India

Ranjeet Bhartiya 30/03/2023

मानव जीवन का कोई भी पहलू ऐसा नहीं है जो राजनीतिक प्रक्रिया से मुक्त हो. राजनीति हमारे जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित करती है. राजनीति गतिविधियों का एक समूह है जिसके माध्यम से सामाजिक निर्णय लिए जाते हैं और समाज में शक्ति और संसाधनों का वितरण किया जाता है. इसलिए राजनीतिक प्रक्रिया में सभी […]

Ranjeet Bhartiya 27/03/2023

महिलाएं भारत की आबादी का लगभग आधा हिस्सा हैं. नारी के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती. महिलाएं परिवार बनाती हैं, परिवार से घर बनता है, घर से समाज बनता है और समाज से राष्ट्र बनता है. इसका सीधा मतलब है कि सामाजिक संरचना के हर स्तर पर महिलाओं का महत्वपूर्ण भूमिका है. […]

Ranjeet Bhartiya 26/03/2023

नाई (Nai) एक सामान्य शब्द (generic term) है जो उन सभी व्यावसायिक जातियों को संदर्भित करता है जो पारंपरिक रूप से बाल काटने के व्यवसाय में शामिल रही हैं. हिंदू नाई जाति का इतिहास बहुत प्राचीन है. बाद में भारत में अन्य धर्मों के लोग भी बाल काटने के व्यवसाय में शामिल होने लगे. उदाहरण […]

Ranjeet Bhartiya 20/03/2023

बाल काटने की परंपरा बहुत प्राचीन है. भारत में बाल काटने का काम नाई नामक पेशेवर जाति द्वारा किया जाता है. लेकिन भारत में ऐतिहासिक तौर पर इस समुदाय का काम सिर्फ बाल काटने तक ही सीमित नहीं है. इन्हें शुरुआती सर्जन माना जाता है. इसके अलावा प्राचीन भारत में इनका उपयोग संदेशवाहक और मध्यस्थ […]

Ranjeet Bhartiya 17/03/2023

उनका स्पर्श अपवित्र होता था. उन्हें गांव के कुएं से पानी भरने की इजाजत नहीं थी. उन्हें गांवों के बाहरी इलाकों में रहने के लिए बाध्य किया जाता था. गाँव का नाई उनकी हजामत नहीं बनाता था. गांव का धोबी उनके कपड़े नहीं धोते थे उन्हें मान्यता प्राप्त हिंदू मंदिरों में प्रवेश करने की अनुमति […]

Ranjeet Bhartiya 16/03/2023

भारत में 6000 से अधिक हिंदू जातियां निवास करती हैं. इन जातियों को उनके पेशे के अनुसार कई समूहों में वर्गीकृत किया गया है, जैसे कृषक जातियां, पशुपालक जातियां, चर्मकार जातियां, बढ़ई जातियां आदि. भारत में कुछ ऐसी जातियाँ हैं जिनका पारंपरिक व्यवसाय बाल काटना रहा है, उनमें से एक नाई है. यहाँ हम भारत […]

Ranjeet Bhartiya 08/03/2023

भारत की संस्कृति हजारों साल पुरानी है. अपनी समृद्धि के कारण भारत कभी विश्वभर में प्रसिद्ध था और इसे सोने की चिड़िया कहा जाता था. भारत को अनेक बार लूटा गया तथा विदेशी आक्रमणकारियों ने अनेक बार इसकी सनातन संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया. इसके बावजूद भारत न केवल आर्थिक क्षेत्र में आगे […]

Ranjeet Bhartiya 20/02/2023

कायस्थ भारत में पाई जाने वाला एक महत्वपूर्ण समुदाय है जिसे परंपरागत रूप से लेखक जाति  (writing castes) के रूप में जाना जाता है. उत्तर भारत में इस समुदाय की अच्छी खासी संख्या है. लेकिन यह समुदाय केवल उत्तर भारत में ही सीमित नहीं है. यह समुदाय भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से […]

Ranjeet Bhartiya 12/02/2023

कुछ संस्कृतियों में, उपनाम, परिवार का नाम, या अंतिम नाम किसी के व्यक्तिगत नाम का हिस्सा होता है जो उसके परिवार, जनजाति या समुदाय को इंगित करता है. भारत में हजारों जातियां निवास करती हैं जो विभिन्न उपनामों का प्रयोग करती हैं. कुछ उपनाम ऐसे होते हैं जिनसे हम किसी व्यक्ति की जाति का पता […]

Ranjeet Bhartiya 11/02/2023

मुहावरे, कहावतें और लोकोक्तियां समाज का आईना होती हैं जो हमारी संस्कृति और सभ्यता को दर्शाती हैं. कहावतें एक-दो दिन में नहीं बनतीं, बल्कि इसके पीछे हमारे पूर्वजों का वर्षों के अवलोकन और अनुभव होता हैं. भारत में जाति से जुड़ी कई कहावतें प्रचलित हैं. जाति सम्बन्धी कहावतें समाज में व्याप्त विभिन्न जातियों, उपजातियों और […]

Ranjeet Bhartiya 07/02/2023

कायस्थ भारत में रहने वाली एक जाति है जो अपनी बुद्धिमत्ता, शैक्षिक योग्यता और प्रशासनिक कौशल के लिए जानी जाती है. स्वतंत्रता आंदोलन में इस समुदाय के स्वतंत्रता सेनानियों का महत्वपूर्ण योगदान था. देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी इसी जाति से आते थे. आजादी के बाद इस समुदाय के लोगों ने देश […]

Ranjeet Bhartiya 06/02/2023

प्रत्येक व्यक्ति किसी विशेष जाति या वंश में जन्म लेता है. उसके मन, बुद्धि और व्यक्तित्व का निर्माण उस परिवार के वातावरण, शिक्षा और संस्कारों से होता है और वह व्यक्ति उस परिवार की कुल-परंपराओं से बंध जाता है. लोग अपनी जाति के साथ-साथ अपने पूर्वज, कुल, गोत्र, कुलदेवता और कुलदेवी के बारे में जानने […]

Ranjeet Bhartiya 04/02/2023

भारत में वंशावली लेखन की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. तीर्थ पुरोहितों के अभिलेखों में देश भर के राजाओं, महाराजाओं, साधु-संतों, राजनेताओं और आम लोगों के परिवारों की वंशावली मौजूद है. इन वंशावलियों में जातियों, कुलों, उपजातियों का भी उल्लेख मिलता है, जो भारतीय संस्कृति और सामाजिक इतिहास का प्रमाण है. वंशावलियों […]

Ranjeet Bhartiya 03/02/2023

हजारों वर्षों की अपनी यात्रा में भारत ने कई राजवंशों का उत्थान और पतन देखा है. यहां हम ऐसे ही एक प्राचीन राजवंश की बात करेंगे जिसने भारत के कई क्षत्रिय वंशों को जन्म दिया है. एक ऐसा वंश जिसमें अनेक प्रतापी राजा हुए जिन्होंने न केवल भारत के एक बड़े क्षेत्र पर शासन किया […]

Ranjeet Bhartiya 02/02/2023

क्षत्रियों का इतिहास शौर्य, वीरता, त्याग और बलिदान की गाथाओं से भरा पड़ा है. प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक क्षत्रियों ने सदैव दूसरों की रक्षा का कार्य किया है. इतिहास गवाह है कि जरूरत पड़ने पर क्षत्रियों ने अपना सर्वस्व निछावर कर दिया और अपने प्राणों की आहुति देकर मातृभूमि, भारतीय संस्कृति और […]