Last Updated on 27/06/2023 by Sarvan Kumar
ब्राह्मण भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक प्रमुख जातीय समूह है. ब्राह्मणों की मूल निवास स्थान या प्राचीन भौगोलिक उत्पत्ति लंबे समय से विवादास्पद रही है. इस विषय को लेकर इतिहासकारों और विद्वानों में मतभेद है. कुछ इतिहासकारों का मत है कि ब्राह्मण समुदाय भारत का मूल निवासी नहीं है. ब्राह्मण बाहर से भारत आए. हालांकि ब्राह्मण किस भौगोलिक क्षेत्र या देश से भारत आए इस बात को लेकर विद्वानों और इतिहासकारों के अलग-अलग मत हैं. आइए इसी क्रम में जानते हैं कि ब्राह्मण किस देश से आए?
ब्राह्मण किस देश से आए?
ब्राह्मणों के बारे में कहा जाता है कि यह यूरेशिया से भारत आए थे. यूरेशिया पृथ्वी पर सबसे बड़ा महाद्वीपीय क्षेत्र है, जिसमें पूरा यूरोप और एशिया शामिल हैं. यूरेशिया में 90 से अधिक देश शामिल हैं.
ब्राह्मणों को विदेशी बताने वालों के बीच आम सहमति है कि ब्राह्मणों का मूल निवास स्थान मध्य एशियाई क्षेत्र में कहीं था. एक मत के अनुसार ब्राह्मण मध्य एशिया में स्थित कैस्पियन सागर क्षेत्र से भारत आए. ब्राह्मण कहां से आए, इस संबंध में अलग-अलग विद्वानों के अलग-अलग मत हैं, जो हम नीचे बता रहे हैं-
•जर्मन विद्वान मैक्स मूलर (Max Müller) ने ब्राह्मणों का मूल निवास स्थान मध्य एशिया को माना है. मुलर के अनुसार ब्राह्मणों का मूल देश ईरान और भारत की सीमा पर था. वहाँ से एक शाखा ईरान को, दूसरी भारत को और तीसरी यूरोप को गई.
•आधुनिक भारत के बड़े विचारक और आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती के अनुसार ब्राह्मण तिब्बत से आए थे.
•प्रसिद्ध विद्वान बाल गंगाधर तिलक के अनुसार ब्राह्मणों का मूलस्थान आर्कटिक प्रदेश था और ब्राह्मण उत्तरी ध्रुव से भारत आए थे. उन्होंने इस का प्रतिपादन वैदिक संहिताओं के आधार पर किया था. तिलक के अनुसार ब्राह्मण सबसे पहले आकर पंजाब और सीमावर्ती प्रदेश में बसे.
•कई विद्वान मानते हैं कि ब्राह्मण यूरोप के किसी देश से भारत आए थे.
•प्रो. मायर्स और कुछ अन्य विद्वानों के मत के अनुसार ब्राह्मण कैस्पियन सागर के पूर्व में रूस के दक्षिणी भाग के मूल निवासी थे.
