Ranjeet Bhartiya 20/07/2022
नहीं रहे सबके प्यारे ‘गजोधर भैया’। राजू श्रीवास्तव ने 58 की उम्र में ली अंतिम सांस। राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद से वो 41 दिनों से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। उनकी आत्मा को शांति मिले, मुझे विश्वास है कि भगवान ने उसे इस धरती पर रहते हुए जो भी अच्छा काम किया है, उसके लिए खुले हाथों से स्वीकार करेंगे #RajuSrivastav #IndianComedian #Delhi #AIMS Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 20/07/2022 by Sarvan Kumar

जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है. लगभग 25 करोड़ जनसंख्या वाले इस प्रदेश में हिंदुओं की आबादी करीब 80% है. राज्य में यादव, ब्राहमण, राजपूत ठाकुर, जाटव, कुशवाहा/ मौर्य, जाट आदि जातियों की अच्छी खासी आबादी है. आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश में कुर्मी जाति की जनसंख्या कितनी है.

उत्तर प्रदेश में कुर्मी जाति की जनसंख्या

कुर्मी उत्तर प्रदेश में निवास करने वाले प्रमुख जातियों में से एक है. उत्तर प्रदेश में कुर्मी समाज कई उप जातियों में बटा हुआ है और यह पटेल, गंगवार, सचान, निरंजन, कटिहार, चौधरी और वर्मा आदि उपनामों से जाने जाते हैं. मूल रूप से यह एक कृषक जाती है जो मुख्य रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है. हालांकि शिक्षा के प्रचार प्रसार और रोजगार के आधुनिक अवसरों के कारण इस समाज में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं. इसके परिणामस्वरूप, अब यह केवल कृषि कार्यों तक ही सीमित नहीं है और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं. साथ हीं, शहरों में इनकी आबादी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. उत्तर प्रदेश में कुर्मी जाति की जनसंख्या की बात करें तो बता दें कि आखिरी बार साल 1931 में अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान जाति के आधार पर जनसंख्या के आंकड़े इकट्ठे किए गए थे. स्वतंत्र भारत में जाति के आधार पर जनगणना एक बार भी नहीं की गई है. प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण उत्तर प्रदेश में कुर्मी जाति की जनसंख्या के बारे में अलग-अलग दावे किए जाते हैं. आइए जरा विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं-

-हालांकि वर्तमान डेटा मौजूद नहीं है, जून 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा गठित एक सामाजिक न्याय समिति (Social Justice Committee) ने अनुमान लगाया कि ओबीसी यूपी की आबादी का 43.13 प्रतिशत है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यादव ओबीसी आबादी का 19.4 प्रतिशत और कुर्मी 7.46 प्रतिशत हैं.

-“आज तक” में छपे एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कुर्मी-सैथवार समाज की जनसंख्या 6 फीसदी है.

-“नवभारत टाइम्स” में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में ओबीसी में यादव के बाद दूसरी सबसे बड़ी आबादी कुर्मी समाज की है. प्रदेश में इनकी आबादी करीब 6% है.

-वहीं, “इंडिया टुडे” में छपी रिपोर्ट के अनुसार, कुर्मियों की संख्या यूपी की कुल आबादी का 7-8 फीसदी है. कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) पूर्व उपमहाप्रबंधक एवं उत्तरप्रदेश सरदार पटेल बौद्धिक विचार मंच के महामंत्री जगदीशशरण गंगवार दावा करते हैं कि प्रदेश में कुर्मी समाज की जनसंख्या 12 प्रतिशत है.

-“इंडिया टुडे” में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक,
एक जाति के रूप में कुर्मी यादवों की तरह ही समृद्ध हैं.
उत्तर प्रदेश में इनकी आबादी लगभग 9% है और यह राज्य के ओबीसी आबादी का 24% बनाते हैं.

निष्कर्ष (conclusion):
उत्तर प्रदेश में कुर्मी समाज राजनीतिक रूप से ताकतवर माना जाता है. यूपी कि सियासत में कुर्मी समाज का प्रभाव कम से कम 25 जिलों में हैं. इससे स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में कुर्मी जाति की अच्छी खासी जनसंख्या है. अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर हम कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में कुर्मी जाति की जनसंख्या 6% से 12% के बीच हो सकती है.‌


References;
https://www.aajtak.in/elections/up-assembly-elections/story/up-kurmi-patel-community-political-power-bjp-congress-sp-apna-dal-caste-politics-obc-ntc-1383848-2021-12-31

https://www.jagran.com/uttar-pradesh/faizabad-kurmi-samaj-is-politicaly-backward-18608688.html

https://indianexpress.com/article/political-pulse/sp-kurmi-brigade-upstages-bjp-7821459/

https://www.indiatoday.in/magazine/indiascope/story/19941215-kurmis-rally-against-yadav-domination-in-uttar-pradesh-809986-1994-12-15

https://navbharattimes.indiatimes.com/elections/assembly-elections/uttar-pradesh/news/anupriya-patel-made-deep-inroads-in-kurmi-vote-bank-made-apna-dal-the-third-largest-party-in-up/articleshow/90178303.cms

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