India

Ranjeet Bhartiya 04/07/2023

भारत विभिन्न समुदायों और जातियों के समूह से मिलकर बना एक विविधतापूर्ण राष्ट्र है. ये समूह देश भर में अपनी संख्या और वितरण में भिन्न हैं. भारत में जाति और समुदाय संबंधी विविधता महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समावेशिता, सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देती है और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती है. इसी […]

Ranjeet Bhartiya 29/06/2023

भारत एक जटिल सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य वाला एक विविध देश है. भारत में विभिन्न सामाजिक समूहों की आर्थिक स्थिति ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रणालीगत कारकों सहित विभिन्न कारकों के कारण एक दूसरे से भिन्न होती है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सामाजिक-आर्थिक स्थिति आय, शिक्षा, व्यवसाय और संसाधनों तक पहुंच जैसे कई कारकों से प्रभावित एक […]

Ranjeet Bhartiya 28/06/2023

भारत के मूल निवासियों का निर्धारण एक जटिल कार्य है. भारत का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन, जटिल और अविश्वसनीय विविधताओं से भरा है. भारत ने अपने लंबे इतिहास में कई विदेशी आक्रमणों और प्रवासन को देखा है. इन आक्रमणों और प्रवासन के माध्यम से, विदेशी स्थानीय भारतीय आबादी के संपर्क में आए. इससे विभिन्न स्तरों […]

Ranjeet Bhartiya 13/06/2023

ब्राह्मण, एक जाति समूह के रूप में, पूरे भारत में पाए जाते हैं. भारत कई भाषाई, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधताओं वाला एक विविध देश है, इसलिए हम भारत के विभिन्न राज्यों में ब्राह्मणों के वितरण में भिन्नता पाते हैं. यह समुदाय विभिन्न उप-जातियों, उप-समूहों, भाषाओं, परंपराओं, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विशेषताओं के अनुसार विभाजित है. आइए […]

Ranjeet Bhartiya 25/05/2023

देश में ब्राह्मणों को लेकर विवाद होते रहे हैं. ब्राह्मणों की उत्पत्ति और मूल निवासस्थान के सम्बन्ध में विद्वानों में मतभेद है. कुछ विद्वान ब्राह्मणों को भारत का मूल निवासी मानते हैं, अर्थात ब्राह्मण बाहर से नहीं आए थे. जबकि कुछ विद्वान ब्राह्मणों को विदेशी मानते हैं जो बाहर से भारत आए. आइए इसकी पड़ताल […]

Ranjeet Bhartiya 24/05/2023

वर्तमान में भारत ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां एक तबका भारत की तमाम समस्याओं के लिए ब्राह्मणों को जिम्मेदार मानता है. कभी ब्राह्मणवाद के नाम पर तो कभी जातिवाद फैलाने के नाम पर ब्राह्मणों को निशाना बनाया जाता है और ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत का माहौल बनाया जाता है. लेकिन अगर हम इस […]

Ranjeet Bhartiya 22/05/2023

विविधताओं से भरा देश भारत खानपान के मामले में भी बहुत विविध है. भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरह का खाना खाया जाता है. क्षेत्र के आधार पर, भारतीय व्यंजनों की अपनी अलग पहचान है जैसे बंगाली भोजन, पंजाबी भोजन, राजस्थानी भोजन, दक्षिण भारतीय भोजन और बिहारी भोजन आदि. भारतीय आहार में शाकाहारी भोजन […]

Ranjeet Bhartiya 21/05/2023

भारत के विभिन्न क्षेत्रों में खाए जाने वाले भोजन में बहुत विविधता है. भारत में विभिन्न समुदायों की खान-पान की आदतें अलग-अलग हैं. इन आदतों को निर्धारित करने वाला कोई एक नियम नहीं है. लेकिन भारतीय खानपान पर भूगोल, विदेशी प्रभाव, जलवायु, धार्मिक मान्यताओं जैसे कई कारकों का प्रभाव रहा है. हिंदू धर्मावलंबी शाकाहारी और […]

Ranjeet Bhartiya 15/05/2023

भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता में कहा है कि ब्राह्मण कुल में जन्म लेने से कोई ब्राह्मण नहीं हो जाता. ब्राह्मण होने के लिए ब्राह्मणत्व के गुण होना जरूरी है और ब्राह्मणत्व के गुणों के विकास के लिए मन, बुद्धि और आत्मा की पवित्रता आवश्यक है. इसलिए आपने देखा होगा कि ब्राह्मण आमतौर पर एक […]

Ranjeet Bhartiya 12/05/2023

बंगाल अपनी अनूठी संस्कृति, सभ्यता, पहनावा, खान-पान, भाषा के लिए जाना जाता है. बंगाल का खाना पूरी दुनिया में मशहूर है. लाखों दिलों पर राज करने वाले रसगुल्ले का आविष्कार बंगाल में ही हुआ था. बंगाल की मिठाई और मछली-चावल पूरी दुनिया में मशहूर हैं. बंगाल में शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजन बड़े चाव से खाए […]

Ranjeet Bhartiya 11/05/2023

खानपान एक व्यक्तिगत मामला है. लेकिन कोई भी व्यक्ति केवल एक व्यक्ति नहीं होता बल्कि वह किसी धर्म, संप्रदाय या जाति का हिस्सा होता है. इस प्रकार से कई धार्मिक, सांप्रदायिक, जातिगत, सांस्कृतिक कारक हैं जो व्यक्ति के खानपान को निर्धारित करते हैं. इसी क्रम में हम यहां जानेंगे कि क्या ब्राह्मण बीफ खा सकते […]

Ranjeet Bhartiya 30/04/2023

पंजाबी ब्राह्मण मूल रूप से भारतीय उपमहाद्वीप के पंजाब क्षेत्र के मूल निवासी हैं. अधिकांश पंजाबी ब्राह्मण भारत के पंजाब राज्य में पाए जाते हैं. लेकिन पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों में भी इनकी अच्छी खासी आबादी है. पंजाबी ब्राह्मण समुदाय कई उप-समूहों में विभाजित है जो […]

Ranjeet Bhartiya 29/04/2023

भारत पर ब्रिटिश शासन हिंसा, क्रूरता, रंगभेद और शोषण की कहानियों से भरा पड़ा है. अंग्रेजों ने लगभग 200 वर्षों तक भारत पर शासन किया. इस दौरान अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और अत्याचारों के कारण करोड़ों भारतीयों को अपनी जान गंवानी पड़ी. एक लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार 1947 में भारत गुलामी की जंजीरों से […]

Ranjeet Bhartiya 03/04/2023

साहित्य की समाज के निर्माण में हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका रही है. साहित्य गद्य और पद्य की सभी विधाओं को संदर्भित करता है जिसमें कविता, शायरी, कहानी, उपन्यास, नाटक, आत्मकथा आदि शामिल हैं. साहित्य की उत्पत्ति समाज से ही होती है. कवि और लेखक समाज के पर्यवेक्षक और मार्गदर्शक की तरह होते हैं जो अपनी […]

Ranjeet Bhartiya 02/04/2023

हिन्दू धर्म ग्रंथों में 16 संस्कारों का वर्णन किया गया है. इन 16 संस्कारों में विवाह भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है. हिंदू धर्म में शादी को एक पवित्र बंधन माना जाता है. भारतीय हिन्दू दर्शन में विवाह दो व्यक्तियों के बीच एक अनुबंध नहीं है बल्कि एक ऐसी संस्था है जिसके माध्यम से पति-पत्नी […]