Religion

Ranjeet Bhartiya 27/11/2021

संथाल (Santal or Santhal) भारत में निवास करने वाला एक मूलनिवासी जातीय समूह है. आरक्षण प्रणाली के अंतर्गत इन्हें अनुसूचित जनजाति (Schedule Tribe, ST) के रूप में वर्गीकृत किया गया है. यह मूल रूप से पूर्वी भारत के राज्यों झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, असम और त्रिपुरा में पाए जाते हैं. जनसंख्या की दृष्टि से […]

Ranjeet Bhartiya 25/11/2021

उरांव (ओराँव) या कुडूख (Oraon, Uraon or Kurukh) भारत में पाया जाने वाला एक प्रमुख जनजातीय समूह है. बिहार और छत्तीसगढ़ में इन्हें उराँव कहा जाता है. यह छोटानागपुर क्षेत्र का एक आदिवासी समूह है. महाराष्ट्र में इन्हें धनगड़ या धनगर नाम से भी जाना जाता है.परंपरागत रूप से इनकी अर्थव्यवस्था और जीविका मूल रूप […]

Ranjeet Bhartiya 25/11/2021

मुंडा (Munda) भारत पाई जाने वाली एक प्रमुख जनजाति है. यह भारत की सबसे बड़ी अनुसूचित जनजातियों में से एक हैं. त्रिपुरा में इन्हें मुरा और मध्य प्रदेश में मुदास के नाम से जाना जाता है. जीविका के लिए यह कृषि, शिकार, मछली पालन, पशुपालन और वन संसाधनों पर निर्भर है. यह अकुशल मजदूरों के […]

Ranjeet Bhartiya 25/11/2021

हो (Ho) भारत में पाई जाने वाली एक प्रमुख जनजाति है. इन्हें होडोको और होरो के नाम से भी जाना जाता है. यह बांग्लादेश और नेपाल में भी निवास करते हैं.अधिकांश हो जीवन यापन के लिए कृषि और वन उत्पादों पर निर्भर है. भूमिहीन हो मजदूरी और खनन कार्य करते हैं.स्वभाव से यह सरल और […]

Ranjeet Bhartiya 25/11/2021

भूमिज (Bhumij) भारत में पाई जाने वाली एक जनजाति है. यह मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, झारखंड और बिहार में पाए जाते हैं. त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और छत्तीसगढ़ में भी इनकी थोड़ी बहुत आबादी है. बहुत कम संख्या में यह बांग्लादेश में भी पाए जाते हैं. जीवन यापन के लिए यह मुख्य […]

Sarvan Kumar 23/11/2021

भूमिहार, जिसे बाभन भी कहा जाता है, एक हिंदू जाति है जो मुख्य रूप से बिहार (मिथिला क्षेत्र सहित), उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र, झारखंड, मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र और नेपाल में पाई जाती है। स्वतन्त्र भारत में जातिगत गणना नहीं हुई है, 1911 के जनगणना के अनुसार बिहार की कुल आबादी 10,38,04,637 थी। […]

Sarvan Kumar 23/11/2021

एक वाक्या जो जस्टिस काटजू से संबंधित है, मार्कंडेय काटजू एक भारतीय विधिवेत्ता और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं। लोगों को भूमिहारों केेे बारे मेें कितना समझ है, यह इस वाक्या से पता चलता है। वे Facebook लिखते हुए कहते हैं “उच्च न्यायालय में एक वरिष्ठ वकील आर.एन. सिंह, जो एक भूमिहार […]

Sarvan Kumar 22/11/2021

भूमिहार शब्द के शाब्दिक अर्थ से इनके उत्पत्ति के  बारे में अनुमान लगाए जाते रहे हैं। भूमिहार दो शब्दों के मेल से बना हुआ है एक है भूमि और दूसरा हार ,अर्थात भूमि + हार = भूमिहार। भूमि का अर्थ तो सबको पता है भूमि का मतलब है जमीन, हार का अलग-अलग अर्थ निकाले जाते […]

Ranjeet Bhartiya 21/11/2021

कोरवा (Korwa) मुख्य रूप से भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में पाई जाने वाली एक प्राचीन जनजाति है. अधिकांश कोरवा अन्य समुदायों से अलग-थलग पहाड़ी और जंगली दुर्गम इलाकों में निवास करते हैं. ज्यादातर कोरवा आज भी शिकारी हैं और जंगली उत्पादों, खाद्य पदार्थों, जड़ी-बूटी और कंदमूल को इकट्ठा करने का काम करते हैं. बहुत कम […]

Ranjeet Bhartiya 21/11/2021

 चेरो (Chero) भारत में निवास करने वाली एक जाति है. अलग-अलग क्षेत्रों में इन्हें भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है. पलामू में इन्हें बाराहजारी, दक्षिणी छोटानागपुर में पच्चासी, तो बिहार में इन्हें चारवा या चूरू के नाम से जाना जाता है. झारखंड में निवास करने वाले चेरो मुख्य रूप से किसान हैं, इनमें से कई […]