Ranjeet Bhartiya 19/11/2022
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Last Updated on 19/11/2022 by Sarvan Kumar

भारतीय हिन्दू समाज की सामाजिक संरचना जातियों पर आधारित है. वैवाहिक संबंध की दृष्टि से वंश, कुल, गोत, खाप, गोत्र, कुरी आदि महत्वपूर्ण इकाईयाँ है. गोत्र, एक जाति के भीतर वंश खंड है जो एक सामान्य पौराणिक पूर्वज से सदस्यों के वंश के आधार पर अंतर्विवाह पर रोक लगाता है. आइए इसी क्रम में जानते हैं भूमिहार गोत्र लिस्ट के बारे में.

भूमिहार गोत्र लिस्ट

भूमिहार एक समृद्ध और शक्तिशाली हिंदू जाति है जो मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पाई जाती है. इस समुदाय के लोग दावा करते हैं कि वे ब्राह्मणों का एक विशेष वर्ग हैं जो दान देते हैं लेकिन दान (भिक्षा) नहीं लेते हैं. गोत्र शब्द का प्रयोग लोग भिन्न इकाईयों के लिए करते हैं जो जाति का उपांग होती है और बहिर्विवाही होती हैं. “गोत्र” शब्द का संबंध ऋषि विशेष से है जिसे परिवार का गुरू माना जाता था. ऋषि गोत्रों की बात करें तो हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मा के आठ पुत्रों ने मूल आठ गोत्रों का सृजन अपने अपने नाम पर किया, जो इस प्रकार हैं— कश्यप, वशिष्ठ, अगस्त्य, भृगु, गौतम, भारद्वाज (जिसे अंगीरा के साथ भी रखा जाता हैं), अत्रि, और विश्वामित्र. एक गोत्र के व्यक्ति सिद्धांतिक रूप में किसी एक ही व्यक्ति की संतान माने जाते हैं, इसलिए आमतौर पर एक गोत्र में विवाह नहीं किया जाता है. बिहार की एक बड़ी भूमि-स्वामी जाति बाभनों के बीच दो प्रकार की गोत्रान्तर वैवाहिक इकाईयाँ इकाइयाँ मौजूद हैं- ब्राह्मणवादी गोत्र तथा क्षेत्रीय विभाजन. उत्तर-प्रदेश के भूमिहार जो बिहार के बाभनों के समकक्षी हैं, के बीच 84 प्रकार के मानक ब्राह्मणवादी गोत्र मौजूद हैं, जैसे भार्गव, कश्यप, पाराशर, वशिष्ठ, तथा वे क्षेत्रीय वर्गों अथवा मूलों को भी मान्यता प्रदान करते हैं. भूमिहारों में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण गोत्रों की सूची नीचे दी गई है-

•अगस्त- अगस्त

•आत्रेय- मैरेयपांडे, पुले, एनरवार

•भार्गव- भृगु, आश्रेय्या और कोठा भारद्वाज और भारद्वाज (भृगु, भार्गव और कश्यप एक ही हैं, क्योंकि उनके मूल ऋषि में समानता है).

•कश्यपकश्यप- जैथरिया, किनवर, बरुआर, दंस्वर कुधुनिया, नोनहुलिया, तातिहा, कोल्हा, करेमुआ, भाडे चौधरी, त्रिफला पांडे, परहपे, सहस्नाम, दीक्षित, जुझौटिया, बबंदिहा, मौर, दधीरे, मरे, सिरीयर, धौरी और भूपाली आदि।

•कपिल- कपिल

•कण्व- कणव या काणव

•कात्यायन- वद्रकामिश्र, लमगोदेयतेवारी, श्रीकांतपुर के पांडे

•कौंडिन्य- आथर्व (अथर्ववेदी) बिजुलपुरिया

•कौसा- कौसा

•कौशिक- कुसौंझीया, टेकर के पाण्डेय, नेकतीवार

•गर्ग- शुक्ल, बासमैत, नागवा शुकला और गर्ग

भारद्वाज- दुमतीकर, जठरवार, हेरापुरीपांडे, बेलौंचे, अंबरीया, चकवार, सोनपखरेया, मचैयापांडे, मनाछेया, सोनेवर, सिएनी

•गौतम- पिपरामिश्रा, गोतमेय, दत्त्यायन, वात्स्यायन, करमैसुरौर, बदरमिया

•तांड्या- तांड्या

•पराशर- एक्सारिया, सहदौलिया, सुरगने और हस्तगामे

•मौदगल्या- मौदगल्या

•मौनस- मौनास

•वसिता- कस्तुआर, दरवालिया और मरजानी मिश्रा

•शांडिल्य- दिघवैत, कुसुम तिवारी, कोरंच, नैनजोरा, रमियापांडे, चिक्सौरिया, करमाहे, ब्रह्मपुरिया, सिहोगिया आदि

•संकरी- सकरवार, मलैयापांडे, फतुहवादिमिश

•सवर्ण्य- पंचोभे, सोबरनेया, टेकरापांडे, आरापे, बेमुआर

•उपमन्यु- उपमन्यु

•लौगाछी- लौगाची

•विष्णुवृद्ध- कुथवैत

•वत्स- दोनवार, गणमिश्रा, सोनभद्रेय, बगुचेया, जे अलेवर, संसारिया, हाथौरेया, गंगटिकाई


References:

•Bharat Mein Jaati Evam Prajaati

By G. S. Ghurye · 2017

•Bharat Mein Jatipratha (Swarup, Karma, Aur Uttpati)

By J.H. Hattan, Mangalnath Singh · 2007

•Samajsastra: Samaj Ki Samaj

By Yogesh Atal · 2014

•झारखंड के अदिवासियों के बीच एक एक्टीविस्ट के नोट्स

By वीर भारत तलवार · 2008

•https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/noida/who-is-tyagi-what-difference-between-tyagi-and-bhumihar-know-all-facts/articleshow/93706207.cms

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