Last Updated on 25/08/2023 by Sarvan Kumar
भारत को आजादी ऐसे ही नहीं मिली, ऐसे कई स्वतंत्रता सेनानी हुए जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। ऐसे ही एक महान क्रांतिकारी थे उधम सिंह, जो जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए लंदन गए और उन्होंने पंजाब के गवर्नर जनरल रहे माइकल ओ’डायर की हत्या कर दी। इस घटना को अंजाम देने के लिए उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। इसी क्रम में हम यहां जानेंगे कि शहीद उधम सिंह को कहां और किस देश में फांसी दी गई थी.
शहीद उधम सिंह को कहां और किस देश में फांसी दी गई थी
इस लेख के मुख्य विषय पर बात करने से पहले पूरे घटनाक्रम को जानना ज़रूरी है जिनके कारण उधम सिंह को फाँसी हुई। वर्ष 1919 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण वर्ष था। 13 अप्रैल 1919 को एक ऐसी घटना घटी जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी और स्वतंत्रता संग्राम को और अधिक तीव्र बना दिया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया और लोग स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित हुए।
ये घटना थी जलियांवाला बाग हत्याकांड. 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन रौलेट एक्ट के विरोध में स्वर्ण मंदिर के पास एक सभा हो रही थी जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। रौलेट एक्ट एक ऐसा काला कानून था जिसका उद्देश्य भारत में बढ़ते स्वतंत्रता आंदोलन को दबाना था। जब लोग रौलेट एक्ट के विरोध में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे तो ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर ने वहां मौजूद भीड़ पर गोलियां चलवा दीं। इस गोलीबारी में 400 से ज्यादा लोग मारे गए जबकि हजारों लोग घायल हो गए।
इस जघन्य हत्याकांड के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया. जब यह घटना घटी तब माइकल फ्रांसिस ओ’डायर पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे। कहा जाता है कि माइकल ओ’डायर ने कथित तौर पर जलियांवाला नरसंहार के संबंध में रेजिनाल्ड डायर की कार्रवाई का समर्थन किया था और इसे “सही” बताया था। इस घटना से उधम सिंह भी बहुत आहत हुए और उन्होंने जलियांवाला हत्याकांड का बदला लेने के लिए माइकल ओ’डायर को मारने का संकल्प लिया।
आइए इस लेख के मुख्य विषय पर आते हैं और जानते हैं कि उधम सिंह को फांसी कहां और किस देश में दी गई थी। सरदार उधम सिंह ने अपने संकल्प को निभाते हुए 13 मार्च 1940 को लंदन में माइकल फ्रांसिस ओ’डायर को गोली मार दी, जिससे उनकी तुरंत मृत्यु हो गई। उधम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया और मौत की सजा दी गई। उन्हें 31 जुलाई 1940 को 40 साल की उम्र में लंदन, इंग्लैंड की पेंटनविले जेलपेंटनविले जेल में फाँसी दे दी गई।
