Ranjeet Bhartiya 26/07/2022
Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 12/08/2022 by Sarvan Kumar

पटेल-पाटीदार समाज के लोग खुद को भगवान विष्णु के अवतार अयोध्या के राजा श्री राम के वंशज होने का दावा करते हैं. यह समुदाय कई उप जातियों में विभाजित है, जिनमें प्रमुख हैं-लेउवा पटेल, कदवा/कड़वा पटेल, सतपंथी और चौधरी पटेल. इन सभी उप जातियों में संख्या, डिस्ट्रीब्यूशन पैटर्न, उत्पत्ति, रिती-रिवाज, कुलदेवी, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर भिन्नताएं देखी गई हैं. हालांकि, सामाजिक एकजुटता, सामाजिक प्रभाव और राजनीतिक दबदबा‌ कायम रखने के उद्देश्य से इस समुदाय के लोगों द्वारा लंबे समय से प्रयास किया जा रहा है कि लेउवा और कड़वा पटेल की जगह यह सिर्फ पाटीदार बने. आइए जानते हैं लेउवा पटेल और कड़वा पटेल में क्या अंतर है.

लेउवा पटेल और कड़वा पटेल में क्या अंतर है.

उत्पत्ति
लेउवा पटेल पाटीदार खुद को श्री राम के पुत्र लव का वंशज मानते हैं. वहीं, कड़वा पटेल श्री राम के दूसरे पुत्र कुश से अपनी उत्पत्ति का दावा करते हैं.

कुलदेवी
पाटीदारों की दोनों उप जातियों की धार्मिक परंपराएं हमेशा से थोड़ी अलग रही हैं. दोनों की कुल देवियां भी अलग-अलग हैं. लेउवा पटेल की कुलदेवी खोडल देवी हैं और कड़वा पटेल की कुलदेवी उमिया माता हैं.

शादी-विवाह की प्रथा
शादी विवाह से संबंधित रीति-रिवाजों में भी लेउवा और कड़वा अलग-अलग परंपराओं का निर्वहन करते हैं.लेउवा एक खास प्रथा का पालन करते हैं जिसे ‘छा गाम’ कहा जाता है. इसके तहत लेउवा अपने ‘छा गाम’ यानी छह गांवों के भीतर ही शादी करने की प्रथा का पालन करते हैं. कहा जाता है कि जिन छह गांवों में कुछ सबसे अमीर लेउवा बसे थे, उनमें खेड़ा जिले के नदियाड, भद्रन, धर्मज, करमसाद, सोजित्रा , वासो और सावली शामिल हैं. आज भी अमीर लेउवा पटेल इन छह गांवों में ही शादी को प्रधानता देते हैं. वहीं, कड़वा पटेल की बात करें तो शादी-विवाह में यह
‘सट्टा पट्टा’ प्रथा का पालन करते हैं. ‘सट्टा पट्टा’ के अंतर्गत दूल्हा-दुल्हन के साथ दूल्हे और दुल्हन के सगे या चचेरे भाई-बहनों की भी एक-दूसरे से शादी कराई जाती है.

डिस्ट्रीब्यूशन पैटर्न
लेउवा मुख्य रूप से सौराष्ट्र और मध्य गुजरात में पाए जाते हैं, जबकि कडवा पटेल मूलत: उत्तरी गुजरात में पाए जाते हैं.

आबादी
“दैनिक भास्कर” और “बीबीसी” के रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात में पटेल पाटीदार समुदाय की आबादी की बात करें तो 60% कड़वा पटेल, तो 40% लेउवा पटेल हैं.

आर्थिक स्थिति
आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि लेउवा पटेल अपने कड़वा समकक्षों की तुलना में आर्थिक स्तर पर ज्यादा मजबूत रहे हैं. इसका संभावित कारण यह बताया जाता है कि लेउवा पटेल भौगोलिक रूप से मध्य गुजरात में बसे थे जो संसाधन और आधुनिकता के असर के लिहाज से ज्यादा सम्पन्न क्षेत्र में आता है.

सत्ता में भागीदारी
अब तक गुजरात में पांच मुख्यमंत्री पाटीदार पटेल समुदाय से हुए हैं इसमें गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल सहित आनंदीबेन पटेल, केशुभाई पटेल, बाबूभाई पटेल और चिमनभाई पटेल के नाम शामिल हैं. इनमें से भूपेंद्रभाई पटेल कड़वा पटेल समुदाय से आते हैं, जबकि अन्य सभी लेउवा पटेल समुदाय के हैं. इससे संकेत मिलता है कि गुजरात की राजनीति में लेउवा पटेल कड़वा पटेल की तुलना में ज्यादा प्रभावशाली रहे हैं.


https://m.bhaskarhindi.com/national/news/gujarat-election-patels-are-divided-into-two-class-know-their-importance-20318

https://m.bhaskarhindi.com/national/news/gujarat-election-patels-are-divided-into-two-class-know-their-importance-20318

https://www.bbc.com/hindi/india-42228411

पटेल कौन हैं और कैसे ये गुजरात में सरकारों को चलाने वाली एक ताकत बन गए हैं

Leave a Reply

Discover more from Jankari Today

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading