India

Sarvan Kumar 14/10/2022

चमार अनुसूचित जाति श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत एक दलित समुदाय है. चमार जाति समूह में 150 से अधिक जातियों/उपजातियां शामिल हैं, जैसे कि आदिधर्मी, चमार, चामड़, जाटव, रैदासी, रविदासी, मोची, रैगर, आदि. इनके उपनामों में भी बड़ी विविधता देखी गई है. आइए जानते हैं चमार जाति के उपनाम के बारे में. चमार जाति के उपनाम पेशे, […]

Ranjeet Bhartiya 13/10/2022

चमार (Chamar) भारत की प्रमुख व्यावसायिक जातियों में से एक हैं. इन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. परंपरागत रूप से यह चमड़े के काम (leather work) से जुड़े रहे हैं. हालांकि यह पूरे भारत में पाए जाते हैं, लेकिन उत्तर भारत में इनकी संख्या अधिक है. आइए जानते हैं भारत में […]

Ranjeet Bhartiya 28/09/2022

भारत में सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) का एक अनोखा रूप पाया जाता है, जिसे जाति व्यवस्था (Caste System) के नाम से जाना जाता है. भारत में हजारों जातियां निवास करती हैं. ऐसी हीं एक जाति है –पासवान (दुसाध), जिसकी वर्तमान में भारत के कई राज्यों में उपस्थिति है, लेकिन मुख्य रूप से इनका निवास स्थान […]

Ranjeet Bhartiya 22/09/2022

चिराग पासवान (Chirag Paswan) एक भारतीय राजनीतिज्ञ, पूर्व अभिनेता और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष हैं. पासवान दुसाध जाति से आते हैं. बिहार में दुसाध समुदाय (Dusadh) की अच्छी खासी आबादी है और इसे राजनीतिक रूप से अत्यंत ही प्रभावशाली माना जाता है. चिराग पासवान की छवि एक आक्रामक और महत्वाकांक्षी नेता के रूप […]

Sarvan Kumar 01/08/2022

Delhi में घुमने के लिए कई Picnic Spots हैं, जहां आप अपने परिवार और बच्चों के साथ छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं। एक ऐसे ही मशहूर Picnic Spot है वेस्ट टू वंडर थीम पार्क जो Sarai Kale Khan, New Delhi में स्थित है। इस पार्क को बनाने का विचार South Delhi Municipal Commissioner, Dr. […]

Ranjeet Bhartiya 12/06/2022

आमेर रियासत का संबंध कछवाहा राजवंश से है. आमेर/जयपुर इंडिया कंपनी के शासन के दौरान और उसके बाद ब्रिटिश राज के तहत भारत में एक प्रसिद्ध रियासत थी. कछवाहा राजवंश की स्थापना दूल्हे राय (तेजकरण) ने 1137 ई. में किया था. कछवाहा वंश में अनेक प्रसिद्ध शासक हुए. स्वतंत्रता के बाद जयपुर रियासत भारत में […]

Ranjeet Bhartiya 11/06/2022

राजधानी किसी राज्य के राज्य का शासन केंद्र होता है. आइए जानते हैं कछवाहा वंश के राजधानियों के बारे में- राजस्थान के उत्तर पूर्व में कभी ढूंढ नाम की नदी बहा करती थी. यही कारण है कि जयपुर-सीकर के आसपास के क्षेत्र को ढूंढाड़ प्रदेश के नाम से जाना जाता है. ढूंढाड़ प्रदेश पर कछवाहा राजवंश […]

Ranjeet Bhartiya 10/06/2022

भगवान विष्णु के अवतार और अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र के पुत्र कुश के वंशज नरवर के राजा सोढ़ा सिंह के पुत्र दूल्हे राय ने 1137 ईस्वी में तत्कालीन ढूंढाड़ प्रदेश (रामगढ़) में मीणाओं को हराकर तथा बाद में दौसा के बड़गुर्जरों को पराजित करके कछवाहा राजवंश की स्थापना की थी. दौसा को कछवाहा राजवंश […]

Sarvan Kumar 09/06/2022

जयपुर के शासकों का संबंध महान कछवाहा राजपूत वंश से है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, यह भगवान विष्णु के अवतार और अयोध्या के राजा श्री राम और माता सीता के जुड़वा पुत्रों में से एक कुश के वंशज हैं. जयपुर राज्य को पहले ढूंढाड़ (दौसा) या आमेर के नाम से जाना जाता था. ढूंढाड़ राज्य […]

Sarvan Kumar 18/05/2022

भारत में केंद्र में अब तक कौन-कौन सी गठबंधन सरकार बनी है उनकी मुख्य उपलब्धियां और कमियां क्या हैं? भारत में गठबंधन सरकारों का इतिहास पुराना है. अगर केंद्र सरकार की बात करें तो भारत में गठबंधन सरकार की घटना सबसे पहले 1977 में सामने आई. 1977 से वर्तमान तक, केंद्र में कई गठबंधन सरकारें […]

Ranjeet Bhartiya 16/05/2022

जब किसी आम चुनाव में किसी अकेले दल को साफ़ बहुमत नहीं मिलता, तब दल या तो संसदीय बहुमत के समर्थन से गठबन्धन कैबिनेट बनाते हैं, जिसमें एक या अनेक दल हो सकते हैं. भारतीय राजनीति में सर्वप्रथम 1977 के चुनाव के दौरान गठबंधन की घटना सामने आई थी. आइए जानते हैं गठबंधन सरकार के […]

Ranjeet Bhartiya 11/05/2022

भारत की पहली लोकसभा का गठन 17 अप्रैल 1952 को हुआ था. स्वतंत्रता के बाद भारत की पहली संसद संविधान सभा (Constituent Assembly) थी जिसका गठन देश के लिए एक संविधान बनाने के उद्देश्य से किया गया था. संविधान सभा को भारत के लिए एक संविधान का मसौदा (Draft) तैयार करने में लगभग तीन साल […]

Ranjeet Bhartiya 19/04/2022

दिल्ली में स्थित हुमायूं का मकबरा (Humayun’s Tomb) ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण मकबरा है. 1570 में निर्मित इस मकबरे का विशेष सांस्कृतिक महत्व है, क्योंकि यह भारतीय उपमहाद्वीप का पहला  उद्यान-मकबरा (garden-tomb) था. पुरातत्व और वास्तुकला के जानकारों का मानना है कि इस मकबरे ने कई वास्तुशिल्प नवाचारों को प्रेरित किया, जिसकी परिणति ताजमहल […]

Ranjeet Bhartiya 23/03/2022

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका थी. मुख्यधारा के इतिहासकारों द्वारा नजरअंदाज किए जाने के कारण ऐसे कई गांव हैं जिनका जिक्र इतिहास के किताबों में नहीं मिलता. इसके कारण हम में से अधिकांश लोग ऐसे कई गांवों के ऐतिहासिक महत्व से अनजान हैं. इस क्रम में जानते हैं बघेलखंड में स्थित […]

Ranjeet Bhartiya 07/02/2022

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और अंग्रेजों के बीच एक निर्णायक युद्ध हुआ. इस युद्ध में झांसी की हार हुई. रानी की हार का एक मुख्य कारण यह था कि अंदरूनी लोगों ने उन्हें धोखा दिया और किले का संरक्षित दरवाजा खोल दिया था. आइए जानते हैं झांसी के […]