Ranjeet Bhartiya 28/01/2023
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Last Updated on 13/03/2023 by Sarvan Kumar

भारत की जनसंख्या कई धार्मिक समूहों और हजारों जातियों में बंटी हुई है. सामान्यतः यह समझा जाता है कि जाति व्यवस्था केवल हिन्दू समाज में पाई जाती है लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि मुसलमानों में भी सैकड़ों जातियां पाई जाती हैं. जातियों के उत्पत्ति और विकास के पीछे आमतौर पर एक दिलचस्प कहानी होती है. जाति का नामकरण अपने आप में एक दिलचस्प विषय है. प्रत्येक जाति के नाम का कुछ अर्थ होता है. इसी क्रम में आइए जानते हैं कि राजभर का क्या मतलब है?

राजभर का क्या मतलब है?

इस समुदाय के सदस्य श्रावस्ती के महाराजा और मध्यकालीन हिंदू नायक सुहेलदेव के वंशज होने का दावा करते हैं. लोक कथाओं के अनुसार महाराजा सुहेलदेव ने 11वीं सदी में बर्बर इस्लामिक आक्रमणकारी महमूद आक्रांता के भतीजे सैय्यद सालार मसूद से मातृभूमि और हिन्दू धर्म की रक्षा की थी. राजभर मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली एक प्रमुख जाति है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश से सटे राज्यों में भी इनकी आबादी है. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में इस समुदाय की मजबूत उपस्थिति है. वे हिंदू धर्म का पालन करते हैं और उनकी सांस्कृतिक प्रथाएं अवध क्षेत्र के अन्य हिंदू समुदायों के समान हैं. ये लोग अवधी और भोजपुरी भाषा बोलते हैं. आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी, अंबेडकर नगर और फैजाबाद आदि जिलों में इनकी बड़ी आबादी है. यही वजह है कि इस समुदाय को इस क्षेत्र में राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.अब मुख्य विषय पर आते हैं और जानते हैं कि राजभर का मतलब क्या है. कहा जाता है कि प्राचीन काल में इस समुदाय की गणना श्रेष्ठ जातियों में की जाती थी. लगभग 2000 वर्ष पूर्व इस समुदाय के अनेक वीर और पराक्रमी राजा हुए जिन्होंने भारत पर शासन किया. अपनी समृद्धि के कारण भारत पूरे विश्व में सोने की चिड़िया के नाम से विख्यात था और इसीलिए विदेशी आक्रमणकारियों की नजर भारत पर रहती थी. जब शक और हूण कबीलों ने भारत पर आक्रमण किया तो किसी में उनका सामना करने का साहस नहीं था. ऐसी विपरीत परिस्थिति में राजभर जाति के लोगों ने मातृभूमि की रक्षा का दायित्व अर्थात भार अपने ऊपर ले लिया और विदेशी आक्रमणकारियों को खदेड़ दिया. विदेशी हमलावरों को देश की सीमाओं से खदेड़ कर मातृभूमि की रक्षा करने वाला यह वीर और पराक्रमी कौम बाद में राजभर के नाम से प्रसिद्ध हुआ.

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