Sarvan Kumar 23/09/2022
नहीं रहे सबके प्यारे ‘गजोधर भैया’। राजू श्रीवास्तव ने 58 की उम्र में ली अंतिम सांस। राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद से वो 41 दिनों से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। उनकी आत्मा को शांति मिले, मुझे विश्वास है कि भगवान ने उसे इस धरती पर रहते हुए जो भी अच्छा काम किया है, उसके लिए खुले हाथों से स्वीकार करेंगे #RajuSrivastav #IndianComedian #Delhi #AIMS Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 23/09/2022 by Sarvan Kumar

सावित्रीबाई फुले 3 जनवरी,1831 में महाराष्ट्र के नायगांव में पैदा हुई थीं। उनका जन्म माली समुदाय में हुआ था, जिन्हें भारतीय जाति व्यवस्था की वर्ण व्यवस्था में शूद्र माना जाता था। इस समाज के लोग अधिकतर माली और फूलवाले की तरह काम करते थे। इस वजह से उन्हें बहुत बार भेदभाव का सामना करना पड़ा. आइए जानते हैं सावित्रीबाई फुले के बारे में 15 रोचक जानकारी.

सावित्रीबाई फुले के बारे में 15 रोचक जानकारी

1. सावित्रीबाई पूरे देश की महानायिका हैं. उनको महिलाओं और दलित जातियों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है.

2. सावित्रीबाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका थीं.

3. उन्होंने अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर स्त्री अधिकारों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए.

4. उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है.

5.. 1852 में उन्होंने अछूत कहीं जाने बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की थी.इसके बाद उन्होंने लड़कियों के लिए एक दो नहीं बल्कि 18 स्कूलों का निर्माण कराया।

6.वे स्कूल जाती थीं, तो विरोधी लोग उनपर पत्थर मारते थे। उन पर गंदगी फेंक देते थे।

7. सावित्रीबाई एक साड़ी अपने थैले में लेकर चलती थीं और स्कूल पहुँच कर गंदी कर दी गई साड़ी बदल लेती थीं।

8. 9 साल की उम्र में ही सावित्रीबाई फुले की शादी हो गई थी। उस समय उनके पति ज्योतिबा फुले की उम्र 13 साल थी.

9. एक विधवा ब्राह्मण महिला आत्महत्या करने जा रही थी जिसका नाम काशीबाई था। काशीबाई गर्भवती थी और लोक लाज के डर से वह आत्महत्या करने जा रही थी, लेकिन साबित्रीबाई ने उनको खौफनाक कदम उठाने से रोका। वह काशीबाई को अपने घर लाई और डिलीवरी कराई। उन्होंने काशीबाई के बच्चे का नाम यशवंत रखा और उसे अपना दत्तक पुत्र बना लिया। सावित्रीबाई ने यशवंत को पढ़ा लिखाकर एक डॉक्टर बनाया।

10. सावित्रीबाई ने अपने पति के साथ मिलकर ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की.

11. दोनों ने सत्यशोधक समाज (सत्य की तलाश के लिये समाज) की शुरुआत की जिसके माध्यम से वे सत्यशोधक विवाह प्रथा शुरू करना चाहते थे जिसमें कोई दहेज नहीं लिया जाता था।

12. सावित्रीबाई फुले खेल और तैराकी में माहिर थीं. वह गुलेल और पत्थर से निशाना लगाने में बहुत चतुर थी और इस तरह से फल नीचे ले आती थी.

13. सावित्रीबाई ने एक सांप को देखा जो पेड़ पर चढ़कर अंडे खाने जा रहा था जो कि घोंसले में थे.
सावित्रीबाई ने एक बड़ा पत्थर लिया और लक्ष्य लेकर उसने पत्थर को साँप पर फेंक दिया.साँप ने अपना रास्ता मोड़ लिया.

14. साइथिया फरार (Cythia Farrar)
अमेरिकी मिशनरी ने समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले को बतौर शिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया. वह मिशनरी के रूप में विदेश भेजी जाने वाली पहली अविवाहित अमेरिकी महिलाओं में से एक थीं। वह 1827 से 1862 में अपनी मृत्यु तक भारत में रहीं और काम किया

15. 10 मार्च, 1897 को प्लेग के कारण सावित्रीबाई फुले का निधन हो गया। गौरतलब है कि प्लेग महामारी के दौरान सावित्रीबाई प्लेग के मरीज़ों की सेवा करती थीं। प्लेग से प्रभावित एक बच्चे की सेवा करने के कारण वह भी प्लेग से प्रभावित हुईं और इसी कारण से उनकी मृत्यु हो गई.

Advertisement
Shopping With us and Get Heavy Discount
 
Disclaimer: Is content में दी गई जानकारी Internet sources, Digital News papers, Books और विभिन्न धर्म ग्रंथो के आधार पर ली गई है. Content  को अपने बुद्धी विवेक से समझे। jankaritoday.com, content में लिखी सत्यता को प्रमाणित नही करता। अगर आपको कोई आपत्ति है तो हमें लिखें , ताकि हम सुधार कर सके। हमारा Mail ID है jankaritoday@gmail.com. अगर आपको हमारा कंटेंट पसंद आता है तो कमेंट करें, लाइक करें और शेयर करें। धन्यवाद Read Legal Disclaimer 
 

Leave a Reply