Religion

Sarvan Kumar 10/02/2023

तुलसीदास द्वारा रचित “रामचरित मानस” में लिखी गई चौपाई; “ढोल गंवार शूद्र पशु और नारी सब ताड़ना के अधिकारी” पर संग्राम जारी है. समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के ब्यान के बाद वाद -विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. चौपाई के विरोध करने वालों का तर्क यह है कि ताड़ना का अर्थ […]

Sarvan Kumar 29/01/2023

ऋग्वेद के सूक्तों के पुरुष रचियताओं में गृत्समद, विश्वामित्र, वामदेव, अत्रि, भारद्वाज, वशिष्ठ आदि प्रमुख हैं। सूक्तों के स्त्री रचयिताओं में लोपामुद्रा, घोषा, शची, कांक्षावृत्ति, पौलोमी आदि प्रमुख हैं। वेदों में किसी प्रकार की मिलावट न हो इसके लिए ऋषियों ने शब्दों तथा अक्षरों को गिन कर लिख दिया था। कात्यायन प्रभृति ऋषियों की अनुक्रमणी […]

Sarvan Kumar 23/01/2023

ऋग्वेद (Rigveda) संसार में सबसे प्राचीन पुस्तक है। इसके रचनाकाल के विषय में इतिहासकार पूर्णत: असहमत हैं। कुछ लोग इसका रचना-काल 1000 ई०पू० के लगभग बताते हैं। कुछ विद्वान इसकी तिथि 3000 और 2500 ई०पू० के लगभग बताते हैं। कुछ विद्वान इसकी तिथि 3000 और 2500 ई०पू० के मध्य निश्चित करते हैं। आइए जानते हैं, […]

Sarvan Kumar 16/01/2023

वेद के बारे में आप ऐसे समझ सकते है, की एक किताब जिसमें सब कुछ है. सब कुछ यानि विज्ञान, गणित ,इतिहास, ब्रह्मांड, चिकित्सा भूगोलरीति-रिवाज, धर्म, ईश्वर , देवता और भी बहुत कुछ। दुनिया की सबसे पुरानी किताब जिसे पढ़कर आप महापंडित ( Brahmin) बन जाते हैं. यहां ब्राह्मण का मतलब जाति से बिल्कुल भी […]

Sarvan Kumar 13/01/2023

वेद – विज्ञान से काफी आगे (भाग- 1) वेद क्या है, इसमें क्या लिखा है, क्या यह एक सिर्फ हिन्दू धार्मिक ग्रंथ है. ये सारे प्रश्न हमारे दिमाग में चलते रहते हैं और इसका सटीक जवाब हमें नहीं मिलता है. वेद एक ही था और इसको आसानी से समझने के लिए इसे चार भागों में […]

Ranjeet Bhartiya 28/12/2022

भारत का हिंदू समाज हजारों जातियों में विभाजित है. प्रत्येक जाति की अपने इतिहास और उत्पत्ति की एक अनूठी कहानी है. इसलिए जातियों के इतिहास और उत्पत्ति को जानना न केवल इतिहासकारों और समाजशास्त्रियों के लिए बल्कि आम लोगों के लिए भी एक बहुत ही रोचक विषय रहा है. हिंदू जातियों की उत्पत्ति के बारे में […]

Ranjeet Bhartiya 28/12/2022

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य है जो अपने ऐतिहासिक महत्व और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है. परंपराओं, धर्मों, प्रथाओं, रीति-रिवाजों और जातीयताओं के मामले काफी विविधता है इसीलिए इसे रंग बिरंगा राज्य भी कहा जाता है. राजस्थान जातीय रूप से भी एक विविध राज्य है जहां बड़ी संख्या […]

Ranjeet Bhartiya 25/12/2022

हरियाणा उत्तरी भारत में स्थित एक महत्वपूर्ण राज्य है. हरियाणा की वैदिक भूमि भारतीय संस्कृति और सभ्यता के उद्गम स्थल होने का गौरव प्राप्त है. राज्य में विभिन्न धर्मों के लोग निवास करते हैं. राज्य में हिंदुओं की कई महत्वपूर्ण जातियां निवास करती हैं. राज्य में सैनी जाति की महत्वपूर्ण आबादी है. आइए इसी क्रम […]

