Religion

Sarvan Kumar 18/11/2022

महाभारत प्राचीन भारत का सबसे बड़ा महाकाव्य है। ये एक धार्मिक ग्रन्थ भी है। विश्व का सबसे लंबा यह साहित्यिक  ग्रंथ और महाकाव्य, हिन्दू धर्म के मुख्यतम ग्रंथों में से एक है। इस ग्रन्थ को हिन्दू धर्म में पंचम वेद माना जाता है. महाभारत को महर्षि वेद व्यासजी ने लिखा था। महाभारत की रचना कब […]

Ranjeet Bhartiya 09/11/2022

भारतीय समाज की संरचना जटिल और अत्यंत विविध है. भारत में सामाजिक संरचना की सबसे प्रमुख विशेषताओं में से एक जाति रही है. भारत में हजारों जातियां निवास करती हैं. जाति के भीतर भी उपजाति, कुल और गोत्र के रूप में कई प्रकार के विभाजन हैं. आइए इसी क्रम में जानते हैं जाटव गोत्र लिस्ट […]

Ranjeet Bhartiya 08/11/2022

जाति-व्यवस्था एक अत्यंत हीं जटिल सामाजिक व्यवस्था है और पूरे भारत में अलग तरह से कार्य करती है. भारत में जाति व्यवस्था की उत्पत्ति के संबंध में विभिन्न सिद्धांत हैं. धार्मिक सिद्धांत के अनुसार, वर्ण ब्रह्मांड के निर्माता ब्रह्मा के शरीर से बने थे, जो बाद में बड़ी संख्या में जातियों में विभाजित हो गए. […]

Ranjeet Bhartiya 06/11/2022

जाटव चमारों की एक उपजाति है. चमार जाति समूह में सैकड़ों उपजातियां हैं जैसे कि चमारी, रामनामी, सूर्यवंशी, सूर्यरामनामी, रैदास, अहिरवार, कुरील, धुसिया और जैसवार आदि. उपजातियां आमतौर पर विखंडन की प्रक्रिया के कारण उत्पन्न होती हैं. लेकिन जाति और उपजाति के बीच का अंतर बहुत महीन होता है. इस लेख में हम जाटव जाति […]

Ranjeet Bhartiya 05/11/2022

अगर हम किसी व्यक्ति को नियंत्रित करना चाहते हैं तो यह जानना जरूरी है कि उसकी कमजोरियां क्या हैं और उसके मजबूत पक्ष क्या हैं. इसी तरह यदि आप अगर किसी समुदाय को नियंत्रित करना चाहते हैं तो उन कारकों को समझना होगा जो उस समाज को कमजोर या मजबूत बनाते हैं. इसी क्रम में […]

Ranjeet Bhartiya 04/11/2022

जाटव, जिन्हें जाटिया भी कहा जाता है, चमार जाति समूह के तहत एक उपसमूह है. चमार जाति समूह में सैकड़ों उपजातियां पाई जाती हैं, जो विभिन्न प्रकार के उपनामों का उपयोग करती हैं. आइए इसी क्रम में जाटव जाति के सरनेम के बारे में जानते हैं. जाटव जाति के सरनेम भारत में जातियों-उपजातियों की संरचना […]

Ranjeet Bhartiya 03/11/2022

जाटव (Jatav) चमार समुदाय की एक उप-जाति है जो उत्तरी भारत में पाई जाती है. दलितों में सामाजिक जागृति अपेक्षाकृत कम है इसीलिए दलित समुदायों में अंबेडकरवादी विचारधारा का प्रचार प्रसार अपेक्षाकृत अधिक हुआ है. अपना इतिहास नहीं जानने के कारण कई दलित जाति हीन भावना का शिकार हो जाती हैं. लेकिन दलित समुदाय के […]

