Sarvan Kumar

Sarvan Kumar 12/12/2022

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है. यहां कई धार्मिक समूहों के लोग निवास करते हैं. लेकिन जनसंख्या की दृष्टि से हिंदू और मुसलमान प्रमुख धार्मिक समुदाय हैं. हिंदू आबादी की बात करें तो राज्य में जातियों और उपजातियों की कोई कमी नहीं है. आइए इसी क्रम में जानते हैं उत्तर प्रदेश […]

Sarvan Kumar 11/12/2022

ईशान किशन (Ishan Kishan) का जन्म 18 जुलाई 1998 को बिहार के पटना जिले में हुआ था. उनका पूरा नाम ईशान प्रणव किशन पाण्डेय है। उनके पिता का नाम प्रणव पांडे है वह पेशे से बिल्डर है। ईशान किशन की मां का नाम सुचित्रा सिंह है। आइए जानते हैं ईशान किशन caste, पूरा नाम, Home […]

Sarvan Kumar 08/12/2022

जाति, जातिवाद और समाज पर पड़ने वाला इसका दुष्प्रभाव सदियों से भारत में बहस का केंद्र रहा है। जाति व्यवस्था का प्रभाव भारत में रहने वाले अन्य धार्मिक समूहों, जैसे- मुसलमान, ईसाई, बौद्ध, जैन एवं सिक्खों की सामाजिक व्यवस्था पर भी दिखाई पड़ता है। ऐसा नहीं है की जाति प्रथा सिर्फ हमें नुकसान ही पहुंचाती […]

Sarvan Kumar 18/11/2022

महाभारत प्राचीन भारत का सबसे बड़ा महाकाव्य है। ये एक धार्मिक ग्रन्थ भी है। विश्व का सबसे लंबा यह साहित्यिक  ग्रंथ और महाकाव्य, हिन्दू धर्म के मुख्यतम ग्रंथों में से एक है। इस ग्रन्थ को हिन्दू धर्म में पंचम वेद माना जाता है. महाभारत को महर्षि वेद व्यासजी ने लिखा था। महाभारत की रचना कब […]

Sarvan Kumar 11/11/2022

भारत के दलितों के लिए शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना भारत सरकार के लिए जाति व्यवस्था के सामाजिक प्रभावों को कम करने में सबसे बड़ी चुनौती रही है, जो अभी भी भारतीय समाज में व्याप्त है. लेकिन समय के साथ दलित समुदाय के लोग भी शिक्षा के प्रति जागरूक हुए हैं और दलित समुदायों में […]

Sarvan Kumar 07/11/2022

रोबीली मूछें, काला चश्मा, और स्टाइलिश हैट, इन सबको अपनी पहचान बनाने वाले अनंत सिंह की दबंगई न सिर्फ उनके चेहरे पर नज़र आती है बल्कि अखबारों की सुर्खियां भी बनती है। अनंत सिंह का जन्म बिहार के बाढ़ जिले के लदमा गांव में 1967 में हुआ था. आइए जानते हैं मोकामा बिहार के भूमिहार […]

Sarvan Kumar 22/10/2022

भारत में कई समुदाय और हजारों जातियां निवास करती हैं. विभिन्न जातियों के अपने-अपने पूज्य पुरुष होते हैं जिन्हें गुरु कहा जाता है. उदाहरण के लिए, वाल्मीकि समाज के लोग महर्षि वाल्मीकि को अपना गुरु मानते हैं जिन्होंने आदि धर्म ग्रंथ, संस्कृत महाकाव्य रामायण की रचना की थी. इसी तरह, गुरु जम्भेश्वर को बिश्नोई समाज […]

Sarvan Kumar 16/10/2022

उत्तरप्रदेश के महोबे जिले में छतरपुर रोड पर स्थित नईगंवा रेबाई एक प्रतिष्ठित और धनवान  Princely state था जो Bundelkhand Agency के अंतर्गत एक यादव रियासत था. एक समय नईगंवा समस्त Bundelkhand Agency की राजधानी हुआ करती थी। इस राजघराने के वंशज मूलतः महाबली बलराम जी के वंशज माने जाते हैं।  बुंदेलखंड तथा चंबल संभाग […]

