Last Updated on 01/12/2022 by Sarvan Kumar
हर गैंगस्टर की अपनी एक अलग कहानी होती है. लेकिन आमतौर पर बंदूक के जरिए शोहरत और पैसा कमाने का ख्वाब और ताकत के दम पर समाज में दबदबा कायम करने की हसरत लोगों को अपराध के दलदल में धकेल देती है तथा उन्हें बना देती है- गैंगस्टर. आइए इसी क्रम में जानते हैं भूमिहार गैंगस्टर्स के बारे में.
भूमिहार गैंगस्टर्स
गैंग या गिरोह का मतलब एक आपराधिक संगठन है और गैंग के सदस्यों को गैंगस्टर कहा जाता है. अधिकांश गिरोहों को संगठित अपराध का हिस्सा माना जाता है. गैंग गैंगस्टरों को बहुत बड़ी और अधिक जटिल आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आवश्यक संगठन और संसाधन प्रदान करता है. अपराध और अपराधियों का किसी भी रूप में महिमामंडन नहीं किया सकता है. लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि गैंगस्टरों की कहानी काफी उलझी हुई और दिलचस्प होती है. अब मुख्य विषय पर आते हैं और जानते हैं कुछ प्रमुख भूमिहार गैंगस्टरों के बारे में-
सम्राट कामदेव सिंह
कामदेव सिंह (Samrat Kamdev Sing) बिहार के बेगूसराय जिले के एक गैंगस्टर, तस्कर, माफिया और बाहुबली थे. एक जमाने में बेगूसराय जिले में इनकी तूती बोलती थी. गरीब उन्हें मसीहा मानते थे तो विरोधी माफिया और अपराधी. वह कम्युनिस्ट विरोधी थे. कामदेव सिंह भूमिहार थे लेकिन निचली जातियों में भी उनकी जबरदस्त लोकप्रियता थी स्थानीय लोग उन्हें “रॉबिन हुड” मानते थे. साल 1980 में सम्राट कामदेव सिंह पुलिस एनकाउंटर में मारे गए.
छोटन शुक्ला
90 के दशक में मुजफ्फरपुर के आसपास के इलाकों में मुन्ना शुक्ला के बड़े भाई छोटन शुक्ला अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह हुआ करता थे. छोटन शुक्ला (Chhotan Shukla )की 1994 में हत्या कर दी गई थी.
मुन्ना शुक्ला
बिहार में कई नेता ऐसे हैं, जो अपने कामों के लिए नहीं बल्कि अपनी दबंगई के लिए जाने जाते हैं. ऐसे ही एक बाहुबली नेता हैं मुन्ना शुक्ला ( Munna Shukla) जिन्हें भूमिहार गैंगस्टर के तौर पर जाना जाता है. मुन्ना शुक्ला को उत्तर बिहार का सबसे बड़ा बाहुबली माना जाता है. अपने बड़े भाई छोटन शुक्ला की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले मुन्ना शुक्ला के किस्से किसी फिल्मी हीरो की कहानी से कम नहीं है.
सूरजभान सिंह
लंबी-चौड़ी कद काठी वाले अपने छोटे बेटे सूरजभान सिंह (Surajbhan Singh) को पिता फौज में भेजना चाहते थे. लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था. सूरजभान की किस्मत की लकीरें तो उसे सियासत और जुर्म की उस दुनिया में ले गईं, जहां उसके नाम का सिक्का चलता था. एक वक्त ऐसा था जब लोग उनके नाम से कांपते थे. सूरजभान पर मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या समेत 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं.
अनंत सिंह
“छोटे सरकार” के नाम से मशहूर बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह ( Anant Singh ) पर गंभीर अपराध के कई मामले दर्ज हैं. बचपन से ही दबंग तेवर रखने वाले अनंत सिंह अपने बड़े भाई की हत्या का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में आए. भले ही ज्यादातर लोग इन्हें मोकामा के डॉन के नाम से जानते हों, लेकिन भूमिहार समाज के लोग उन्हें अपना हीरो मानते हैं और छोटे सरकार के नाम से बुलाते हैं. लोगों की समस्याओं को सुलझाना, लोगों की मदद करना, गांव की लड़कियों की शादी में दहेज देना, रोजगार बांटना ऐसे कई काम थे जिन्होंने अनंत सिंह को इलाके के मसीहा के रूप में स्थापित किया.
