Religion

Sarvan Kumar 28/09/2021

ब्राह्मण ( Brahamin) जाति काफी विकसित और बुद्धिमान मानी जाती है। समाज में इन्हे उच्च जाति का दर्जा प्राप्त है।  ब्राह्मण  जाति का इतिहास  काफी गौरवशाली है। लोग अपने आपको ब्राह्मण कहने पर फख्र महसूस करते हैं। अब सवाल उठता है कि क्या कोई भी ब्राह्मण( Brahaman) बन सकता है या ये  जन्म के आधार […]

Ranjeet Bhartiya 28/09/2021

जाट मूल रूप से उत्तर भारत और पाकिस्तान में पाया जाने वाला पारंपरिक रूप से कृषकों का एक जाति समुदाय है. इनका इतिहास स्वर्णिम और प्राचीन है. यह एक आदिकालीन प्राचीनतम क्षत्रिय वर्ग है. यह शारीरिक रूप से मजबूत और आकर्षक तथा स्वभाव से उत्साही, मेहनती, बेवाक, अकखड़, स्पष्टवादी, साहसी और दबंग होते हैं. जाट […]

Ranjeet Bhartiya 28/09/2021

भारत में जाटों के अतिरिक्त ऐसी कोई दूसरी जाति नहीं है जो कृषि, पशुपालन, व्यवसाय, खेल और युद्ध आदि प्रवृत्तियों में समान रूप से सक्षम और प्रतिभा-संपन्न हो. आइए जानते हैं जाट खिलाड़ियों के नाम और जाट समाज के प्रसिद्ध व्यक्ति । जाट समाज के प्रसिद्ध व्यक्ति जाट समाज ने एक से एक महान विभूतियों […]

Ranjeet Bhartiya 24/09/2021

सैनी उत्तर भारत में पाई जाने वाली एक क्षत्रिय जाति है. सैनी जाति का इतिहास गौरवशाली, महान और प्राचीन है. स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता मिलने के बाद देश के निर्माण में सैनी समाज का योगदान सराहनीय रहा है. यह परंपरागत रूप से जमींदार और किसान थे.  एक वैधानिक कृषि जनजाति और एक निर्दिष्ट मार्शल रेस […]

Sarvan Kumar 15/09/2021

माली हिंदुओं में पाई जाने वाली एक व्यवसायिक जाति है. यह पारंपरिक रूप से बागवानी, फूल उगाने तथा कृषि का कार्य करते हैं. माली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द “माला” से हुई है. फूल उगाने के अपने व्यवसाय के कारण इन्हें “फूलमाली” भी कहा जाता है. माली जाति के गौरवशाली इतिहास को इस बात […]

Sarvan Kumar 09/09/2021

वैश्य हिंदू वर्ण व्यवस्था के चार वर्णों में से एक है। वैश्य हिन्दू जाति व्यवस्था के अंतर्गत वर्णाश्रम का तृतीय एवं महत्त्वपूर्ण स्तंभ है। वैश्य वर्ण में कई जाति या उप-जातियाँ होतीहैं, जिनमे विशेष रूप से अग्रहरि, अग्रवाल, बार्नवाल, गहौइस, कसौधन, महेश्वरी, खांडेलवाल, महावार, लोहानस, ओसवाल, रौनियार, आर्य वैश्य आदि है। अग्रेयवंशी क्षत्रिय ही वर्तमान […]

Sarvan Kumar 05/09/2021

किसान यानि अन्नदाता, इंसान कितना भी पैसा कमा ले पर वह भोजन बिना तो नहीं रह सकता।  पूरी दुनिया का पेट भरने वाला किसान ही तो है । हम कह सकते हैं की किसान बिना यह दुनिया तो चल ही नहीं सकता। कुर्मी (Kurmi)  जाति देश की कृषक जाति की प्रतिनिधि है। ज्यादातर कुर्मी उत्तरी भारत […]