Ranjeet Bhartiya 01/11/2022

जाति व्यवस्था में दो अलग-अलग अवधारणाएँ हैं-वर्ण और जाति. चार वर्ण हैं लेकिन जातियां हजारों हैं. जाति सामाजिक स्तरीकरण का एक रूप है. भारत में दलित समुदाय की एक बड़ी आबादी है और इसमें कई जातियां शामिल हैं. दलित जातियों में चमार जाति समूह की जनसंख्या बहुतायत है और चमार समुदाय सैकड़ों उपजातियों में विभाजित […]

Ranjeet Bhartiya 31/10/2022

भारत में 3,000 जातियाँ और 25,000 उपजातियाँ हैं, जिनमें से प्रत्येक एक विशिष्ट व्यवसाय से संबंधित हैं. चमार जाति समूह का पारंपरिक व्यवसाय चमड़े और चमड़े के सामानों का प्रसंस्करण, निर्माण और व्यापार रहा है. अपना सामाजिक प्रभुत्व स्थापित करना सामाजिक समूहों के बीच एक सामान्य प्रवृत्ति है. आइए इसी क्रम में जानते हैं चमारों […]

Ranjeet Bhartiya 30/10/2022

कुलदेवता और कुलदेवी की अवधारणा हिंदू धर्म का एक अनिवार्य हिस्सा है. देश में प्रत्येक जाति और वंश में कुलदेवता या कुलदेवी की पूजा किसी न किसी रूप में जरूर की जाती है. ऐसी मान्यता है कि कुलदेव या कुलदेवी कुल की रक्षा के लिए सुरक्षा घेरा बनाए रखते हैं तथा अप्रिय घटनाओं से बचाते […]

Ranjeet Bhartiya 29/10/2022

चमार दक्षिण एशिया में पाया जाने वाला एक व्यवसायिक जाति समुदाय है. इनका पारंपरिक व्यवसाय चमड़े के जूते-चप्पल तैयार करना रहा है. भारत में इनकी बहुतायत आबादी है. साथ ही पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में भी इस समुदाय के लोग निवास करते हैं. इस समुदाय के लोग अलग-अलग धर्मों को मानते हैं. इसी क्रम में […]

Ranjeet Bhartiya 28/10/2022

चमार एक स्वाभिमानी, धीर-वीर, युद्ध प्रिय, कर्मठ और देशभक्त जाति समुदाय है. दलित जातियों की बात करें तो चमार (Chamar) दलितों में सबसे बड़ा जाति समुदाय है. लगभग पूरे भारत में इस समुदाय की उपस्थिति है. देश के विभिन्न भागों में इन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है. यह एक छतरी जाति (Umbrella Caste) या […]

Ranjeet Bhartiya 27/10/2022

पुराण शब्द का शाब्दिक अर्थ है- “प्राचीन, पुराना”. पुराण भारतीय साहित्य का एक विशाल संग्रह है जो कि किंवदंतियों और पारंपरिक लोककथाओं जैसे विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करता है. पुराणों के माध्यम से हमें प्रारंभिक काल के ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में भी पता चलता है. यहां हम चमार पुराण के बारे में […]

Ranjeet Bhartiya 24/10/2022

दलित समुदाय भारत की आबादी का लगभग 17% है. भारत के अलावा नेपाल में भी इनकी आबादी है. भारत की बात करें तो दलितों में चमार जाति संख्या के मामले में सबसे प्रमुख है और इसलिए राजनीतिक रूप से सबसे शक्तिशाली है. परंपरागत रूप से चमड़े के काम में शामिल यह समुदाय भारत में व्यापक […]

Ranjeet Bhartiya 23/10/2022

सामाजिक स्तरीकरण मानव सभ्यता का अभिन्न अंग रहा है. ऐसे कई कारक हैं जिन पर सामाजिक स्तरीकरण किया जाता है और लोगों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है. भारत में जाति व्यवस्था सबसे पुरानी जीवित सामाजिक स्तरीकरण प्रणाली है जिसके तहत लोगों को विभिन्न जातियों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और […]