि! Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 03/04/2020 by Sarvan Kumar

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर वीडियो मैसेज के माध्यम से जनता के सामने आए. इस पर पप्पू यादव और टीवी डिबेट में कांग्रेस का पक्ष रखने वाले तहसीन पूनावाला का रिएक्शन आया है. आपको याद होगा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का ऐलान करते वक्त प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा था कि वो शाम 5:00 बजे 5 मिनट तक, अपने घरों के बालकनी या छत से, कोरोना संक्रमण से लड़ रहे अग्रिम पंक्ति में खड़े स्वास्थ्य कर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए थाली या ताली बजाएं.

इस बार प्रधानमंत्री ने देश की जनता से एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए 5 अप्रैल को रात 9:00 बजे अपने घरों के सारे लाइट बंद करके दीया, मोमबत्ती या टॉर्च लाइट के माध्यम से प्रकाश फैलाने के लिए कहा है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस तरह हम लोगों तक संदेश पहुंचाएंगे कि कोरोना महामारी से इस लड़ाई में कोई अकेला नहीं है.

वहीं जन अधिकार पार्टी के नेता और पूर्व सांसद पप्पू यादव और तहसीन पूनावाला ने ट्वीट करके अपना रिएक्शन दिया है.पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को फर्जी गरीब होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री मोमबत्ती जलवा रहे, यहां लोगों को खाना नहीं मिल रहा.

एक दूसरे ट्वीट में पप्पू यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आंगन, दलान, खेत, खलियान भूलकर बालकनी की बात कर रहे हैं. समझ जाइए वह कितना बड़ा ठग हैं.टीवी डिबेट में कांग्रेस का पक्ष रखने वाले तहसीन पूनावाला ने इसे एक अंधविश्वास और गंभीर मुद्दों के प्रति लापरवाही करार दिया है.

पूनावाला ने ट्वीट किया है कि मोदी अंधविश्वासी है. प्रधानमंत्री को लोगों से दीया जलाने के बजाय गरीबों को भोजन, प्रवासियों का दुख-दर्द दूर करने तथा कोरोना संदिग्धों के जांच पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. प्रधानमंत्री के दिया जलाने की अपील को ड्रामा बताते हुए पूनावाला ने कहा कि लोगों को यह बात नहीं माननी चाहिए और प्रधानमंत्री से कठिन सवाल पूछने चाहिए. प्रधानमंत्री यह बताएं कि वह लोगों को खाना कैसे खिलाएंगे और 6 लाख से ज्यादा कोरोना संदिग्धों की जांच कैसे करेंगे. प्रधानमंत्री के पास भविष्य के लिए कोई वैज्ञानिक प्लानिंग नहीं है.

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