Religion

Ranjeet Bhartiya 16/09/2022

भारत में उपनाम अभी भी जानकारी प्रदान करने के मामले में काफी उपयोगी है. हम अक्सर किसी व्यक्ति की जाति और मूल उसके उपनाम से बता सकते हैं और भारत के कुछ हिस्सों में हम उस भौगोलिक क्षेत्र की पहचान भी कर सकते हैं जहां से वह आता है. गुप्ता भारत में इस्तेमाल होने वाले […]

Ranjeet Bhartiya 15/09/2022

भारत में पारंपरिक हिंदू समुदाय में गोत्र, वर्ण, जाति और उपनाम आदि की अवधारणा का विशेष महत्व रहा है. “गुप्ता” भारत में सबसे आम और सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले उपनामों में से एक है. इस लेख में हम निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे- •गुप्ता उपनाम वाले कौन होते हैं? […]

Ranjeet Bhartiya 14/09/2022

भारत में उपनामों का विशेष महत्व है क्योंकि ज्यादातर मामलों में एक विशिष्ट जाति द्वारा विशिष्ट उपनामों का उपयोग किया जाता है. इस प्रकार एक उपनाम आमतौर पर एक विशिष्ट जाति को संदर्भित करता है. आपने “गुप्ता” शब्द तो सुना ही होगा. गुप्ता भारत में उपयोग किए जाने वाले सबसे आम उपनामों में से एक […]

Ranjeet Bhartiya 10/09/2022

जाति और वर्ण पारंपरिक भारतीय समाज के वर्गीकरण हैं. इससे‌ भारत में सामाजिक पदानुक्रम निर्धारित होते हैं. जाति व्यवस्था की अवधारणा बहुत प्राचीन है. हालाँकि, समय के साथ इस व्यवस्था में बहुत सारे बदलाव हुए हैं, लेकिन यह आज भी प्रचलित है और सामाजिक जीवन पर इसका व्यापक प्रभाव है. जाति और वर्ण दो वर्गीकरण […]

Ranjeet Bhartiya 08/09/2022

कहावतें या लोकोक्तियां विश्व की हर भाषा में पाईं जाती हैं. इनके प्रयोग से भाषा में संजीवता और स्फूर्ति आती है, इसीलिए इन्हें “भाषा का श्रृंगार” कहा जाता है. कहावतों और लोकोक्तियों का रूढ़ अर्थ होता है. कहावतें प्रायः सांकेतिक रूप में होती हैं‌ और बेहद कम शब्दों में जीवन के दीर्घकाल के अनुभव को […]

Ranjeet Bhartiya 07/09/2022

हिन्दू वर्ण व्यवस्था के अनुसार भारतीय समाज को कार्यात्मक रूप से चार वर्णों में विभाजित किया गया है-ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र. वर्ण व्यवस्था के पदानुक्रम में वैश्यों (बनिया) को तीसरे स्थान पर रखा गया है और इनके व्यवसाय में मुख्य रूप से कृषि, मवेशियों की देखभाल, व्यापार और अन्य व्यवसाय शामिल हैं. वैश्य वर्ण […]

Ranjeet Bhartiya 07/09/2022

जयसवाल (Jaiswal) एक उपनाम (surname) है जो कलवार, जैन और राजपूत सहित कई हिंदू समुदायों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन यहां हम जायसवाल बनिया जाति के बारे में बात कर रहे हैं. जायसवाल बनिया एक हिंदू समुदाय है जो पूरे भारत में पाया जाता है. जायसवाल कलवार जाति से संबंधित हैं, जोकि पिछड़ी जाति […]

Ranjeet Bhartiya 05/09/2022

बनिया समुदाय अनेक उपजातियों/उपवर्गों में विभाजित है. इन सभी उप जातियों में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीति में भागीदारी आदि पहलुओं पर भिन्नता देखी गई है. यहां एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है कि बनिया किस कैटेगरी में आते हैं. तो आइए जानते हैं. बनिया किस कैटेगरी में आते हैं आरक्षण एक प्रकार की व्यवस्था है […]

Ranjeet Bhartiya 04/09/2022

“बनिया” शब्द का एक लाक्षणिक अर्थ होता है- “स्वार्थी व्यक्ति”. तो क्या सच में वैश्य/बनिया समुदाय के लोग स्वार्थी होते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं. क्या बनिया स्वार्थी होते हैं? इस आर्टिकल के मूल विषय को समझने के लिए हमें दो बातों के बारे में विस्तार से जानना होगा- शब्दों के लाक्षणिक अर्थ तथा […]

Ranjeet Bhartiya 03/09/2022

“तेली बनिया” शब्द सुनकर आपके मन में पहला प्रश्न यह आता होगा कि -क्या तेली भी बनिया हैं? तो आइए इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने का प्रयास करते हैं और जानते हैं तेली बनिया के बारे में- तेली बनिया भारत में हजारों जातियां और उपजातियां हैं जो वैदिक काल से अस्तित्व में हैं. तेली जाति […]

Ranjeet Bhartiya 02/09/2022

उत्तर प्रदेश जनसंख्या के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य है. यहां कई समुदाय रहते हैं. वैश्य/बनिया प्रदेश में रहने वाला एक महत्वपूर्ण समुदाय है जिसकी उपस्थिति उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में है. जैसा कि हम जानते हैं कि बनिया समुदाय 350 से अधिक उपवर्गों या उपजातियों में विभाजित है. आइए जानते […]

Ranjeet Bhartiya 01/09/2022

वैश्य/बनिया समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. यह एक विशाल समुदाय है. देश में यह समुदाय लगभग 350 से भी ज्यादा घटकों में विभाजित है. इस समुदाय की भारत के लगभग सभी राज्यों में उपस्थिति है. मध्यप्रदेश में भी इस समुदाय की उल्लेखनीय आबादी है. आइए जानते हैं मध्यप्रदेश में वैश्य जातियों की सूची […]

Ranjeet Bhartiya 31/08/2022

वैश्य/बनिया शब्द से आमतौर पर किसी विशेष जाति का बोध नहीं होता बल्कि यह शब्द उन सभी समुदायों या समूहों के लिए प्रयोग किया जाता है जो धन उधार (money lending), व्यवसाय (business) और व्यापारिक गतिविधियों (trading activities) में शामिल हैं. इस समुदाय के कई उपखंड (subdivision) हैं. बिहार में निवास करने वाला बनिया /वैश्य […]

Ranjeet Bhartiya 30/08/2022

रौनियार एक वैश्य/बनिया की उप-जाति (sub-caste of Vaish community) जो मुख्य रूप से उत्तर भारत में निवास करती है. भारत में यह मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं. झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी इनकी आबादी है. समाज सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में इस समुदाय के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा […]

Ranjeet Bhartiya 29/08/2022

वैश्य/बनिया एक प्राचीन समुदाय है. कहा जाता है कि बनियों की उत्पत्ति लगभग 5000 साल पहले हुई थी. समय के साथ इनकी संख्या में वृद्धि हुई और इस विशाल समुदाय के भीतर, एक विशिष्ट पहचान के साथ, अनेक उपसमूह या उपजातियां विकसित हुईं. बनियों की एक ऐसी उपजाति है जिसका संबंध गौरवशाली इतिहास, राजनीतिक और […]