भारत में वंशावली लेखन की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. तीर्थ पुरोहितों के अभिलेखों में देश भर के राजाओं, महाराजाओं, साधु-संतों, राजनेताओं और आम लोगों के परिवारों की वंशावली मौजूद है. इन वंशावलियों में जातियों, कुलों, उपजातियों का भी उल्लेख मिलता है, जो भारतीय संस्कृति और सामाजिक इतिहास का प्रमाण है. वंशावलियों […]