Ranjeet Bhartiya 23/11/2022

अंग्रेजों ने लड़ाकू जातियों या योद्धा जातियों (Martial Races) की तत्कालीन अवधारणा के आधार पर ब्रिटिश भारतीय सेना में कई रेजिमेंटों का गठन किया था. इनमें से कई जाति-आधारित रेजिमेंटों को भंग कर दिया गया, जबकि कुछ जाति-आधारित रेजिमेंट अभी भी अस्तित्व में हैं. आइए इसी क्रम में जानते हैं भूमिहार रेजिमेंट के बारे में. […]

Ranjeet Bhartiya 22/11/2022

भारत की राजनीति में सवर्णों का दबदबा रहा है. सवर्ण जातियों में भूमिहार बिहार और पूर्वांचल की राजनीति में बहुत प्रभावशाली रहे हैं. बिहार, उत्तर प्रदेश में सरकार भले ही किसी भी पार्टी की रही हो, लेकिन भूमिहार नेताओं की हमेशा तवज्जो मिलती रही है. आइए इसी क्रम में जानते हैं भूमिहार नेताओं के बारे […]

Ranjeet Bhartiya 21/11/2022

भारतीय राजनीति में क्षेत्रवाद, जातीयता और जाति जैसे मुद्दे हमेशा महत्वपूर्ण रहें है. आजादी से लेकर अब तक के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पाएंगे कि ज्यादातर राज्यों में ऊंची जातियों के लोग ही मुख्यमंत्री रहे हैं. आइए इसी क्रम में जानते हैं भूमिहार जाति के मुख्यमंत्री के बारे में. भूमिहार जाति के मुख्यमंत्री जाति […]

Ranjeet Bhartiya 20/11/2022

भूमिहार भारत में रहने वाली एक ऐसी सवर्ण जाति है जो अपनी पराक्रम, शौर्य और बुद्धिमता के लिए प्रसिद्ध है. भारत के कई राज्यों में इनकी उपस्थिति है, लेकिन मुख्य रूप से यह समुदाय बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में केंद्रित है. बिहार के पड़ोसी राज्यों जैसे कि झारखंड और बंगाल में भी […]

Ranjeet Bhartiya 19/11/2022

भारतीय हिन्दू समाज की सामाजिक संरचना जातियों पर आधारित है. वैवाहिक संबंध की दृष्टि से वंश, कुल, गोत, खाप, गोत्र, कुरी आदि महत्वपूर्ण इकाईयाँ है. गोत्र, एक जाति के भीतर वंश खंड है जो एक सामान्य पौराणिक पूर्वज से सदस्यों के वंश के आधार पर अंतर्विवाह पर रोक लगाता है. आइए इसी क्रम में जानते हैं […]