Sarvan Kumar 23/12/2022

फर्निचर, घरेलू उपकरण इत्यादि जो कि लकड़ी के सहायता से बनाई जाती है के बिना हमारा जीवन इतना आरामदायक कभी नही हो पाता. प्लास्टिक और धातुओं के खोज के कारण भले ही लकड़ी से बने समानों की उपयोगिता कमी आयी है पर इसका महत्व समाज में हमेशा बना रहेगा. विज्ञान के दृष्टिकोण से देखें तो […]

Ranjeet Bhartiya 22/12/2022

हिंदू धर्म में गोत्र का विशेष महत्व है. गोत्र से किसी व्यक्ति के वंश का पता चलता है. व्यक्ति का गोत्र जन्म के समय निर्धारित होता है. गोत्र के बारे में पूछताछ करना हिंदू विवाहों में एक आम बात है. सामान्यतः एक ही गोत्र में विवाह की अनुमति नहीं है. इसी क्रम में आइए जानते […]

Ranjeet Bhartiya 05/12/2022

ब्राह्मण एक वर्ण के साथ-साथ हिंदू समाज के भीतर एक जाति है. ब्राह्मण समुदाय कई उप-जातियों या उपसमूहों में विभाजित है जैसे कान्यकुब्ज ब्राह्मण, सारस्वत ब्राह्मण, मैथिल ब्राह्मण, कोटा ब्राह्मण आदि. इन समूहों में मूलभूत समानताएँ हैं, हालाँकि वे कुछ मापदंडों पर एक या दूसरे से भिन्न भी हैं. आइए इसी क्रम में जानते हैं […]

Ranjeet Bhartiya 02/12/2022

विवाह मानव समाज में और विशेष रूप से भारत सहित पूर्वी देशों में एक महत्वपूर्ण संस्था है. भारत में, तेजी से शहरीकरण और छोटे परिवारों के प्रसार के बावजूद समुदाय आधारित विवाह और समान जाति विवाह प्रचलित हैं. विविधताओं से भरे देश भारत में शादी-विवाह की परंपराओं और प्रथाओं में कई भिन्नताएं हैं. आइए इसी […]

Ranjeet Bhartiya 30/11/2022

भारतीय समाज की सामाजिक संरचना में जातियों का विशेष महत्व है. भारत में हजारों जातियां निवास करती हैं जो विभिन्न मापदंडों पर एक दूसरे से भिन्न हैं. कुछ जातियां ऐसी भी होती हैं जिनमें काफी समानताएं होती हैं. उदाहरण के लिए त्यागी और भूमिहार. यहां हम इन दोनों जातियों की समानता का उल्लेख करते हुए, […]

Ranjeet Bhartiya 27/11/2022

बिहार में जाति आधारित हिंसा (Caste based violence) का एक लंबा इतिहास रहा है. यह जाति संघर्ष मुख्य रूप से गरीब और भूमिहीन निचली जातियों (Lower Castes) तथा अगड़ी जातियों  (Forward Castes) के बीच होता आया है, जिनका परंपरागत रूप से भूमि के विशाल हिस्से पर नियंत्रण रहा है. लेकिन ऐसे कई मौके भी आए […]

Ranjeet Bhartiya 19/11/2022

भारतीय हिन्दू समाज की सामाजिक संरचना जातियों पर आधारित है. वैवाहिक संबंध की दृष्टि से वंश, कुल, गोत, खाप, गोत्र, कुरी आदि महत्वपूर्ण इकाईयाँ है. गोत्र, एक जाति के भीतर वंश खंड है जो एक सामान्य पौराणिक पूर्वज से सदस्यों के वंश के आधार पर अंतर्विवाह पर रोक लगाता है. आइए इसी क्रम में जानते हैं […]