Ranjeet Bhartiya 09/03/2023

कायस्थ और राजपूत भारत में रहने वाली दो प्रमुख जातियाँ हैं. ये दोनों जातियां सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली मानी जाती हैं. कायस्थ अपनी बुद्धिमत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं, जबकि राजपूत अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध हैं. यहां हम निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से इन दोनों समुदायों के बीच समानताओं को […]

Ranjeet Bhartiya 08/03/2023

भारत की संस्कृति हजारों साल पुरानी है. अपनी समृद्धि के कारण भारत कभी विश्वभर में प्रसिद्ध था और इसे सोने की चिड़िया कहा जाता था. भारत को अनेक बार लूटा गया तथा विदेशी आक्रमणकारियों ने अनेक बार इसकी सनातन संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया. इसके बावजूद भारत न केवल आर्थिक क्षेत्र में आगे […]

Ranjeet Bhartiya 07/03/2023

भारत में हजारों जातियां निवास करती हैं, जिन्हें संवैधानिक व्यवस्था के तहत अगड़ी जाति, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है. अगड़ी जातियों में वे जातियाँ शामिल हैं जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक आधार पर अन्य जातियों से आगे मानी जाती हैं. ब्राह्मण, कायस्थ और राजपूत जातियों को […]

Ranjeet Bhartiya 06/03/2023

सामाजिक संस्थाएँ नियमों और मानदंडों की मानव निर्मित संरचनाएँ हैं जो व्यक्तिगत व्यवहार को निर्धारित करती हैं. हिन्दुओं की सामाजिक व्यवस्था में गोत्र और प्रवर नामक संस्थाओं का विशेष महत्व रहा है. ये संस्थान वैदिक काल से अस्तित्व में हैं और मुख्य रूप से रूढ़िवादी ब्राह्मणों द्वारा इसका सख्ती से पालन किया जाता है. यहां […]

Sarvan Kumar 05/03/2023

कोली समाज की कुलदेवी का नाम “मुम्बा देवी” है. मुम्बा देवी के नाम से ही महाराष्ट्र के इस जिले को मुंबई नाम दिया गया है. कोली समुदाय मुंबई का अभिन्न अंग है. उन्हें मुंबई शहर का मूल निवासी माना जाता है. ‘कोली नृत्य’ महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय लोक नृत्यों में से एक है. कोली लोग […]

Sarvan Kumar 04/03/2023

आज एक महान लेखक का जन्मदिन है, जिनका नाम है. फणीश्वर नाथ ‘ रेणु (Phaniswar Nath ‘Renu). बिहार की धरती कलाकारों, बुद्धिजीवियों, लेखकों, कवियों का रहा है. इसी धरती पर 4 मार्च 1921 को एक महान विभूति ने जन्म लिया. एक अच्छे लेखक के साथ वो समाजसेवी और स्वतंत्रता सेनानी भी थे. 11 अप्रैल, 1977 […]

Ranjeet Bhartiya 02/03/2023

सामाजिक व्यवस्थाएँ समाज को स्थिरता प्रदान करती हैं. वर्ण व्यवस्था सामाजिक व्यवस्था का एक रूप है जिसके तहत समाज को गुणों और कर्मों के आधार पर 4 समूहों में विभाजित किया गया है – ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र. समय के साथ चार वर्णों में विभाजित हिन्दू समाज विभिन्न कारकों के कारण 6000 से अधिक […]

Ranjeet Bhartiya 01/03/2023

जातियों की उत्पत्ति और विकास एक दिलचस्प विषय है. ऋग्वैदिक काल से ही चर्मकार, लोहार, बढ़ई और वैद्य आदि जैसी व्यवसायिक जातियों का उल्लेख मिलने लगता है. गुप्त और उत्तर-गुप्त काल में कई नई जातियों का उदय हुआ. भूमि और राजस्व संबंधित कागजातों का हिसाब-किताब रखने और उन्हें सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कायस्थ जाति […]

Ranjeet Bhartiya 28/02/2023

कायस्थ और ब्राह्मण भारत की सबसे सफल और प्रभावशाली जातियों में गिने जाते हैं. अमेरिकी इंडोलॉजिस्ट, धार्मिक अध्ययन और दक्षिण एशियाई अध्ययन के विद्वान क्रिश्चियन ली नोवेट्ज़के (Christian Lee Novetzke) के अनुसार, मध्यकालीन भारत के कुछ हिस्सों में कायस्थ को या तो ब्राह्मण या ब्राह्मणों के बराबर माना जाता था. प्राचीनता, उत्पत्ति, पारंपरिक कार्य, वर्ण […]

Ranjeet Bhartiya 26/02/2023

कायस्थ भारत में रहने वाली एक ऐसी जाति है जिसकी उत्पत्ति के बारे में बहुत सी बातें कही जाती हैं. इनकी वर्ण स्थिति को लेकर भी कई अवधारणाएं हैं. परंपरागत रूप से एक लेखक जाति के रूप में इनकी पहचान है. वर्तमान में इस जाति को हिंदुओं की एक अगड़ी जाति के रूप में स्वीकार्यता […]

Ranjeet Bhartiya 25/02/2023

भारत में 6000 से अधिक हिंदू जातियां निवास करती हैं. हिंदू धर्म ग्रंथों में वर्णित वर्ण व्यवस्था के अनुसार इन जातियों को गुण और कर्म के आधार पर चार वर्णों में बांटा गया है. इनमें से कई जातियों की वर्ण स्थिति बहुत स्पष्ट है, जबकि कई जातियाँ ऐसी भी हैं जिनकी वर्ण स्थिति एक जटिल […]

Ranjeet Bhartiya 24/02/2023

कायस्थ भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से वितरित समुदाय हैं. जानकारों का मानना है कि यह एक एकल जाति के बजाय क्षेत्रीय विविधताओं वाला, एक गैर-सामंजस्यपूर्ण समूह है जो विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. क्षेत्रीय विविधताओं और असमानताओं से भरे जाति समूह होने के कारण, इनकी वर्ण […]

Sarvan Kumar 23/02/2023

फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस में से एक मधुबाला (Madhubala) की आज डेथ एनिवर्सरी है. मधुबाला का जन्म 14 फरवरी 1933 को हुआ था वहीं, एक्ट्रेस का महज 36 साल की उम्र में 23 फरवरी 1969 को निधन हो गया था. फिल्म इंडस्ट्री में मधुबाला को ‘वीनस’ नाम से भी पुकारा जाता था. फिल्म […]

Sarvan Kumar 22/02/2023

स्वामी श्रद्धानन्द (मुंशीराम विज) का जन्म 22 फरवरी सन् 1856 को पंजाब प्रान्त के जालन्धर जिले के तलवान ग्राम में एक कायस्थ परिवार परिवार में हुआ था. सन 1917 में उन्होने सन्यास धारण कर लिया और स्वामी श्रद्धानन्द के नाम से विख्यात हुए. सिक्खों के अधिकारों और देशसेवा के बदले उनको मौत मिली. मोहनदास कर्मचंद […]

Ranjeet Bhartiya 20/02/2023

कायस्थ भारत में पाई जाने वाला एक महत्वपूर्ण समुदाय है जिसे परंपरागत रूप से लेखक जाति  (writing castes) के रूप में जाना जाता है. उत्तर भारत में इस समुदाय की अच्छी खासी संख्या है. लेकिन यह समुदाय केवल उत्तर भारत में ही सीमित नहीं है. यह समुदाय भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से […]