Last Updated on 02/12/2022 by Sarvan Kumar
विवाह मानव समाज में और विशेष रूप से भारत सहित पूर्वी देशों में एक महत्वपूर्ण संस्था है. भारत में, तेजी से शहरीकरण और छोटे परिवारों के प्रसार के बावजूद समुदाय आधारित विवाह और समान जाति विवाह प्रचलित हैं. विविधताओं से भरे देश भारत में शादी-विवाह की परंपराओं और प्रथाओं में कई भिन्नताएं हैं. आइए इसी क्रम में जानते हैं भूमिहार विवाह के बारे में.
भूमिहार विवाह
वैसे तो भारत में प्रेम विवाह भी होने लगे हैं, लेकिन आज भी अरेंज मैरिज एक परंपरा के रूप में प्रचलित है. हिंदू समुदाय की बात करें तो अरेंज मैरिज के दौरान कई बातों का ध्यान रखा जाता है जैसे कि धर्म, जाति, पेशा, स्टेटस, खानपान (food habits), कुंडली, उम्र, लड़का और लड़की की शारीरिक सुंदरता और अन्य शारीरिक मापदंड आदि. भूमिहार बिहार और झारखंड के मूल निवासी हैं. कुछ भूमिहार आबादी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में भी पाई जाती है. यह एक हिंदू जाति है. भूमिहार जाति के लोग ब्राह्मण होने का दावा करते हैं, और उन्हें भूमिहार ब्राह्मण भी कहा जाता है. आइए अब भूमिहार विवाह को निम्न बिन्दुओं से समझते हैं-
•अन्य हिंदू जातियों की तरह, भूमिहार भी सजातीय विवाहों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. जाति अंतर्विवाह (Caste endogamy) एक विशिष्ट जाति के भीतर विवाह करने की प्रथा है. एंडोगैमी एक विशिष्ट सामाजिक समूह, धार्मिक संप्रदाय, जाति या जातीय समूह के भीतर विवाह करने की प्रथा है. समान गोत्रों के बीच विवाह कम से कम वांछनीय है. लेकिन यदि एक ही गोत्र के बीच विवाह परिस्थितियों की आवश्यकता बन जाता है, तो कुल (मूल) की पहचान निर्णायक कारक बन जाती है. एक ही गोत्र के बीच विवाह वांछनीय नहीं है लेकिन फिर भी अमान्य है, लेकिन एक ही कुल (मूल) के बीच विवाह सख्त वर्जित है.
•चूँकि भूमिहार ब्राह्मणों की उपजाति होने का दावा करते हैं, यहाँ एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है कि क्या ब्राह्मणों और भूमिहारों के बीच विवाह होते हैं. प्रसिद्ध मैट्रिमोनी साइट jeevansathi.com के अनुसार, भूमिहारों को तिरहुत और मिथिला में मैथिली ब्राह्मणों से विवाह करने की अनुमति है. बुंदेलखंड में भूमिहार ब्राह्मणों और कान्यकुब्ज ब्राह्मणों का गठबंधन भी स्वीकार्य है. भूमिहार विवाह में रस्में और विवाह समारोह ब्राह्मणों के समान हैं.
•भूमिहार एक ऊंची जाति है. जहाँ तक अंतर्जातीय विवाहों का संबंध है, उच्च जातियों में भी अंतर्जातीय विवाहों के लिए सहजता नहीं है. दैनिक जागरण में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, जमालपुर मिर्जापुर में एक भूमिहार युवती ने राजपूत लड़के से शादी करने से इंकार कर दिया था.
References:
•Brahmins Who Refused to Beg BRIEF HISTORY OF BHUMIHARS, “AYACHAK” BRAHMINS OF EAST INDIA. Author Name: Anurag Sharma
https://www.jagran.com/lite/uttar-pradesh/mirzapur-13885034.html
