Ranjeet Bhartiya 02/12/2021

भिश्ती (Bhishti) भारत और पाकिस्तान में निवास करने वाली एक मुस्लिम जनजाति है. पारंपरिक रूप से यह जलवाहक यानी कि पानी की आपूर्ति करने का काम करते हैं. वर्तमान में भी यह इसी प्रकार के अन्य घरेलू सेवाओं में लगे हुए हैं. स्वभाव से यह मेहनती और वफादार होते हैं. बदलते वक्त के साथ अन्य […]

Ranjeet Bhartiya 02/12/2021

बेलदार (Beldar) समाज का इतिहास : बेलदार (Beldar) भारत में पाई जाने वाली एक जाति है. ऐतिहासिक रूप से यह एक खानाबदोश जाति है.पारंपरिक रूप से यह उत्तरी भारत के मूल निवासी हैं, लेकिन अब यह देश के विभिन्न भागों में निवास कर रहे हैं. यह ओड समुदायों के समान है, जो पश्चिमी भारत के […]

Ranjeet Bhartiya 29/11/2021

बासोर (Basor) भारत में पाई जाने वाली एक व्यावसायिक जाति है. यह छोटे किसान और बटाईदार होते हैं. इनका पारंपरिक व्यवसाय बांस की टोकरी और अन्य सामान जैसे-सुपली, पौती, तराजू, मांदल आदि बनाना और पशुपालन रहा है. अन्य कारीगर जातियों की तरह, इनके पारंपरिक व्यवसाय में भी गिरावट दर्ज की गई है. इसीलिए जीवन यापन […]

Sarvan Kumar 29/11/2021

भरभुंजा या भारभुंज (Bharbhunja or Bharbhunj) भारत में पाई जाने वाली एक जाति है. इन्हें अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है. इन्हें महाराष्ट्र में कलेंरा, पंजाब में मेहरा और उत्तर प्रदेश में भुरजी कहा जाता है. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में निवास करने वाले भरभुंजा आज भी सूखे अनाज बेचने के अपने […]

Sarvan Kumar 28/11/2021

रबारी (Rabari) भारत में पाई जाने वाली एक प्राचीन जाति है. मूल रूप से यह एक चरवाहा जाति है. इनका पारंपरिक कार्य कृषि और पशुपालन है. इन्हें रैबारी, राईका, गोपालक और देवासी के नाम से भी जाना जाता है. यह एक क्षत्रिय जाति है इस जाति के लोग निडर, साहसी और बेहद ईमानदार होते हैं. […]

Sarvan Kumar 28/11/2021

धोबी (Dhobi) भारत और भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक जातीय समूह है. पारंपरिक रूप से इनका मुख्य कार्य कपड़े धोना, रंगना और इस्त्री करना है. भारत के अलग-अलग राज्यों में इन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे-रजक, धूपी, धोबा आदि. यह एक बड़ा जातीय समूह है, जो उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी भारत […]

Ranjeet Bhartiya 27/11/2021

खड़िया मध्य-पूर्व भारत में पाया जाने वाला एक एस्ट्रोएशियाटिक जनजातीय समुदाय है. इनका निवास स्थान मध्य भारत के पठारी क्षेत्र हैं, जहां ऊंची पहाड़ियां, घने जंगल, नदियां और झरने हैं. इन पहाड़ों की तराइयों, जंगलों के बीच समतल मैदानों और ढलान में इनकी बहुतायत आबादी है. यह मूल रूप से ग्रामीण खेतिहर‌ समुदाय है. यह […]

Ranjeet Bhartiya 27/11/2021

कंवर (Kanwar or Kawar) मध्य भारत में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण जनजाति है. छत्तीसगढ़ राज्य में गोंड जनजाति के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है. भाषा, रहन-सहन और पर्व त्यौहार के मामले में यह गोंड जनजाति के समान ही हैं. यह मुख्य रूप से एक कृषक जनजाति है. जीविकोपार्जन के लिए यह सहायक […]

Ranjeet Bhartiya 27/11/2021

खरवार (Kharwar) भारत में पाई जाने वाली एक प्राचीन जाति है. यह सूर्यवंशी होते हैं, इसीलिए इन्हें सूर्यवंशी क्षत्रिय खरवार भी कहा जाता है. इन्हें खड़गवंशी भी कहा जाता है. इनकी अर्थव्यवस्था और जीविका कृषि, पशुपालन, मछली पकड़ने, शिकार और वन गतिविधियों पर आधारित है. झारखंडमें इन्हें अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe, ST) के रूप में वर्गीकृत […]

Ranjeet Bhartiya 27/11/2021

संथाल (Santal or Santhal) भारत में निवास करने वाला एक मूलनिवासी जातीय समूह है. आरक्षण प्रणाली के अंतर्गत इन्हें अनुसूचित जनजाति (Schedule Tribe, ST) के रूप में वर्गीकृत किया गया है. यह मूल रूप से पूर्वी भारत के राज्यों झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, असम और त्रिपुरा में पाए जाते हैं. जनसंख्या की दृष्टि से […]