Ranjeet Bhartiya 20/02/2023

कायस्थ भारत में पाई जाने वाला एक महत्वपूर्ण समुदाय है जिसे परंपरागत रूप से लेखक जाति  (writing castes) के रूप में जाना जाता है. उत्तर भारत में इस समुदाय की अच्छी खासी संख्या है. लेकिन यह समुदाय केवल उत्तर भारत में ही सीमित नहीं है. यह समुदाय भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से […]

Ranjeet Bhartiya 18/02/2023

मनुस्मृति को हिन्दू धर्म का प्राचीन धार्मिक ग्रंथ माना जाता है. मनुस्मृति में मनुष्यों को चार वर्णो में बांटा गया है- ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र. कई विद्वानों का मत है कि मनु ने प्रत्यक्ष रूप से जाति व्यवस्था की रचना नहीं की, बल्कि जाति व्यवस्था का बीज अवश्य बोया, जिससे समय के साथ हिंदू […]

Sarvan Kumar 17/02/2023

22 dec. 1970 – 2 june 1971 तथा 24 june 1977 – 21 april 1979 के दौरान दो बार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर रहे कर्पूरी ठाकुर का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिले के पितौंझिया गांव , जिसे अब कर्पूरी ग्राम कहा जाता है, में नाई जाति में हुआ था. उनके पिताजी का नाम श्री […]

Sarvan Kumar 16/02/2023

तात्या टोपे (Tatya tope)1857 के विद्रोह के अग्रणी नेताओं में से एक थे जिनकी वीरता और साहस आज भी भारतीयों को प्रेरित करते हैं. कर्नल मालेसन ने सन् 1857 के विद्रोह का इतिहास लिखा है. उन्होंने कहा कि तात्या टोपे चम्बल, नर्मदा और पार्वती की घाटियों के निवासियों के ’हीरो‘ बन गये हैं. सच तो […]

Sarvan Kumar 15/02/2023

आज कोई रामचरितमानस के बारे में अनाप-शनाप कह रहा है तो कोई भगवान राम को काल्पनिक बता रहा है. पर आज से 400 साल से भी पहले भारत के पावन धरती पर एक महामानव ने जन्म लिया था जिन्होंने अपने भक्ती के बल पर भगवान श्रीराम के साक्षात दर्शन किए थे.एक राष्ट्र भक्त संत के […]

Ranjeet Bhartiya 15/02/2023

प्राचीन काल से ही कायस्थ जाति का भारतीय समाज में महत्वपूर्ण स्थान रहा है. ऐतिहासिक रूप से, इस समुदाय के लोगों ने प्रशासकों, मंत्रियों और लेखाकारों के रूप में सेवा देकर सत्ताधारी शक्तियों को राज्य के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. देश के स्वतंत्रता आंदोलन में इस समुदाय के क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों […]

Ranjeet Bhartiya 14/02/2023

विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिलती है कि दक्षिण पूर्व एशिया की वर्तमान मुस्लिम आबादी के मूल पूर्वज हिंदू थे. भारत में पाई जाने वाली अनेक मुस्लिम जातियों के लोग भी मूल रूप से हिन्दू थे. उदाहरण के तौर पर इदरीसी, बोहरा, रंगरेज, सिंधी मुस्लिम, पिंजारा, मुस्लिम पटेल आदि. विद्वानों और इतिहासकारों का मानना ​​है कि […]

Sarvan Kumar 14/02/2023

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को अंबाला छावनी, हरियाणा में एक पंजाबी ब्राह्मण परिवार में हरदेव शर्मा और श्रीमती लक्ष्मी देवी के यहाँ हुआ था। वर्ष 1999 में उन्होंने आम चुनावों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ बेल्लारी संसदीय क्षेत्र, कर्नाटक से चुनाव लड़ा, लेकिन वे हार गईं। 1998 में उन्होंने केन्द्रीय […]

Ranjeet Bhartiya 12/02/2023

कुछ संस्कृतियों में, उपनाम, परिवार का नाम, या अंतिम नाम किसी के व्यक्तिगत नाम का हिस्सा होता है जो उसके परिवार, जनजाति या समुदाय को इंगित करता है. भारत में हजारों जातियां निवास करती हैं जो विभिन्न उपनामों का प्रयोग करती हैं. कुछ उपनाम ऐसे होते हैं जिनसे हम किसी व्यक्ति की जाति का पता […]

Ranjeet Bhartiya 11/02/2023

मुहावरे, कहावतें और लोकोक्तियां समाज का आईना होती हैं जो हमारी संस्कृति और सभ्यता को दर्शाती हैं. कहावतें एक-दो दिन में नहीं बनतीं, बल्कि इसके पीछे हमारे पूर्वजों का वर्षों के अवलोकन और अनुभव होता हैं. भारत में जाति से जुड़ी कई कहावतें प्रचलित हैं. जाति सम्बन्धी कहावतें समाज में व्याप्त विभिन्न जातियों, उपजातियों और […]

Sarvan Kumar 10/02/2023

तुलसीदास द्वारा रचित “रामचरित मानस” में लिखी गई चौपाई; “ढोल गंवार शूद्र पशु और नारी सब ताड़ना के अधिकारी” पर संग्राम जारी है. समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के ब्यान के बाद वाद -विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. चौपाई के विरोध करने वालों का तर्क यह है कि ताड़ना का अर्थ […]

Ranjeet Bhartiya 09/02/2023

कायस्थ (Kayastha) भारत में रहने वाली एक समझदार, सक्षम और योग्य जाति है जो अपनी बौद्धिक प्रतिभा के लिए जानी जाती है. इस समुदाय के लोगों ने अपनी मेहनत, बुद्धिमता और किसी भी स्थिति में काम करने की अद्भुत क्षमता के बल पर हर क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है, जिसमें राजनीति भी एक […]

Ranjeet Bhartiya 07/02/2023

कायस्थ भारत में रहने वाली एक जाति है जो अपनी बुद्धिमत्ता, शैक्षिक योग्यता और प्रशासनिक कौशल के लिए जानी जाती है. स्वतंत्रता आंदोलन में इस समुदाय के स्वतंत्रता सेनानियों का महत्वपूर्ण योगदान था. देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी इसी जाति से आते थे. आजादी के बाद इस समुदाय के लोगों ने देश […]

Ranjeet Bhartiya 06/02/2023

प्रत्येक व्यक्ति किसी विशेष जाति या वंश में जन्म लेता है. उसके मन, बुद्धि और व्यक्तित्व का निर्माण उस परिवार के वातावरण, शिक्षा और संस्कारों से होता है और वह व्यक्ति उस परिवार की कुल-परंपराओं से बंध जाता है. लोग अपनी जाति के साथ-साथ अपने पूर्वज, कुल, गोत्र, कुलदेवता और कुलदेवी के बारे में जानने […]

Ranjeet Bhartiya 05/02/2023

भूमिहार मुख्य रूप से भारत के बिहार राज्य और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण जाति है, जो अपनी कुशाग्र बुद्धि और लड़ाकू प्रवृत्ति के लिए जानी जाती है. इस समुदाय के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था. आजादी के बाद इस समाज के लोगों […]