Ranjeet Bhartiya 21/01/2023
Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 13/03/2023 by Sarvan Kumar

पुस्तकें हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. यह हमें जीवन के छोटे-बड़े विभिन्न पहलुओं से परिचित कराती हैं और हमें बेहतर जीवन के लिए तैयार करती हैं. किताबें हमें खुद को और दुनिया को समझने का एक अलग नजरिया देती हैं, साथ हीं हमारे सोच के दायरे को बढ़ाती हैं. महापुरुषों के जीवन चरित्र पर भी लेखकों द्वारा ‌अनेक पुस्तकें लिखी जाती रही हैं. आइए इसी क्रम में जानते हैं महाराजा सुहेलदेव पर पुस्तकें किसने लिखी हैं अर्थात महाराजा सुहेलदेव पर किताबें लिखने वाले लेखकों के बारे में.

महाराजा सुहेलदेव पर पुस्तकें किसने लिखी हैं ?

महाराजा सुहेलदेव 11वीं सदी में श्रावस्ती के सम्राट और महान योद्धा थे. उन्होंने बहराइच के युद्ध में सोमनाथ मंदिर को लूटने वाले इस्लामी आक्रमणकारी महमूद गजनबी के भतीजे को परास्त कर मार गिराया था और मातृभूमि और धर्म की रक्षा की थी. राजभर समाज के लोग महाराजा सुहेलदेव को अपने सम्मान का प्रतीक मानते हैं. इतिहास में ऐसे कई वीर हुए हैं जिनके बारे में बहुत कुछ नहीं लिखा गया है. महाराजा सुहेलदेव भी इसी श्रेणी में आते हैं. लेकिन हाल के वर्षों में महाराजा सुहेलदेव पर कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी गई हैं. यहां हम महाराजा सुहेलदेव पर लिखी गई कुछ प्रमुख किताबों और उनके लेखकों के बारे में बता रहे हैं.

महाराजा सुहेलदेव की जीवनी पर मुख्य रूप से 2 पुस्तकें बाजार में उपलब्ध हैं- राष्ट्र रक्षक महाराजा सुहेलदेव और भारत रक्षक महाराजा सुहेलदेव. इन दोनों ग्रंथों में महाराजा सुहेलदेव के जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन किया गया है. इन पुस्तकों में में बताया गया है कि महमूद गजनी के भतीजे सालार मसूद और उसकी बर्बर तुर्क सेना से महाराजा सुहेलदेव ने किस प्रकार मातृभूमि और हिन्दू धर्म की रक्षा की थी. इसमें से प्रथम पुस्तक “राष्ट्र रक्षक महाराजा सुहेलदेव” डॉ. परशुराम गुप्त द्वारा लिखित पुस्तक है. इस पुस्तक का प्रकाशन लोकहित प्रकाशन लखनऊ ने किया है.
जबकि दूसरी पुस्तक “भारत रक्षक महाराजा सुहेलदेव” के लेखक अमीश त्रिपाठी हैं. इस पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण “Legend of Suheldev: King Who Saved India” के नाम से उपलब्ध है. वेस्टलैंड प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक को‌ 20 जून 2020 को जारी किया गया था.

Leave a Reply

Discover more from Jankari Today

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading