Religion

Sarvan Kumar 22/10/2022

भारत में कई समुदाय और हजारों जातियां निवास करती हैं. विभिन्न जातियों के अपने-अपने पूज्य पुरुष होते हैं जिन्हें गुरु कहा जाता है. उदाहरण के लिए, वाल्मीकि समाज के लोग महर्षि वाल्मीकि को अपना गुरु मानते हैं जिन्होंने आदि धर्म ग्रंथ, संस्कृत महाकाव्य रामायण की रचना की थी. इसी तरह, गुरु जम्भेश्वर को बिश्नोई समाज […]

Ranjeet Bhartiya 21/10/2022

शब्दों की दुनिया बहुत ही रोचक और अनोखी है. शब्दों को ब्रह्मांड में सबसे शक्तिशाली चीज माना जाता है. इतिहास के रहस्य शब्दों में छिपे हैं. शब्द समय के साथ यात्रा करते हैं और कई परिवर्तनों से गुजरते हैं, लेकिन उनका महत्व बरकरार रहता है. शब्दों के वर्तमान रूप भी किसी न किसी तरह से […]

Sarvan Kumar 11/10/2022

बुन्देलखण्ड मध्य भारत का एक प्राचीन क्षेत्र है। इसका प्राचीन नाम जेजाकभुक्ति है। इसका विस्तार उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में है. मध्यप्रदेश से दतिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह और पन्ना जिला शामिल है। वहीं उत्तरप्रदेश से झांसी, बांदा, ललितपुर, हमीरपुर, जालौन, महोबा और चित्रकूट शामिल है. वीरों की धरती कहे जाने वाले बुंदेलखंड में […]

Ranjeet Bhartiya 06/10/2022

रामायण केवल एक कहानी नहीं है जो बहुत समय पहले घटी थी; यह भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि है. आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरी दुनिया में 300 से भी ज्यादा प्रकार के रामायण उपलब्ध हैं. इनमें से कुछ अधिक लोकप्रिय हैं, जिनके बारे में सभी जानते हैं, लेकिन अधिकांश के बारे में आम जनमानस […]

Ranjeet Bhartiya 05/10/2022

काशी के एक चर्मकार परिवार में जन्मे संत रविदास एक महान संत और कवि थे. अपने विनीत स्वभाव और उदार विचारों के लिए प्रसिद्ध रविदास जी ने भारतीय समाज में फैले कुरीतियों को बहुत नजदीक से देखा और समझा. वह समतामूलक समाज के समर्थक थे. जिस तरह से प्राचीन काल में महात्मा बुद्ध ने ब्राह्मणवाद […]

Ranjeet Bhartiya 04/10/2022

संतों की संगति से हमें अनेक लाभ मिलते हैं. उनके उपदेश और प्रवचन व्यक्ति और समाज के व्यापक मन से गंदगी, कड़वाहट और नकारात्मकता को दूर करते हैं और अंतःकरण को शुद्ध करते हैं. ऐसे ही एक महान संत थे रविदास जी, जिन्होंने अपनी शिक्षाओं, दोहों के माध्यम से व्यक्ति और समाज को सामाजिक बुराइयों, […]

Ranjeet Bhartiya 03/10/2022

हम अपनी बोलचाल में अनेक प्रकार की कहावतों और लोकोक्तियों का प्रयोग करते हैं. इससे हमारी भाषा रोचक बनती है तथा जटिल मनोभावों को व्यक्त करने में आसानी हो जाती है. ऐसी ही एक कहावत है- “मन चंगा तो कठोती में गंगा”. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. मन चंगा तो कठोती में […]

Ranjeet Bhartiya 02/10/2022

भारत साधु-संतों की भूमि है. संत अपार ज्ञान का भंडार होते हैं. उनके संगति से हमारी प्रवृत्ति सदाचार की ओर अग्रसर होती है. जब-जब समाज अज्ञान के अंधकार में डूबा, हमारे संतो ने अपने ज्ञान से समाज को प्रकाशित करने का कार्य किया. जब-जब समाज में कुरीतियों का बोलबाला हुआ, संतो ने अपने प्रवचन और […]

Ranjeet Bhartiya 30/09/2022

प्राचीन ग्रंथों में किसी को वश में करने और अपना काम कराने के लिए कई प्रकार के उपायों का वर्णन किया गया है. इसी क्रम में आइए जानते हैं कि पासवान (दुसाध) को कैसे नियंत्रित करते हैं, यानी पासवान को काबू में करने के उपायों के बारे में जानते हैं. पासवान को काबू में कैसे […]

Ranjeet Bhartiya 29/09/2022

दुसाध (Dusadh) भारत में निवास करने वाली एक प्राचीन जाति है. यह मुख्य रूप से पूर्वी और उत्तर भारत में निवास करते हैं. बिहार में इनकी उल्लेखनीय आबादी है जहां यह राजनीतिक रूप से काफी मजबूत माने जाते हैं. साथ ही बिहार के पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी इनकी आबादी है. अन्य […]

Ranjeet Bhartiya 24/09/2022

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भारत आज भी जातिगत भेदभाव और छुआछूत जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. जातिवादी मानसिकता भारत के विकास में सबसे बड़ी रुकावट है. जातिवाद और छुआछूत सभ्य समाज के माथे पर एक कलंक है. जातिवाद के कारण इंसान के प्रति ना केवल असंवेदनशील बन जाता है,‌ […]

Ranjeet Bhartiya 21/09/2022

बनिया शब्द का उपयोग वैश्यों की सामाजिक-सांस्कृतिक वर्ग को संदर्भित करने के लिए किया जाता है, जो पुजारियों /विद्वानों (ब्राह्मणों),  योद्धाओं /शासकों (क्षत्रिय) के बाद और मजदूर/ वर्ग (शूद्रों) के ऊपर, तीसरे स्थान पर आते हैं. वैश्य एक वर्ग का गठन करते हैं जो विभिन्न जातियों द्वारा निर्मित है. मोढ बनिया/मोध वाणिक वैश्य समुदाय के […]

Ranjeet Bhartiya 20/09/2022

बनिया शब्द का प्रयोग व्यापक रूप से भारत के पारंपरिक व्यापारिक जातियों या बिजनेस समुदाय के सदस्यों लिए किया जाता है. इस प्रकार इस शब्द का प्रयोग व्यापारी, दुकानदार, साहूकार और बैंकर आदि के लिए किया जाता है. आइए जानते हैं बनिया कितने प्रकार के होते हैं? बनिया कितने प्रकार के होते हैं मनुष्य के […]

Ranjeet Bhartiya 19/09/2022

बनिया भारत में निवास करने वाला एक महत्वपूर्ण समुदाय हैं जिसे अपने तीक्ष्ण व्यापारिक कौशल के कारण व्यापार और वाणिज्य के क्षेत्र में महारत हासिल है. बनिया समुदाय ने पिछले 3000 साल  से भी अधिक समय से भारत की आर्थिक शक्ति को आगे बढ़ाया है, और आज भी इसे जारी रखे हुए हैं. बनिया समूह […]

Ranjeet Bhartiya 17/09/2022

भारत के उत्थान में और राष्ट्र निर्माण में वैश्य समाज का बड़ा योगदान है. दानवीर भामाशाह ने मातृभूमि के मान सम्मान के लिए अपनी सारी संपदा लुटा दी थी. ‘वैश्य’ शब्द बहुत व्यापक है और इसमें अग्रवाल, माहेश्वरी, खंडेलवाल, ओसवाल, जायसवाल और महाजन जैसे कई व्यापारिक समुदाय शामिल हैं. महावर वैश्य बनिया समुदाय की एक […]