Sarvan Kumar 14/10/2022

चमार अनुसूचित जाति श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत एक दलित समुदाय है. चमार जाति समूह में 150 से अधिक जातियों/उपजातियां शामिल हैं, जैसे कि आदिधर्मी, चमार, चामड़, जाटव, रैदासी, रविदासी, मोची, रैगर, आदि. इनके उपनामों में भी बड़ी विविधता देखी गई है. आइए जानते हैं चमार जाति के उपनाम के बारे में. चमार जाति के उपनाम पेशे, […]

Sarvan Kumar 12/10/2022

1842- बुंदेलखंड- बुंदेला विद्रोह, ब्रिटिश सरकार के खिलाफ पहली बगावत सन् 1842 में जैतपुर में हुई थी। यहां के राजा पारीक्षत ने इसका नेतृत्व किया था। बुंदेला विद्रोह को दबाने में शाहगढ़ राजा बखत बली और बानपुर राजा मर्दन सिंह ने अंग्रेजों का साथ दिया था. बदले में अंग्रेजों ने आश्वासन दिया था बखत बली को […]

Sarvan Kumar 11/10/2022

बुन्देलखण्ड मध्य भारत का एक प्राचीन क्षेत्र है। इसका प्राचीन नाम जेजाकभुक्ति है। इसका विस्तार उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में है. मध्यप्रदेश से दतिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह और पन्ना जिला शामिल है। वहीं उत्तरप्रदेश से झांसी, बांदा, ललितपुर, हमीरपुर, जालौन, महोबा और चित्रकूट शामिल है. वीरों की धरती कहे जाने वाले बुंदेलखंड में […]

Sarvan Kumar 23/09/2022

सावित्रीबाई फुले 3 जनवरी,1831 में महाराष्ट्र के नायगांव में पैदा हुई थीं। उनका जन्म माली समुदाय में हुआ था, जिन्हें भारतीय जाति व्यवस्था की वर्ण व्यवस्था में शूद्र माना जाता था। इस समाज के लोग अधिकतर माली और फूलवाले की तरह काम करते थे। इस वजह से उन्हें बहुत बार भेदभाव का सामना करना पड़ा. […]

Sarvan Kumar 09/09/2022

मद्धेशिया (Madheshiya/Madhesiya) भारत में पाया जाने वाला एक समुदाय है. इन्हें मद्धेशिया वैश्य, मधेशिया बनिया, मध्यदेशीय वैश्य और मद्धेशिया कांदू समुदाय के नाम से भी जाना जाता है. इनका पारंपरिक व्यवसाय मिठाई बनाना और बेचना, व्यापार तथा मुख्य रसोईया (शेफ) के रूप में काम करना रहा है. इनमें से कुछ कृषि भी करते हैं. इस […]

Sarvan Kumar 18/08/2022

अग्रवाल का संबंध वैश्य समुदाय से है. यह भारत के लगभग हर हिस्से में पाए जाते हैं. इनके व्यवसाय के कारण इन्हें बनिया के नाम से भी जाना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं अग्रवालों का संबंध सूर्यवंशी क्षत्रियों से हैं? कैसे? आइए विस्तार से जानते हैं सूर्यवंशी अग्रवाल के बारे में- सूर्यवंशी अग्रवाल […]

Sarvan Kumar 14/08/2022

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में इंडिया की ओर से जीते गए मेडलों में इंडिया के जाटों का दबदबा रहा और विशेषकर जाटलैंड के नाम से मशहूर हरियाणा के जाटों ने कमाल कर दिखाया। देशभर में जहां इंडिया की खापों को लेकर जो नकारात्मकता फैलाएं जा रहे हैं ज्यादातर उन्हीं के प्रयासों से निकले युवा हैं। Commonwealth […]