Last Updated on 28/06/2023 by Sarvan Kumar
कुर्मी जाति से आने वाली लिपि सिंह बिहार कैडर की एक जांबाज़ और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हैं. मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली लिपि सिंह अपने साहसिक पुलिस अभियानों के कारण कई बार चर्चा में आ चुकी हैं. अपराधियों के लिए खौफ का पर्याय बन चुकी लिपि सिंह “लेडी सिंघम” के नाम से जानी जाती हैं. नालंदा जिले की पहली महिला IPS अधिकारी होने का रिकॉर्ड लिपि सिंह के नाम है. आइए जानते हैं लिपि सिंह का जीवन परिचय.
लिपि सिंह जीवन परिचय (Lipi Singh Biography)
प्रारंभिक जीवन
लिपि सिंह का जन्म 18 अक्टूबर 1986 को बिहार के एक प्रतिष्ठित कुर्मी परिवार में हुआ. पिता सीनियर आईएएस अधिकारी थे इसीलिए शुरुआत से ही इनका रुझान प्रशासनिक सेवा में था. घर में शुरू से ही पढ़ाई लिखाई का माहौल रहा. इनकी माता का नाम गिरिजा देवी है. लिपि सिंह की एक बहन है जिनका नाम लता सिंह है. लता सिंह कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वकालत कर रही हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने के बाद, लिपि सिंह ने साल 2015 में सिविल सर्विसेज एग्जाम को क्वालीफाई कर लिया था. बेहतर रैंक के लिए इन्होंने अगली बार फिर परीक्षा दिया और ऑल इंडिया रैंक 114 से क्वालीफाई किया. ट्रेनिंग के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन्हें बिहार कैडर अलॉट किया था. नालंदा जिले की पहली महिला IPS अधिकारी बनने का रिकॉर्ड लिपि सिंह के नाम है.
लिपि सिंह के पिता
लिपि सिंह के पिता आरसीपी सिंह एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रह चुके हैं. 2010 में उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा से वीआरएस के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी और जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए थे. सिंह जनता दल यूनाइटेड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. आरसीसी सिंह को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी कहा जाता था लेकिन बाद में दोनों के रिश्ते में खटास आ गई.
लिपि सिंह के पति
लिपि सिंह (Lipi Singh) के पति सुहर्ष भगत (Suharsha Bhagat) भी IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में बांका के जिलाधिकारी हैं. दोनों की लव मैरिज हुई थी.
लिपि सिंह कैसे बनी “लेडी सिंघम”?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लिपि सिंह (Lipi Singh) की पहली पोस्टिंग पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में हुई. यह इलाका बाहुबली अनंत सिंह (Anant Singh) का था. अनंत सिंह भूमिहार समाज से आते हैं. मोकामा विधानसभा क्षेत्र भूमिहार बाहुल्य है. मोकामा में अनंत सिंह का इतना रसूख है कि उन्हें यहां के लोग छोटे सरकार के नाम से जानते हैं. इलाके में अनंत सिंह का इतना प्रभाव है कि वह कई बार जेल से हीं चुनाव जीत गए हैं. “आज तक” में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अपने राजनीतिक रसूख के कारण पुलिस प्रशासन में भी अनंत सिंह का खौफ था. अनंत सिंह पुलिसवालों से डरता नहीं बल्कि उलटे उन्हें धमकाता था. पुलिस अनंत सिंह पर किसी प्रकार की कार्यवाही करने से कतराती थी. ऐसे में लिपि सिंह मोकामा के बाहुबली और निर्दलीय विधायक अनंत सिंह पर कार्रवाई करके चर्चा में आईं थीं. बाढ़ अनुमंडल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के तौर पर काम करते हुए लिपि सिंह ने अनंत सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की. अनंत सिंह के गांव के घर से एके-47, ऑटोमैटिक राइफल और ग्रेनेड सहित कई तरह के हथियार बरामद हुए थे, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा. इस घटना के बाद आईपीएस लिपि सिंह को एएसपी से पदोन्नत करते मुंगेर का पुलिस कप्तान (एसपी) बनाया गया था. अनंत सिंह के घर छापेमारी को अंजाम देने के बाद लिपि सिंह को “लेडी सिंघम” के नाम से जाने जाने लगा. लिपि सिंह के नाम से अपराधी खौफ खाने लगे.
References;
•https://www.aajtak.in/education/news/photo/bihar-know-who-is-ips-lipi-singh-lady-singham-munger-case-her-family-education-tedu-1152840-2020-10-28
•https://zeenews.india.com/hindi/india/photo-gallery-ips-officer-lipi-singh-story-know-her-journey-from-lady-singham-to-general-dyer/947572
•https://www.jagran.com/bihar/bhagalpur-bihar-politics-not-only-rcp-singh-ips-lipi-singh-is-also-being-discussed-22966086.html