दिलीप सिंह
“बड़े सरकार” के नाम से मशहूर दिलीप सिंह ( Dilip Singh ) बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह के बड़े भाई थे. बात 80 के दशक की है. उस समय कामदेव सिंह मध्य बिहार में तस्कर थे जो हथियारों को छोड़कर हर तरह की चीजों की तस्करी करते थे. दिलीप सिंह कामदेव सिंह के राइट हैंड बन गए. इसी बीच कामदेव सिंह की हत्या हो गई और उसकी कुर्सी पर दिलीप सिंह ने कब्जा कर लिया.
सुनील पांडेय
नरेंद्र कुमार पांडेय (Sunil Pandey) उर्फ सुनील पांडेय को बिहार में “डॉक्टर डॉन” के नाम से भी जाना जाता है. इनके पास अहिंसा के प्रतीक महावीर पर तो पीएचडी की डिग्री है, लेकिन इनके अपराध का भी लंबा इतिहास है. सुनील पांडेय ने शहाबुद्दीन का शागिर्द बनकर अपराध की दुनिया में कदम रखा था.
धूमल सिंह
बाहुबली मनोरंजन सिंह (Dhumal Singh) वर्तमान में सारण के एकमा से जदयू विधायक हैं. कहा जाता है कि सारण में धूमल सिंह के नाम की तूती बोलती है और उनकी अनुमति के बिना इस क्षेत्र में एक परिंदा भी नहीं मारा जा सकता है. धूमल सिंह के खिलाफ बिहार, यूपी, दिल्ली, मुंबई और झारखंड में 150 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या और हत्या के प्रयास का एक-एक मामला भी दर्ज किया गया है.
अशोक सम्राट
बेगुसराय की धरती पर पैदा हुए अशोक सम्राट (Ashok Samrat ) अपने दौर के सबसे बड़े गैंगस्टर बाहुबली थे. 90 के दशक में बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तक इनकी तूती बोलती थी. अशोक सम्राट पहला गैंगस्टर थे जो बिहार में पहली बार एके 47 जैसा हथियार लेकर आये और उसका इस्तेमाल अपराध करने में किया.
References:
•https://www.aajtak.in/elections/bihar-assembly-elections/story/kamdev-singh-begusarai-mafia-don-history-downtrodden-people-call-him-god-1129609-2020-09-15
•https://www.abplive.com/states/bihar/munna-shukla-this-bahubali-of-bihar-is-fond-of-gatherings-used-to-organize-dance-party-in-jail-ann-2023842
•https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-politicial-kisse-bahubali-munna-shukla-revenge-made-don-guilty-in-murder-of-ias-and-minister-phd-in-jail-dancers-nodrss-3300839.html
•https://www.jansatta.com/crime-news-hindi/know-how-to-criminal-like-surajbhan-singh-came-into-politics/1999958/
•https://navbharattimes.indiatimes.com/crime/anant-singh-story-how-he-become-bahubali-politician-from-a-mafia-don-in-mokama-bihar-and-attrect-nitish-kumar/articleshow/94663179.cms
•https://www.jansatta.com/crime-news-hindi/bahubali-sunil-pandey-phd-holder-and-called-doctor-don-of-bihar/2001820/
•https://www.aajtak.in/elections/bihar-assembly-elections/story/manoranjan-singh-dhumal-singh-profile-political-career-criminal-cases-bihar-vidhan-sabha-chunav-2020-tbtb-1135492-2020-09-26
•https://navbharattimes.indiatimes.com/elections/assembly-elections/bihar/news/bihar-gangster-bahubali-ashok-samrat-story-encounter-under-lalu-yadav-rule-even-before-wearing-khadi/articleshow/78230463.cms
