Ranjeet Bhartiya 15/11/2022
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Last Updated on 04/10/2023 by Sarvan Kumar

भूमिहार पूर्वी और उत्तरी भारत में रहने वाली एक बहुत ही प्रभावशाली हिंदू जाति है. भारत के कई राज्यों में इनकी मौजूदगी है लेकिन बिहार में इनकी अच्छी खासी आबादी है. बिहार से सटे उत्तर प्रदेश राज्य के पूर्वी हिस्से, पूर्वांचल,के कई जिलों ‌में भी इनकी अच्छी आबादी है. आइए इसी क्रम में जानते हैं भूमिहार बहुल जिलों के बारे में.

भूमिहार बहुल जिला

भूमिहार मुख्य रूप से कृषि कार्यों से जुड़े हुए हैं. अतीत में, इस समुदाय के लोग बड़े जमींदार रहे हैं. वर्तमान में इस जाति के लोग हिंदू धर्म में ऊंची जाति के सवर्ण किसान के रूप में पहचान रखते हैं. इनकी उत्पत्ति और इतिहास के बारे में कई बातों का उल्लेख मिलता है. किंवदंतियों की मानें तो भगवान परशुराम ने क्षत्रियों को हराकर जो जमीन हासिल की थी, वह ब्राह्मणों को दे दी थी. इन ब्राह्मणों ने पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान का काम छोड़ दिया और खेती करने लगे. साथ ही उन्होंने युद्ध की कला में महारत हासिल की और खुद को एक योद्धा के रूप में विकसित किया. ऐसा कहा जाता है कि भूमिहारों की उत्पत्ति ब्राह्मणों के उसी जाति वर्ग से हुई है. आइए अब भूमिहार बहुल जिलों के बारे में जानते हैं.

उत्तरप्रदेश में भूमिहार बहुल जिला

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के कई जिलों में इनकी आबादी है. यहां एक ऐतिहासिक तथ्य का उल्लेख करना आवश्यक है. बनारस राज्य के भूमिहार जमींदार बलवंत सिंह के नेतृत्व में पूर्वांचल को अवध और मुगल शासन से स्वतंत्रता मिली थी. उत्तर प्रदेश में इनकी आबादी कम है लेकिन फिर भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रदेश की राजनीति में भूमिहार जाति का प्रभाव रहा है. उत्तर प्रदेश के भूमिहार बहुल जिले की बात करें तो बलिया, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, देवरिया, गोरखपुर आदि जिलों में भूमिहार अच्छी तादाद में मौजूद हैं.

बिहार में भूमिहार बहुल जिला

बिहार की बात करें तो बिहार के भूमिहारों ने स्वतंत्रता आंदोलन और जमींदारी-जमींदारी-उन्मूलन आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. बिहार में भूमिहार समाज की उल्लेखनीय आबादी है‌ और यहां यह समुदाय सामाजिक आर्थिक शैक्षणिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी शक्तिशाली हैं. राज्य के कई जिलों में इनकी मजबूत उपस्थिति है. बिहार के भूमिहार बहुल जिलों की बात करें तो बेगूसराय, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, नवादा, गया, वैशाली, पटना, खगड़िया, मुंगेर, सीतामढ़ी, गोपालगंज और समस्तीपुर जैसे जिलों में भूमिहार जाति की आबादी 1.5 लाख से 4 लाख के बीच है.


महत्वपूर्ण सूचना: बिहार में 2022 में जाति आधारित गणना की गई. Bihar Caste Census Report 2023 के अनुसार भूमिहार जाति की जनसंख्या  3750886 ( 2.8693 %)है .राज्य की कुल आबादी 13 करोड़ से ज्यादा है, वास्तविक संख्या 13 करोड़, 07 लाख, 25 हजार 310 है.


References:

•A social history of India

By S. N. Sadasivan · 2000

•Frontiers in Migration Analysis 1981

•https://www.aajtak.in/amp/india-today-plus/rajya/story/why-bhumihar-caste-is-important-in-up-politics-1263370-2021-05-29

•https://theprint.in/politics/from-bochaha-bypoll-to-parshuram-jayanti-bjp-has-a-big-bhumihar-problem-in-bihar/950649/?amp

•https://m.economictimes.com/trying-times-but-judge-saini-wins-with-patience/articleshow/62201201.cms

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