Ranjeet Bhartiya 15/06/2022
जाट गायक सिद्धू मूसेवाला आज हमारे बीच नहीं है पर उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा बनी रहेगी। अपने गानों के माध्यम से वह अमर हो गए हैं । सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या किसने और किस वजह से की यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन हमने जाट समाज का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके फैंस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। jankaritoday.com की टीम के तरफ से उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि! Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 15/06/2022 by Sarvan Kumar

राजावत (Rajawat) कछवाहा वंश की एक उपशाखा है. कछवाहा (Kachhwaha) वंश का संबंध अयोध्या के सूर्यवंशी इक्ष्वाकु (Ikshvaku) वंश से है. रामायण और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में इक्ष्वाकु वंश के प्रसिद्ध शासकों का उल्लेख मिलता है. इस वंश में एक से बढ़कर एक प्रतापी राजाओं ने जन्म लिया, जैसे -परम प्रतापी राजा इक्ष्वाकु, जिनके नाम पर इस वंश का नाम “इक्ष्वाकु वंश” पड़ा. इसी वंश में सत्यवादी और दानी राजा हरिश्चंद्र, सगर, गंगा को पृथ्वी पर लाने वाले महाराज भगीरथ, दिलीप, रघु, अज, दशरथ और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम हुए. भगवान श्री राम के ज्येष्ठ पुत्र कुश हुए, जिनसे कछवाहा वंश (शाखा) का विस्तार हुआ. कछवाहा राजपूत वंश के शासकों ने भारत के कई राज्यों और रियासतों पर शासन किया, जैसे कि जयपुर, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, अलवर और मैहर, इत्यादि. कछवाहा वंश अनेक उपकुलों या उपशाखाओं में विभाजित है. इनके प्रमुख उपकुल हैं- राजावत, शेखावत (Shekhawat), नरुका (Naruka), खंगारोट (Khangarot), नथावत (Nathawat), धीरावत (Dhirawat), आदि. इन सभी का संबंध जयपुर घराने के कछवाहा वंश से है.आइए जानते हैं राजावत कछवाहा राजपूतों के इतिहास के बारे में-

राजावत राजपूत का इतिहास

राजावत कछवाहा वंश से निकली एक खाप या शाखा है. राजावत कछवाहा आमेर के राजा भारमल (बिहारी मल) के बड़े पुत्र राजा भगवंत दास के वंशज हैं. यानी कि राजा भारमल के बड़े पुत्र राजा भगवंत दास के वंशजों को राजावत कछवाहा कहा जाता है. यह अपने उपनाम (surname) के रूप में राजावत शब्द का प्रयोग करते हैं. राजावत कछवाहा 9 उप समूहों या खापों में विभाजित है.

राजावत कछवाहों की 9 उपशाखाएं इस प्रकार हैं-

(1). कीर्तसिंहोत राजावत
•कीर्तसिंहोत राजावत आमेर के राजा मानसिंह के प्रपौत्र मिर्जा राजा जयसिंह के पुत्र कीर्ति सिंह के वंशज हैं.

(2). जुझारसिंहोत राजावत
•आमेर के राजा मानसिंह के पुत्र कुंवर जगत सिंह हुए. जगत सिंह के दूसरे पुत्र जुझार सिंह थे. जुझार सिंह के वंशज जुझारसिंहोत राजावत के नाम से जाने जाते हैं.

(3). दुर्जनसिंहोत राजावत
•कुंवर दुर्जन सिंह राजा मान सिंह के चौथे पुत्र थे. इनकी माता का नाम सहोद्रा गौड़ था. यह अत्यंत ही साहसी और पराक्रमी योद्धा थे. कुंवर दुर्जन सिंह के वंशजों को दुर्जनसिंहोत राजावत के नाम से जाना जाता है.

(4). शक्तिसिंहोत राजावत
•शक्तिसिंहोत राजावत राजा मान सिंह के पुत्र शक्ति सिंह के वंशज हैं.

(5). कल्याण सिंहोत राजावत
•मान सिंह के पुत्र कल्याण सिंह के वंशज कल्याणसिंहोत राजावत कहलाते हैं.

(6). हिम्मतसिंहोत राजावत
•राजा मानसिंह के पुत्र हिम्मत सिंह हुए. हिम्मत सिंह बहुत ही साहसी और बहादुर थे. बंगाल और बिहार के के युद्धों में उन्होंने अपने वीरता का परिचय दिया था. बंगाल के ही एक युद्ध में यह वीरगति को प्राप्त हुए थे. इनके वंशज हिम्मतसिंहोत राजावत के नाम से जाने जाते हैं.

(7). सूरजसिंहोत राजावत
•सूरजसिंहोत राजावत आमेर के राजा भगवंत दास के पुत्र सूरज सिंह के वंशज हैं.

(8). बनमालीदासोत राजावत
•आमेर के राजा भगवंत दास के पुत्र बनमाली दास के वंशज बनमालीदासोत राजावत कहलाते हैं.

(9). माधोसिंहोत राजावत
•आमेर के राजा भगवंत दास के एक पुत्र माधो सिंह हुए. माधो सिंह के वंशज ही माधोसिंहोत राजावत के नाम से जाने जाते हैं.

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