Ranjeet Bhartiya 01/01/2023
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Last Updated on 01/01/2023 by Sarvan Kumar

सैनी मुख्य रूप से उत्तर भारत में रहने वाली एक प्रमुख जाति है जो परंपरागत रूप से जमींदार और किसान रहे हैं. इस जाति की उत्पत्ति के संबंध में पौराणिक साहित्य में अनेक कथाओं का उल्लेख मिलता है, जिससे इनके गौरवशाली इतिहास का पता चलता है. इस समुदाय के लोग राजा भगीरथ, भगवान श्री कृष्ण और पोरस से अपनी उत्पत्ति का दावा करते हैं. इसके साथ ही इस समुदाय के लोग खुद को राजा शूरसेन से भी जोड़ते हैं. आइए इसी क्रम में जानते हैं महाराजा शूरसेन सैनी के बारे में.

महाराजा शूरसेन सैनी

सैनी या शूरसैनी एक योद्धा-कृषक जाति है. पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली आदि में इनकी इनकी महत्वपूर्ण उपस्थिति है. समय के साथ इस समुदाय के लोग अपने परंपरागत व्यवसाय को छोड़कर दूसरे व्यवसायों को भी अपनाने लगे हैं. इस समुदाय के शिक्षित वर्ग की निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में उपस्थिति है जहां वे राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. इस समाज के लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में भी इस समुदाय के लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी.अधिकांश सैनी हिंदू धर्म का पालन करते हैं और दिवाली, होली आदि जैसे हिंदू त्योहारों को बहुत धूमधाम से मनाते हैं. इस समाज के लोगों की महाराज शूरसेन सैनी में विशेष आस्था है. यही कारण है कि इस समुदाय के लोग शूरसेन जयंती को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं जो राजा शूरसेन का जन्मदिन होता है. आइए अब विस्तार से जानते हैं कि महाराज शूरसेन सैनी कौन थे. सैनी समाज की उत्पत्ति के संबंध में अनेक कथाएं प्रचलित हैं. इनमें से कई राजपूत वंश से अपनी उत्पत्ति का दावा करते हैं. एक पौराणिक मान्यता के अनुसार महाराजा शूर सेन सैनी, सैनी जाति के प्रवर्तक थे. कहा जाता है कि शूरसैनी क्षत्रिय वंश की उत्पत्ति और विकास सूर्यवंश के अंतर्गत हुआ था. महाराजा शूरसैन महाराजा दशरथ के पुत्र और भगवान श्री राम के छोटे भाई शत्रुघ्न के पुत्र के रूप में पैदा हुए थे. शत्रुघ्न ने युद्ध में यमुना तट पर स्थित मधुवन को जीत लिया था और उसके स्थान पर मथुरापुरी नगर बसाया था, जो वर्तमान में मथुरा है. मथुरापुरी के लगभग बीस योजन के क्षेत्र में शत्रुघ्न ने अपने पुत्र शूरसैन के नाम पर शूरसैन देश की स्थापना की थी. इसकी जिम्मेदारी शूरसैन को सौंपी गई थी. सैनी समाज के महाराजा शूरसैनी का जन्म इसी शूरसैन में हुआ था. यहीं पर सैनी समुदाय की उत्पत्ति हुई, जो कालांतर में भारत के विभिन्न भागों में फैल गया.


References:

•People Of India:Rajasthan(ppart2)

Volume 2

By K. S. Singh · 1998

•https://www.bhaskar.com/harayana/kaithal/news/haryana-news-the-history-of-saini-society-is-glorified-jagdish-072046-4490700.html

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