Sarvan Kumar 04/09/2021

हिन्दू नववर्ष भारतीयों का असली नया साल है,अंग्रेजी कैलेंडर के प्रचलन के बावजूद भारतीयों के जिंदगी से हिंदू कैलेंडर पूरी तरह निकल नही पाया है क्योंकि सारे पावन त्यौहार हिंदी कैलेंडर से तैयार तिथि के अनुसार ही मनाया जाता है. हिंदू शादी विवाह हिंदू पंचांग के अनुसार ही करते हैं. आइए जानते  हैं हिंदू नववर्ष […]

Sarvan Kumar 21/08/2021

नाई जाति को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। नाई समाज का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। प्राचिन भारत में नाई ब्राह्मण वर्ण में आते हैं। प्रत्येक क्षेत्र में नाई के लिए एक अलग नाम है। आइए जानते हैं अलग-अलग राज्यों मेंं  Nai surname list। नाई […]

Sarvan Kumar 20/08/2021

आज हम यही समझते हैं की नाई मतलब हजाम (Barber), यानि बाल काटने वाला लेकिन ऐसा नहीं है। नाई समाज का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। प्राचिन भारत में नाई ब्राह्मण वर्ण में आते थे और इनका काम सिर्फ बाल काटना ही नही बल्कि इससे कहीं ज्यादा और था। आइए जानते है नाई जाति का […]

Sarvan Kumar 06/08/2021

पासवान, दुसाध समुदाय के सदस्यों का उपनाम है। पासवान (दुसाध) भारत के अन्य राज्यों के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल राज्यों में पाई जाती है। पासवान जाति भारत की अनुसूचित जाति से संबंधित है। आइए जाानते हैैं दुसाध जाति का इतिहास। पासवानों की उत्पति कैसे हुई? दुसाध जाति का इतिहास दोसाध, […]

Sarvan Kumar 18/07/2021

यादव कौन है यादव शब्द का प्रयोग परंपरागत रूप से किसान-चरवाहे समूह और जातियों के लिए किया जाता है. 19वीं और 20वीं शताब्दी के बाद एक सामाजिक और राजनीतिक पुनरुत्थान आंदोलन के तहत यह खुद को प्रतापी पौराणिक राजा यदु के वंशज होने का दावा करते हैं. यादव की उत्पत्ति और इतिहास राजा यदु का […]

Sarvan Kumar 15/07/2021

चमार भारतीय उपमहाद्वीप (Indian Subcontinent) में पाया जाने वाला एक दलित समुदाय है. दलित का अर्थ होता है-जिन्हें दबाया गया हो, प्रताड़ित किया गया हो, शोषित किया गया हो या जिनका अधिकार छीना गया हो. ऐतिहासिक रूप से इन्हें जातिगत भेदभाव और छुआछूत का दंश भी झेलना पड़ा है. इसीलिए आधुनिक भारत के सकारात्मक भेदभाव […]

Sarvan Kumar 30/01/2021

आप अगर मुस्लिम धर्म मानते हैं तो आपको कुरान के अनुसार चलना होगा। आप ईसाई हैं तो आपको बाइबिल का अनुसरण  करना होगा। ऐसे में अगर हम हिन्दू हैं तो हमें किस ग्रंथ के अनुसार चलना होगा इस सवाल का जवाब देना कठिन हो जाता है। होता यह है कि अगर हम भगवान विष्णु, शंकर, […]

Sarvan Kumar 16/01/2021

हिन्दू धर्म दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है। आज हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग 90 करोड़ से भी ऊपर हैं। दुनिया में कई धर्म है जैसे क्रिसचन, मुस्लिम, बौद्ध, जैन, सिक्ख इत्यादि।अगर आपसे कोई पूछे की क्रिसचन या मुस्लिम, बौद्ध और दूसरे धर्म कितना पुराना है तो आप तुरंत उसका उत्तर दे देंगे। […]