Last Updated on 27/10/2022 by Sarvan Kumar
पुराण शब्द का शाब्दिक अर्थ है- “प्राचीन, पुराना”. पुराण भारतीय साहित्य का एक विशाल संग्रह है जो कि किंवदंतियों और पारंपरिक लोककथाओं जैसे विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करता है. पुराणों के माध्यम से हमें प्रारंभिक काल के ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में भी पता चलता है. यहां हम चमार पुराण के बारे में जानेंगे.
चमार पुराण
मुख्य विषय पर आने से पहले पुराणों के बारे में थोड़ा जान लेते हैं. पुराण हिंदुओं के धर्मसंबंधी ग्रंथ है. अठारह पुराणों में अलग-अलग देवी-देवताओं को केन्द्र मानकर हिन्दू देवी-देवताओं, पौराणिक मिथकों, सृष्टि, प्राचीन ऋषियों- मुनियों और राजाओं के वृत्तांत आदि का वर्णन किया गया है. पुराण राजाओं और घट्नाक्रमों की सूचि के बारे में भी बताते हैं. ज्ञान और जानकारी का विशाल भंडार होने के कारण पुराण महत्वपूर्ण हैं बाद में पुराणों की तर्ज पर अन्य पुस्तकों और जाति पुराणों की रचना की गई, जिसके माध्यम से विभिन्न विषयों तथा जातियों के इतिहास के बारे में चर्चा की गई. चमार जाति के इतिहास के बारे में भी कई पुस्तकें लिखी गई है जिसमें से एक महत्वपूर्ण पुस्तक है- चमार पुराण या चँवर पुराण या श्री चँवर पुराण. चमार समुदाय के बारे में अधिकांश जानकारी प्राप्त करने के लिए, चँवर पुराण नामक पुस्तक का व्यापक रूप से उल्लेख किया जाता है. कई जानकार मानते हैं कि “चमार” शब्द “चँवर” से ही बना है. इस पुस्तक में सतगुरू गुरू रविदास जी के चरित्र एवं भक्त चैता की कथा को लिखा गया है. चँवर पुराण के अनुसार वर्तमान समय के चमारों की उत्पत्ति रैदास के घर से हुई है, जिन्हें इस समुदाय के लोग भगवान के समान मानते हैं और पूजा करते हैं. चँवर पुराणों में चमारों इतिहास के बारे में बताते हुए इस समुदाय को क्षत्रिय सिद्ध करने का प्रयास किया गया है. बाजार में श्री चँवर पुराण नाम से मुख्य रूप से 2 पुस्तकें उपलब्ध हैं. एक पुस्तक के लेखक मुखिया बसंत लाल चतुर्वेदी हैं और यह पुस्तक केशव पुस्तकालय प्रकाशन की है. दूसरे पुस्तक के लेखक माखन दास हैं. माखन दास ने अपनी पुस्तक में चमार जाति के क्षत्रिय पहचान पर बल दिया है.
References:
•Indian Journal of Physical Anthropology and Human Genetics
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•Backward Caste Politics, a Study in Socio-political Mobility
By Jyotsana Sharma · 2006
•शूद्रों का खोजपूर्ण इतिहास, अर्थात् भारत का सच्चा इतिहास
By के. पी. संखवार · 2004
•Dalit Jnan-Mimansa- 02 Hashiye Ke Bheetar
By Edited by Kamal Nayan Chaube · 2022
•Chanar Puran by Makhan Das
